1050 फीट गहरे बोरवेल में गिरा मासूम, ऊपर सांसें थामे खड़ा है परिवार, फलोदी में बच्चे को बचाने का जंग जारी

Last Updated:October 16, 2026, 06:31 IST
Phalodi Borewell Incident:राजस्थान के फलोदी जिले की नौसर ग्राम पंचायत के पूनियों की ढाणी में बोरवेल में गिरे मासूम भोमाराम को बाहर निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है. गुरुवार, 15 अक्टूबर को पांचाराम भील के खेत में नलकूप की मरम्मत के दौरान 9 वर्षीय बच्चा खुले बोरवेल में गिर गया था. बोरवेल की गहराई करीब 1050 फीट बताई जा रही है, जबकि बच्चा लगभग 605 से 640 फीट की गहराई पर फंसा हुआ है. जिला कलेक्टर अंकित कुमार सिंह और एसपी आदित्य काकड़े मौके पर पहुंचकर अभियान की निगरानी कर रहे हैं. एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और सिविल डिफेंस की टीमें बच्चे को सुरक्षित बाहर निकालने में जुटी हैं. बोरवेल के भीतर कैमरे से निगरानी की जा रही है और बच्चे तक लगातार ऑक्सीजन पहुंचाई जा रही है. अंधेरे के कारण मौके पर रोशनी की व्यवस्था भी की गई है.फलोदी जिले की नौसर ग्राम पंचायत के पूनियों की ढाणी में बोरवेल में गिरे मासूम भोमाराम को बाहर निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
जोधपुर. राजस्थान के फलोदी जिले में बोरवेल में गिरे मासूम भोमाराम को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है. लोहावट पंचायत समिति क्षेत्र की ग्राम पंचायत नौसर के पूनियों की ढाणी में 15 अक्टूबर को यह हादसा हुआ. खेत में खुले बोरवेल में गिरा बालक कई घंटे बाद भी बाहर नहीं निकाला जा सका है. मौके पर जिला कलेक्टर अंकित कुमार सिंह और एसपी आदित्य काकड़े पहुंचकर बचाव अभियान की निगरानी कर रहे हैं. एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और सिविल डिफेंस की टीमें बच्चे को बाहर निकालने के प्रयास में जुटी हैं. बोरवेल के भीतर कैमरे की मदद से बच्चे की स्थिति पर नजर रखी जा रही है और उसे ऑक्सीजन पहुंचाई जा रही है. अंधेरा होने के कारण घटनास्थल पर रोशनी की व्यवस्था भी की गई है.
बताया जा रहा है कि हादसा पांचाराम भील के खेत में हुआ. खेत में लगा नलकूप खराब होने के कारण उसकी मरम्मत का काम चल रहा था. इसके लिए बोरिंग मशीन की मदद से पाइप निकाले जा रहे थे. इसी दौरान पास में मौजूद भोमाराम अचानक खुले बोरवेल में गिर गया. बच्चे के गिरते ही मौके पर अफरा-तफरी मच गई. परिजनों की चीख-पुकार सुनकर ग्रामीण भी घटनास्थल पर पहुंचने लगे. सूचना मिलने पर मतौड़ा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और बचाव अभियान शुरू कराया गया. भोमाराम अपने माता-पिता का इकलौता बेटा बताया जा रहा है.
करीब 1050 फीट गहरा है बोरवेल
बोरवेल की कुल गहराई करीब 1050 फीट है. बच्चा लगभग 605 से 640 फीट की गहराई पर फंसा हुआ बताया जा रहा है. अलग-अलग अपडेट में उसकी गहराई को लेकर अंतर सामने आया है. संकरे बोरवेल में बच्चे तक पहुंचना बचाव दल के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है. कैमरे की मदद से उसकी स्थिति का पता लगाने की कोशिश की जा रही है. कैमरे में बच्चे के शरीर में हलचल दिखाई देने की जानकारी भी सामने आई है.
ऑक्सीजन पहुंचाने के साथ बचाव अभियान जारी
बोरवेल में फंसे बच्चे को सांस लेने में परेशानी न हो, इसके लिए लगातार ऑक्सीजन पहुंचाई जा रही है. एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमें बच्चे को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए प्रयास कर रही है. जोधपुर से पहुंची एसडीआरएफ की टीम भी अभियान में जुटी हुई है. मौके पर सिविल डिफेंस, पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौजूद हैं. अंधेरा होने के बाद रेस्क्यू ऑपरेशन में बाधा न आए, इसके लिए लाइटिंग की व्यवस्था की गई है. प्रशासन कैमरे के जरिए बच्चे की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है.
कलेक्टर और एसपी कर रहे मॉनिटरिंग
घटना की गंभीरता को देखते हुए जिला कलेक्टर अंकित कुमार सिंह और एसपी आदित्य काकड़े मौके पर पहुंचे. दोनों अधिकारी रेस्क्यू ऑपरेशन की प्रगति पर नजर रख रहे हैं. मौके पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जुटी हुई है और सभी को बच्चे के सुरक्षित बाहर आने का इंतजार है. मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत भी बचाव अभियान पर नजर बनाए हुए बताए जा रहे हैं. फिलहाल, प्रशासन और बचाव दल की प्राथमिकता भोमाराम को सुरक्षित बाहर निकालना है. बोरवेल की गहराई और उसका संकरा रास्ता अभियान को चुनौतीपूर्ण बना रहे हैं. बच्चे की स्थिति और उसे बाहर निकालने की प्रक्रिया को लेकर आगे के आधिकारिक अपडेट का इंतजार है.
About the Authorदीप रंजन सिंह Content Producer
दीपरंजन सिंह लगभग एक दशक से पत्रकारिता के फिल्ड से जुड़े हुए हैं. वह अभी न्यूज18 हिंदी के राजस्थान डिजिटल डेस्क से जुड़े हैं, जहां वे बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. पिछले लगभग एक दशक से सक्रिय पत…
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Jodhpur,Rajasthan
First Published :
October 16, 2026, 06:31 IST



