जयपुर में स्नैचिंग करते थे फिर OLX पर बेच देते थे मोबाइल; पुलिस ने तीन को दबोचा

जयपुर. मोबाइल चोरी और राह चलते लोगों से फोन छीनने के बाद उन्हें ठिकाने लगाने वाले एक गिरोह का जयपुर पश्चिम पुलिस ने खुलासा किया है. पुलिस ने मामले में तीन आरोपियों मोइन उर्फ शाहरूख, मोहम्मद अनस और हसीब को गिरफ्तार किया है. आरोपियों के पास से जयपुर समेत राजस्थान के अलग-अलग इलाकों से चुराए गए 19 मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं. पुलिस के मुताबिक, चोरी और स्नैचिंग के मोबाइल बेचने के लिए गिरोह के लोग अलग-अलग रास्ते अपनाते थे. कुछ फोन OLX के जरिए बेचे जाते थे, जबकि कुछ मोबाइल मेवात में साइबर ठगी करने वालों तक पहुंचाए जाते थे.
डीसीपी जयपुर पश्चिम प्रशान्त किरण ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है. जांच में सामने आए नेटवर्क के आधार पर यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि चोरी के मोबाइल कहां-कहां बेचे गए और इस काम में कितने लोग जुड़े हुए हैं.
नशेड़ियों को पैसे का लालच देकर करवाते थे चोरी
पुलिस के अनुसार, गिरोह का सरगना मोइन उर्फ शाहरूख बताया जा रहा है. आरोप है कि वह नशे के आदी लोगों को पैसों का लालच देकर मोबाइल चोरी और स्नैचिंग करवाता था. इसके बाद चोरी किए गए फोन खरीदकर आगे बेचने का काम किया जाता था. बताया जा रहा है कि मोइन, मोहम्मद अनस और हसीब को एक मोबाइल करीब 3 हजार से 5 हजार रुपये में बेचता था. इसके बाद दोनों आरोपी इन मोबाइल को मेवात के साइबर ठगों तक करीब 6 हजार से 7 हजार रुपये में पहुंचाते थे. इस तरह एक ही मोबाइल अलग-अलग हाथों से गुजरते हुए साइबर ठगी के नेटवर्क तक पहुंच जाता था.
20 से 25 फोन जमा होने पर मेवात भेजते थे खेपपुलिस की शुरुआती जांच के मुताबिक, मोहम्मद अनस और हसीब एक साथ 20 से 25 मोबाइल फोन इकट्ठे होने के बाद उन्हें मेवात भेजते थे. आरोप है कि इस तरीके से गिरोह ने अब तक करीब 150 से 200 मोबाइल फोन चोरी और स्नैचिंग के बाद मेवात पहुंचाए हैं. हालांकि, इस पूरे आंकड़े और मोबाइलों के इस्तेमाल की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी. गिरोह के लोग मोबाइल बेचने के लिए केवल एक रास्ते पर निर्भर नहीं थे. कुछ फोन OLX पर बेच दिए जाते थे, जबकि कुछ को साइबर ठगी में इस्तेमाल करने वाले लोगों तक पहुंचाया जाता था. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि बरामद मोबाइल किन लोगों के हैं और बाकी फोन किन शहरों में बेचे गए.
डिजायर कार और दो मोबाइल भी जब्तपुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 19 मोबाइल फोन के अलावा घटना में इस्तेमाल की गई डिजायर कार और दो मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं. पुलिस को आशंका है कि इस कार का इस्तेमाल वारदातों के दौरान किया जाता था. हालांकि, कार और प्रत्येक आरोपी की भूमिका से जुड़े पहलुओं की जांच अभी जारी है.
जयपुर से दौसा और करौली तक दर्ज हैं मामले
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ जयपुर के कई थानों के अलावा दौसा और करौली में भी मामले दर्ज हैं. अब पुलिस पुराने मामलों और बरामद मोबाइलों के बीच संबंध तलाश रही है. पूछताछ के दौरान यह भी पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि गिरोह ने किन इलाकों में वारदातें कीं और चोरी के फोन खरीदने वाले दूसरे लोग कौन हैं.



