जोधपुर बोरवेल हादसा : 27 घंटे बाद भी मासूम को नहीं निकाला जा सका बाहर,अब लोहे के सरियों का जाल बनाकर किया जा रहा नया जुगाड़

Last Updated:October 16, 2026, 16:53 IST
Phalodi Borewell Accident: फलोदी के लोहावट क्षेत्र में 1050 फीट गहरे बोरवेल में फंसे 9 वर्षीय भोमाराम को 27 घंटे बाद भी बाहर नहीं निकाला जा सका है. करीब 640 फीट की गहराई पर फंसे मासूम के रेस्क्यू में पत्थर और पानी बड़ी बाधा बन रहे हैं. कैमरे में बच्चे की हलचल दिखना बंद होने से चिंता बढ़ गई है, देसी एक्सपर्ट माधाराम की टीम बच्चे को सुरक्षित निकालने में जुटी है.640 फीट नीचे फंसा 9 साल का भोमाराम
जोधपुर. फलोदी के लोहावट क्षेत्र में बोरवेल में गिरे 9 वर्षीय भोमाराम को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार जारी है. गुरुवार दोपहर करीब 12 बजे पूनिया की ढाणी में हुए इस दर्दनाक हादसे के बाद से ही मासूम को बचाने के प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन 27 घंटे से अधिक समय बीतने के बाद भी उसे बाहर नहीं निकाला जा सका है. बोरवेल में फंसे बच्चे के ऊपर पत्थर आ जाने से रेस्क्यू टीम की मुश्किलें और बढ़ गई हैं. वहीं, बोरवेल में पानी भरने और कैमरे में बच्चे की हलचल दिखाई नहीं देने से परिजनों की चिंता बढ़ गई है.
जानकारी के अनुसार, भोमाराम 1050 फीट गहरे बोरवेल में गिर गया था. रेस्क्यू टीम के मुताबिक, बच्चा करीब 640 फीट की गहराई पर फंसा हुआ है. हादसे की सूचना मिलने के बाद से ही उसे बाहर निकालने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं. बचाव अभियान के दौरान बोरवेल में कैमरा डालकर बच्चे की स्थिति पर नजर रखने की कोशिश की गई, लेकिन करीब 30 फीट की गहराई पर कैमरा फंस गया. शुक्रवार को कैमरे में बच्चे की हलचल भी दिखाई देना बंद हो गई, जिससे उसकी मौजूदा स्थिति को लेकर चिंता बढ़ गई है.
पानी भरने से बढ़ी रेस्क्यू टीम की मुश्किलें
लगातार चल रहे बचाव अभियान के बीच बोरवेल में पानी भरना भी शुरू हो गया है, इससे रेस्क्यू ऑपरेशन में अतिरिक्त चुनौती पैदा हो गई है. कैमरा फंसने के कारण बच्चे की स्थिति स्पष्ट नहीं हो पा रही है, ऐसे में रेस्क्यू टीम के सामने मासूम तक पहुंचने और उसे सुरक्षित बाहर निकालने की चुनौती बनी हुई है. हर गुजरते पल के साथ परिजनों और ग्रामीणों की बेचैनी बढ़ती जा रही है. रेस्क्यू ऑपरेशन में अब देसी तकनीक का सहारा लिया जा रहा है, बोरवेल रेस्क्यू के विशेषज्ञ माधाराम और उनकी टीम मौके पर पहुंचकर बचाव कार्य में जुटी है. बच्चे के ऊपर फंसे पत्थर को हटाने के लिए लोहे का विशेष उपकरण तैयार किया गया है, जिसे बोरवेल में उतारकर पत्थर निकालने की कोशिश की जा रही है. इसके साथ ही लोहे के सरियों की मदद से बच्चे को बाहर निकालने की तैयारी भी की जा रही है. रेस्क्यू टीम हर संभव तरीके से मासूम तक पहुंचने का प्रयास कर रही है.
मौके पर पहुंचे चिकित्सा मंत्री
घटना की गंभीरता को देखते हुए चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर भी मौके पर पहुंचे. वहीं, परिजन और ग्रामीण लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन पर नजर बनाए हुए हैं. परिवार को उम्मीद है कि बचाव दल जल्द ही भोमाराम को सुरक्षित बाहर निकालने में सफल होगा. फिलहाल, पत्थर हटाने, बच्चे तक पहुंच बनाने और उसे बाहर निकालने के प्रयास जारी हैं. पूरे क्षेत्र की निगाहें रेस्क्यू ऑपरेशन पर टिकी हैं और सभी मासूम की सलामती की दुआ कर रहे हैं.
About the Authorमोनाली पाल
नमस्ते मेरा नाम मोनाली है, पेशे से पत्रकार हूं, ख़बरें लिखने का काम है. लेकिन कैमरे पर समाचार पढ़ना बेहद पसंद है. 2016 में पत्रकारिता में मास्टर्स करने के बाद पांच साल कैमरे पर न्यूज़ पढ़ने के साथ डेस्क पर खबरे…
और पढ़ेंLocation :
Jodhpur,Rajasthan
First Published :
October 16, 2026, 16:52 IST



