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Pushkar Kartik Snan I एक डुबकी और दान-पुण्य की आस्था, पुष्कर में 26 अक्टूबर से शुरू होगा कार्तिक स्नान

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पुष्कर सरोवर में कार्तिक स्नान कब से?जानें तारीखें, 5 खास दिन और धार्मिक महत्व

Last Updated:October 21, 2026, 11:09 IST

Pushkar Kartik Snan 2026: राजस्थान के तीर्थराज पुष्कर में 26 अक्टूबर से कार्तिक स्नान शुरू होगा, जो 24 नवंबर तक चलेगा. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पुष्कर सरोवर में स्नान, पूजा-अर्चना और दान-पुण्य का विशेष महत्व है. जानें कार्तिक स्नान की खास तिथियां और वे पांच दिन, जब स्नान करना माना जाता है बेहद पुण्यकारी.

अजमेर. राजस्थान के प्रसिद्ध तीर्थराज पुष्कर में कार्तिक मास के दौरान आस्था और श्रद्धा का विशेष संगम देखने को मिलेगा. 26 अक्टूबर से कार्तिक स्नान की शुरुआत होगी, जो 24 नवंबर तक चलेगा. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, कार्तिक मास में पुष्कर सरोवर में स्नान करने का विशेष महत्व है, देशभर से श्रद्धालु यहां पहुंचकर पवित्र सरोवर में डुबकी लगाएंगे और पूजा-अर्चना के साथ दान-पुण्य करेंगे.

पुष्कर के पुरोहित जयंत राजगुरु ने जानकारी देते हुए बताया कि इस बार कार्तिक स्नान 26 अक्टूबर से शुरू होकर 24 नवंबर तक चलेगा. इस दौरान श्रद्धालु पुष्कर सरोवर में स्नान कर धार्मिक परंपराओं का निर्वहन करेंगे, कार्तिक मास को पूजा-अर्चना, भक्ति और दान-पुण्य के लिए विशेष माना जाता है. इस अवधि में श्रद्धालु मंदिरों में दर्शन करने के साथ ही विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों में भी भाग लेंगे.

कार्तिक मास में पुष्कर सरोवर में स्नान का विशेष महत्वपुरोहित आगे बताते है कि पुष्कर को देश के प्रमुख धार्मिक तीर्थस्थलों में गिना जाता है, कार्तिक मास में यहां स्थित पवित्र पुष्कर सरोवर में स्नान करने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दौरान सरोवर में स्नान करने, पूजा-पाठ करने और जरूरतमंदों को दान देने से पुण्य की प्राप्ति होती है. इसी मान्यता के चलते कार्तिक मास में पुष्कर का विशेष धार्मिक महत्व बढ़ जाता है और श्रद्धालु पूरे श्रद्धाभाव से धार्मिक गतिविधियों में भाग लेते हैं.

पूरे महीने नहीं रुक सकते तो पांच दिन भी खासजो श्रद्धालु पूरे एक महीने तक पुष्कर में रहकर कार्तिक स्नान नहीं कर सकते वे देवउठनी एकादशी से कार्तिक पूर्णिमा तक पांच दिनों के दौरान स्नान, दान-पुण्य और पूजन-अर्चना कर सकते हैं. इस वर्ष ये पांच दिन 20 नवंबर से 24 नवंबर तक रहेंगे. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इन दिनों में पुष्कर सरोवर में स्नान करने का विशेष पुण्य माना जाता है. ऐसे में दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालु अपनी सुविधा के अनुसार इन पांच दिनों में पुष्कर पहुंचकर धार्मिक अनुष्ठान कर सकते हैं.

सरोवर में 33 कोटि देवी-देवताओं के निवास की मान्यता पुरोहित आगे बताते है कि धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, कार्तिक मास के विशेष दिनों में पुष्कर सरोवर में 33 कोटि देवी-देवताओं का निवास माना जाता है. इसी आस्था के चलते देवउठनी एकादशी से कार्तिक पूर्णिमा तक स्नान, दान और पूजा-अर्चना का विशेष महत्व रहता है. श्रद्धालु इस अवधि में पवित्र सरोवर में डुबकी लगाकर परिवार की सुख-समृद्धि और कल्याण की कामना करते हैं. कार्तिक पूर्णिमा के साथ इस धार्मिक अवधि का समापन होगा.

About the Authorमोनाली पाल

नमस्ते मेरा नाम मोनाली है, पेशे से पत्रकार हूं, ख़बरें लिखने का काम है. लेकिन कैमरे पर समाचार पढ़ना बेहद पसंद है. 2016 में पत्रकारिता में मास्टर्स करने के बाद पांच साल कैमरे पर न्यूज़ पढ़ने के साथ डेस्क पर खबरे…

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Ajmer,Rajasthan

First Published :

October 21, 2026, 11:09 IST

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