World

साल में 300 दिन आसमान में बिजली का तांडव, वेनेजुएला की इस जगह का रहस्य जानकर चौंक जाएंगे?

Last Updated:October 23, 2026, 16:18 IST

क्या यहां बिना गरज और बारिश के बिजली चमकती है? यह धारणा पूरी तरह सही नहीं है. कैटाटुम्बो लाइटनिंग गरज वाले तूफानों से जुड़ी घटना है. दूर से देखने पर बिजली दिखाई दे सकती है, लेकिन उसकी आवाज सुनाई नहीं देती. यही वजह है कि आसमान में लगातार चमकती रोशनी का नजारा और भी रहस्यमयी लगता है. वैज्ञानिक मौसम, नमी और हवाओं के आधार पर यहां बिजली चमकने के अनुकूल हालात का अनुमान लगा सकते हैं. लेकिन किसी खास रात बिजली कब और कितनी बार चमकेगी, इसकी सटीक भविष्यवाणी करना अब भी चुनौती है.

कल्पना कीजिए, रात का अंधेरा है और अचानक आसमान में बिजली चमकने लगती है. एक-दो बार नहीं, बल्कि लगातार घंटों तक. ऐसा लगता है जैसे आसमान में रोशनी का कोई शो चल रहा हो. हैरानी की बात यह है कि दुनिया में एक ऐसी जगह है, जहां साल के बड़े हिस्से में यह नजारा देखने को मिलता है. यह जगह दक्षिण अमेरिका के वेनेजुएला में है और इस प्राकृतिक घटना को कैटाटुम्बो लाइटनिंग (Catatumbo Lightning) कहा जाता है. (AI इमेज)

वेनेजुएला के उत्तर-पश्चिम में स्थित लेक माराकाइबो और कैटाटुम्बो नदी के मुहाने के आसपास बिजली चमकने की यह अनोखी घटना होती है. वैज्ञानिक अध्ययनों में इस इलाके को दुनिया के सबसे सक्रिय बिजली वाले क्षेत्रों में गिना गया है. कुछ सैटेलाइ आधारित अध्ययनों में यहां साल के करीब 297 दिनों तक बिजली की गतिविधि दर्ज की गई है. हालांकि, सक्रिय दिनों की संख्या अलग-अलग अध्ययनों और मापने के तरीकों के हिसाब से बदल सकती है. (AI इमेज)

सवाल है कि आखिर यहां इतनी बिजली क्यों चमकती है? इसका जवाब किसी रहस्यमयी ताकत में नहीं, बल्कि झील, पहाड़ों और हवाओं के अनोखे मेल में छिपा है. लेक माराकाइबो का पानी साल के बड़े हिस्से में गर्म रहता है. इससे पानी भाप बनकर हवा में नमी बढ़ाता है. जब यह नम हवा ऊपर उठती है, तो बड़े तूफानी बादल बनने लगते हैं. इस इलाके के आसपास एंडीज पर्वत शृंखला की ऊंची चोटियां और घाटियां भी हैं. पहाड़ों से टकराकर हवाएं ऊपर उठती हैं और अलग-अलग दिशाओं से आने वाली नम हवाएं एक जगह मिलती हैं. इससे तूफानी बादलों के बनने के लिए अनुकूल परिस्थितियां तैयार होती हैं. (AI इमेज)

Add as Preferred Source on Google

रात में जमीन और पहाड़ तेजी से ठंडे होते हैं, जबकि झील का पानी धीरे ठंडा होता है. इससे स्थानीय हवाओं का प्रवाह बदलता है. कैरेबियन सागर की ओर से आने वाली नम हवा के साथ मिलकर यह प्रक्रिया रात में भी तूफानों को सक्रिय रखने में मदद कर सकती है. (AI इमेज)

सवाल है कि बादलों के अंदर बिजली कैसे बनती है? तूफानी बादलों के अंदर पानी की बूंदें, बर्फ के कण और छोटे ओले आपस में टकराते हैं. इससे विद्युत आवेश अलग-अलग हिस्सों में जमा होने लगते हैं. जब विद्युत क्षेत्र काफी मजबूत हो जाता है, तो अचानक बिजली का डिस्चार्ज होता है और आसमान चमक उठता है. (AI इमेज)

क्या मीथेन गैस है इसकी वजह? कुछ शोधकर्ताओं ने संभावना जताई है कि इलाके के दलदली क्षेत्रों से निकलने वाली मीथेन गैस इस घटना को प्रभावित कर सकती है. लेकिन इसे कैटाटुम्बो लाइटनिंग का प्रमाणित मुख्य कारण नहीं माना जाता. वैज्ञानिकों के मुताबिक, गर्म झील, नमी, पहाड़ों और स्थानीय हवाओं का मेल इसकी सबसे मजबूत व्याख्या है. (AI इमेज)

क्या यहां बिना गरज और बारिश के बिजली चमकती है? यह धारणा पूरी तरह सही नहीं है. कैटाटुम्बो लाइटनिंग गरज वाले तूफानों से जुड़ी घटना है. दूर से देखने पर बिजली दिखाई दे सकती है, लेकिन उसकी आवाज सुनाई नहीं देती. यही वजह है कि आसमान में लगातार चमकती रोशनी का नजारा और भी रहस्यमयी लगता है. वैज्ञानिक मौसम, नमी और हवाओं के आधार पर यहां बिजली चमकने के अनुकूल हालात का अनुमान लगा सकते हैं. लेकिन किसी खास रात बिजली कब और कितनी बार चमकेगी, इसकी सटीक भविष्यवाणी करना अब भी चुनौती है. (AI इमेज)

न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। लेटेस्ट कॉमर्स डील्स, खास डिस्काउंट और बेहतरीन शॉपिंग ऑफर देखने के लिए कंपेयर इंड‍िया देखें.First Published :

October 23, 2026, 16:18 IST

Source link

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

Uh oh. Looks like you're using an ad blocker.

We charge advertisers instead of our audience. Please whitelist our site to show your support for Nirala Samaj