Bharatpur Municipal Corporation Sanitation Issue

Last Updated:October 18, 2026, 11:30 IST
Bharatpur Municipal Corporation Sanitation Issue: भरतपुर में वार्ड 55 के पार्षद डॉ. दयाचंद पचौरी ने सुभाष नगर स्थित ऑटो टिपर वर्कशॉप का औचक निरीक्षण किया, जहां 65 वार्डों के मुकाबले आधे से भी कम वाहन मिले और कई वाहन खराब हालत में थे. चालकों ने वाहनों की कमी, वर्कशॉप में एक ही मिस्त्री होने, घंटों इंतजार करने और समय पर वेतन न मिलने जैसी समस्याएं बताईं. पार्षद ने इस मामले की शिकायत नगर निगम आयुक्त और महापौर से करने की बात कही है.
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भरतपुर नगर निगम की सफाई व्यवस्था पर उठे सवाल, वर्कशॉप में मिले आधे वाहन
भरतपुर: भरतपुर शहर में घर-घर से कचरा संग्रहण और सफाई व्यवस्था को लेकर एक बार फिर नगर निगम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. शहर के वार्ड 55 के पार्षद एवं शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष डॉ. दयाचंद पचौरी ने सुभाष नगर स्थित कंपनी की ऑटो टिपर वर्कशॉप का औचक निरीक्षण किया, जिससे व्यवस्था की वास्तविक हकीकत सामने आ गई.
जब डॉ. दयाचंद पचौरी अचानक सुभाष नगर स्थित वर्कशॉप पहुंचे, तो वहां की व्यवस्थाएं बदहाल नजर आईं. निरीक्षण के दौरान शहर के 65 वार्डों के मुकाबले मौके पर ऑटो टिपरों की संख्या आधी से भी कम पाई गई. इसके अलावा, बड़ी संख्या में ऑटो टिपर खराब हालत में खड़े हुए मिले, जिससे शहर की सफाई व्यवस्था पर सीधा असर पड़ रहा है.
चालकों ने रोया दुखों का रोड़ा, वेतन और मरम्मत में लापरवाही के आरोपपार्षद द्वारा जब चालकों से समय पर वार्डों में नहीं पहुंचने का कारण पूछा गया, तो चालकों और हेल्परों ने अपनी कई गंभीर समस्याएं खुलकर साझा कीं:
वाहनों की भारी कमी और खराबी: चालकों का कहना था कि कई ऑटो टिपर पहले से खराब हैं और जो वाहन चालू हालत में हैं, उनकी स्थिति भी ठीक नहीं है.
मिस्त्री की कमी: वर्कशॉप में केवल एक ही मिस्त्री होने के कारण खराब वाहनों की समय पर मरम्मत और सर्विसिंग नहीं हो पा रही है.
घंटों का इंतजार: चालकों को सुबह करीब 6 बजे वर्कशॉप पर वाहन लेने के लिए पहुंचना पड़ता है, लेकिन वाहनों की कमी के कारण उन्हें घंटों इंतजार करना पड़ता है. कई चालकों को तो दूसरे वार्डों से कचरा लेकर वाहन वापस लौटने के बाद ही वाहन मिल पाता है.
वेतन में देरी और कटौती: चालकों और हेल्परों ने वेतन को लेकर भी भारी नाराजगी जताई. उनका कहना था कि उन्हें समय पर वेतन नहीं मिलता और कई बार वेतन से कटौती भी की जाती है.
नदारद मिले सुपरवाइजर, जनप्रतिनिधि ने दिए सुधार के निर्देशनिरीक्षण के दौरान यह भी सामने आया कि शहर के लिए तैनात कई सुपरवाइजरों में से मौके पर सिर्फ एक ही सुपरवाइजर मौजूद था. औचक निरीक्षण की सूचना मिलने पर कंपनी का एक प्रतिनिधि भी मौके पर पहुंचा और उसने अपना पक्ष रखा. डॉ. दयाचंद पचौरी ने कहा कि वे इस निरीक्षण के दौरान सामने आई पूरी स्थिति से नगर निगम आयुक्त और महापौर को अवगत कराएंगे. उन्होंने जोर देकर कहा कि जनता के खून-पसीने की गाढ़ी कमाई से सफाई व्यवस्था पर भारी भरकम बजट खर्च होने के बावजूद यदि शहर में कचरा संग्रहण प्रभावित हो रहा है, तो इसमें तत्काल सुधार किया जाना बेहद जरूरी है. पार्षद ने यह भी कहा कि शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए महापौर, आयुक्त और सभी पार्षदों को मिलकर ठोस कदम उठाने होंगे. गौरतलब है कि हाल ही में नगर निगम की प्रथम साधारण सभा के दौरान भी डॉ. दयाचंद पचौरी ने सफाई कर्मचारियों के वेतन और ऑटो टिपरों की कम संख्या को लेकर कड़े सवाल उठाए थे.
About the Authorvicky Rathore
Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a multimedia journalist and digital content specialist currently working with Rajasthan. I have over 8 years of experience in digital media, where I specialize in cr…
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Bharatpur,Bharatpur,Rajasthan
First Published :
October 18, 2026, 11:30 IST



