Delhi AQI: दिल्ली की हवा में फिर जहर घुलना शुरू, हेल्थ एक्सपर्ट से 7 प्वाइंट में जानें क्या-क्या तैयारी जरूरी

Last Updated:October 24, 2026, 15:00 IST
सर्दियां का मौसम आते ही दिल्ली-NCR की हवा जहरीली होने लगती है. पिछले साल ही दिल्ली का AQI दिवाली के बाद 1000 पहुंच गया था. अब दोबारा ठंड के साथ दिल्ली की हवा में जहर घुलना शुरू हो चुका है. आज भी दिल्ली का AQI 174 से 195 है, जो कि अनहेल्दी कैटेगरी में आता है. ऐसे में खुद को सेफ रखने के लिए क्या तैयारी आपको अभी से करनी चाहिए, यहां पल्मोनोलॉजिस्ट से जानें.
आगरा स्थित यथार्थ सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में प्लमोनॉलॉजी कंसलटेंट डॉ ऋषि यादव बताते हैं कि वायु प्रदूषण का असर सिर्फ सांस संबंधी समस्याओं तक ही सीमित नहीं है. प्रदूषण के लगातार संपर्क में रहने से आंखों में जलन, गले में खराश, खांसी, सिरदर्द जैसी समस्याएं हो सकती हैं, और दिल से जुड़ी बीमारियों का खतरा भी बढ़ सकता है. ऐसे में समय रहते कदम उठाने से खतरे को कम करने में मदद मिल सकती है.
प्रदूषित हवा के संपर्क में आने से बचने का सबसे आसान तरीका है कि बाहर जाने से पहले एयर क्वालिटी इंडेक्स चेक करें. जब प्रदूषण का स्तर ज्यादा हो, तो बाहर की गतिविधियों से बचना चाहिए, खासकर उन लोगों को जिन्हें प्रदूषण से ज्यादा खतरा है. हवा की गुणवत्ता के हिसाब से अपनी दिनचर्या तय करने से आप प्रदूषित हवा के संपर्क में आने से बच सकते हैं.
जब प्रदूषण ज्यादा हो, तो N95 या इसी तरह का कोई अच्छा रेस्पिरेटर पहनने से हानिकारक कणों को सांस के जरिए अंदर जाने से रोकने में मदद मिलती है. मास्क से आपकी नाक और मुंह पूरी तरह ढके होने चाहिए और यह चेहरे पर अच्छी तरह फिट होना चाहिए, ताकि कहीं कोई खाली जगह न बचे. कपड़े के मास्क या सामान्य सर्जिकल मास्क छोटे कणों से बचाने में बहुत कम असरदार होते हैं.
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बाहर एक्सरसाइज करने से इस बात की संभावना बढ़ जाती है कि कसरत के दौरान आप प्रदूषित हवा को सांस के जरिए अंदर ले लें. जब AQI खराब हो, तो लोगों को बाहर दौड़ने, साइकिल चलाने या बहुत जोर-शोर से व्यायाम करने जैसी गतिविधियां नहीं करनी चाहिए. इसके बजाय, घर के अंदर किसी साफ जगह पर, जहां ताजी हवा आती हो, स्ट्रेचिंग या योग जैसी हल्की कसरत की जा सकती है.
घर के अंदर की हवा को जितना हो सके साफ रखें. इसके लिए खिड़कियां और दरवाजे बंद रखने से प्रदूषित हवा को अंदर आने से रोका जा सकता है, लेकिन जब बाहर प्रदूषण का स्तर कम हो जाए, तो ताजी हवा के लिए खिड़कियां खोल देनी चाहिए. घर की हवा को साफ करने के लिए एयर प्यूरीफायर का इस्तेमाल किया जा सकता है.
शरीर में पानी की सही मात्रा और संतुलित पोषण होने से, प्रदूषण के दौरान भी शरीर के अंग ठीक से काम करते रहते हैं और स्वास्थ्य अच्छा बना रहता है. अपने रोज के खाने में फल, हरी सब्जियां, बीन्स, नट्स और अन्य स्वस्थ चीजे शामिल करें. इनमें जरूरी विटामिन, मिनरल और पोषक तत्व होते हैं, जो शरीर की इम्यून सिस्टम को मजबूत रखने के लिए बहुत जरूरी हैं.
वायु प्रदूषण के कारण आंखों और फेफड़ों में जलन हो सकती है. इससे आंखों का लाल होना, गले में खराश, खांसी, सांस लेते समय घरघराहट या सांस फूलने जैसी समस्याएं हो सकती हैं. अगर ऐसा हो, तो आंखों को साफ पानी से धो लें और उन्हें रगड़ें नहीं.
जिन लोगों को कोई स्वास्थ्य समस्या है, खासकर सांस या दिल से जुड़ी बीमारी, उन्हें अपने डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए कि हवा की खराब गुणवत्ता होने पर लक्षणों को लेकर वे क्या कर सकते हैं.
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October 24, 2026, 15:00 IST



