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Weight Loss: वेट लॉस के लिए पैदल चलने का सही तरीका

Last Updated:October 22, 2026, 15:47 IST

इसमें कई दोराय नहीं कि फैट बर्न करने के लिए आपको जिम जाने की जरूरत नहीं. आप बिना किसी एक्सट्रा खर्च के भी शरीर फिट और स्लिम बना सकते हैं. वेट लॉस करने के सबसे आसान तरीकों में पैदल चलना आता है. लेकिन आप नॉर्मल वॉकिंग से कभी पतले नहीं हो सकते हैं. मोटापा कम करने के लिए ब्रिक्स वॉक करने की जरूरत होती है. यहां जानिए ब्रिक्स वॉक कैसे करते हैं और कितन गलतियों से बचना जरूरी होता है.

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Amazon Prime DayTop Deals Insideवेट लॉस के लिए रोज चल रहे पैदल? इन 5 गलतियों को न करें नजरअंदाजZoom

How To Walk For Weight Loss: पैदल चलने से आपको ताजगी महसूस हो सकती है, लेकिन इससे आपके मोटापे की समस्या के कम होने की कोई गारंटी नहीं होती है. वहीं, यदि आप रेगुलर वॉक की जगह ब्रिक्स वॉक करते हैं, तो परिणाम पूरी तरह से बदल जाता है. इसमें आपको एक मिनट के अंदर 100-200 स्टेप्स चलना होता है. हर दिन स्टेप्स बढ़ाना ब्रिक्स वॉकिंग को प्रैक्टिस में लाने का सेफ तरीका माना जाता है. इसके साथ ही 5 बातों का ध्यान रखना भी जरूरी है, वरना आपके मोटापे पर कोई खास असर नहीं नजर आएगा.

इन 5 गलतियों को न करें नजरअंदाज

ब्रिक्स वॉक करने से पहले भी वॉर्म अप करना जरूरी होता है. साथ ही रुकने के साथ कूल डाउन करना भी उतना ही जरूरी होता है. यदि आप इस स्टेप को नजरअंदाज करते हैं तो इससे मांसपेशियों में जकड़न, थकान, इंटर्नल इंजरी का खतरा बढ़ जाता है. इसलिए 3-5 मिनट का हल्का वार्म-अप जैसे धीरे-धीरे चलना या डायनामिक स्ट्रेचिंग करना आपकी मांसपेशियों को तैयार कर देता है. वहीं कूल डाउन के लिए वॉक के बाद, अपनी गति को धीरे-धीरे कम करें और स्टैटिक स्ट्रेचिंग करें.

अगर आप चलते समय झुककर चलते हैं, लगातार फोन देखते हैं या पैर घसीटते हैं, तो इससे वॉकिंग का पूरा फायदा नहीं मिल पाता. गलत पोश्चर गर्दन और पीठ पर दबाव बढ़ा सकता है और सांस लेने में भी परेशानी पैदा कर सकता है. सही तरीके से चलने के लिए सिर सीधा रखें, कंधों को आरामदायक स्थिति में रखें, पेट की मांसपेशियों को हल्का सक्रिय रखें और हाथों को स्वाभाविक रूप से हिलाएं. इससे चलना आसान होता है और मांसपेशियों पर अनावश्यक दबाव भी कम पड़ता है.

वॉकिंग के दौरान पुराने, घिसे हुए या सही सपोर्ट न देने वाले जूते पहनना नुकसानदायक हो सकता है. इससे पैरों में दर्द, पिंडलियों में खिंचाव और घुटनों पर दबाव बढ़ सकता है. ऐसी परेशानी के कारण आप रोजाना वॉक करने से बचने लगते हैं. इसलिए ऐसे जूते चुनें, जिनमें पैरों को अच्छा सपोर्ट मिले, पर्याप्त कुशनिंग हो और पकड़ मजबूत हो. सही जूते पहनने से आरामदायक वॉकिंग करने में मदद मिलती है.

अगर आप हर दिन एक ही रास्ते पर समान गति से चलते हैं, तो समय के साथ वजन घटने की प्रक्रिया धीमी हो सकती है. ऐसा इसलिए होता है क्योंकि शरीर एक जैसी गतिविधि का आदी हो जाता है. इससे बचने के लिए कभी तेज और कभी धीमी गति से चलें, दूरी बढ़ाएं या चढ़ाई वाले रास्ते चुनें. इसके अलावा, फिटनेस ऐप या डायरी की मदद से अपने कदम, समय और गति का रिकॉर्ड रखें. इससे लक्ष्य तय करने, मोटिवेट रहने और अपने प्रोग्रेस को समझने में मदद मिलेगी.

हल्की सैर करने पर भी पसीने के जरिए शरीर से पानी कम हो जाता है, खासकर उमस भरे मौसम में. डिहाइड्रेशन (पानी की कमी) से काम करने की क्षमता पर असर पड़ता है, मेटाबॉलिज्म धीमा हो जाता है और बेवजह भूख लग सकती है. ऐसे में सैर करने से 20-30 मिनट पहले एक गिलास पानी पिएं, और सैर के दौरान या बाद में थोड़ा-थोड़ा पानी पीते रहें. इससे शरीर में ऊर्जा बनी रहती है और फैट बेहतर तरीके से बर्न होता है.

About the Authorशारदा सिंहSenior Sub Editor

शारदा सिंह एक अनुभवी लाइफस्टाइल पत्रकार हैं, जिनके पास डिजिटल मीडिया और कंटेंट लेखन के क्षेत्र में 6 वर्षों से अधिक का अनुभव है. उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से…

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New Delhi,Delhi

First Published :

October 22, 2026, 15:47 IST

Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.

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