Rajasthan

Success Story: मां लगाती हैं झाड़ू, पिता चलाते हैं दुकान, बेटी का बास्केटबॉल में कमाल, अब टीम इंडिया में एंट्री का सपना

Last Updated:October 25, 2026, 11:01 IST

Basketball Player Gunjan Success Story: बीकानेर की रहने वाली गुंजन की कहानी संघर्ष और हौसले की मिसाल है. सफाई कर्मचारी मां और दुकान चलाने वाले पिता की बेटी गुंजन ने बास्केटबॉल को अपना सपना बना लिया है. परिवार ने उनकी अच्छी लंबाई देखकर उन्हें इस खेल में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया था. इसके बाद गुंजन ने मैदान पर मेहनत शुरू की और पिछले चार वर्षों से लगातार अभ्यास कर रही हैं. कोच नरेंद्र कस्वां के मार्गदर्शन में उन्होंने अपने खेल को निखारा और राज्यस्तरीय तथा राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं तक पहुंचीं. गुंजन ने अब तक सात पदक जीतने की जानकारी दी है, जिनमें एक स्वर्ण, दो रजत और तीन कांस्य पदक बताए गए हैं. हालांकि, इनका कुल योग छह होता है. गुंजन अब भारतीय टीम की जर्सी पहनने का सपना देख रही हैं. माता-पिता का संघर्ष और उनका सहयोग इस खिलाड़ी के लिए सबसे बड़ी प्रेरणा है.

बीकानेर. सपने बड़े हों तो परिस्थितियां रास्ता नहीं रोक सकती, बल्कि मंजिल तक पहुंचने का हौसला देती है. बीकानेर की गुंजन की कहानी भी कुछ ऐसी ही है. महारानी गर्ल्स सरकारी विद्यालय में पढ़ने वाली गुंजन आज बास्केटबॉल के मैदान में अपनी पहचान बना रही है. परिवार के प्रोत्साहन, कोच के मार्गदर्शन और अपनी मेहनत के दम पर उन्होंने अब तक सात मेडल जीते हैं. अब उनका अगला लक्ष्य भारतीय टीम का हिस्सा बनकर देश का प्रतिनिधित्व करना है.

गुंजन के परिवार की आर्थिक स्थिति सामान्य है. उनके पिता बिट्टू दुकान चलाते हैं, जबकि मां ममता देवी सफाई कर्मचारी के रूप में काम करती है. इसके बावजूद परिवार ने गुंजन के सपनों को आगे बढ़ाने में उनका साथ दिया. गुंजन की अच्छी हाइट देखकर परिवार के सदस्यों ने उन्हें बास्केटबॉल खेलने के लिए प्रेरित किया. परिवार की यही पहल धीरे-धीरे उनके जीवन का लक्ष्य बन गई.

चार साल से मैदान में बहा रही हैं पसीना

गुंजन को बास्केटबॉल खेलते हुए करीब चार साल हो चुके हैं. इन चार वर्षों में उन्होंने खेल के प्रति अपनी लगन और मेहनत से लगातार आगे बढ़ने का प्रयास किया है. वह कोच नरेंद्र कस्वां के मार्गदर्शन में बास्केटबॉल का प्रशिक्षण ले रही हैं. यहां सुबह से शाम तक अभ्यास कर वह अपने खेल को बेहतर बनाने में जुटी रहती है. गुंजन के लिए बास्केटबॉल केवल एक खेल नहीं, बल्कि अपने सपनों को पूरा करने का माध्यम है. मैदान पर घंटों अभ्यास करना, अपनी गलतियों को सुधारना और हर दिन पहले से बेहतर प्रदर्शन करने की कोशिश करना उनकी दिनचर्या का हिस्सा है.

स्टेट और नेशनल टूर्नामेंट में दिखाया दम

गुंजन अब तक स्टेट टूर्नामेंट में हिस्सा ले चुकी है. इसके अलावा वह एक नेशनल टूर्नामेंट भी खेल चुकी हैं. प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने से उन्हें अपना खेल निखारने और आगे बढ़ने का अवसर मिला है. गुंजन अब तक सात मेडल जीत चुकी है. इनमें एक गोल्ड, दो सिल्वर और तीन ब्रॉन्ज मेडल शामिल है. हालांकि, उनके बताए गए मेडल का कुल योग छह होता है. ये उपलब्धियां बताती है कि गुंजन अपने लक्ष्य की ओर लगातार कदम बढ़ा रही है. हर प्रतियोगिता उनके लिए नया अनुभव और खुद को साबित करने का एक अवसर है.

मां की मेहनत और पिता का संघर्ष देते हैं हौसला

गुंजन की सफलता के पीछे उनके परिवार का सहयोग भी महत्वपूर्ण है. पिता दुकान चलाकर परिवार की जिम्मेदारियां निभाते हैं, वहीं मां सफाई कर्मचारी के रूप में मेहनत करती है. परिवार की मेहनत और सहयोग गुंजन को आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है. गुंजन का सपना है कि वह एक दिन भारतीय टीम में जगह बनाएं और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व करें. इसके लिए वह लगातार अभ्यास कर रही हैं और अपने प्रदर्शन को बेहतर बनाने में जुटी है.

About the Authorदीप रंजन सिंह Content Producer

दीपरंजन सिंह लगभग एक दशक से पत्रकारिता के फिल्ड से जुड़े हुए हैं. वह अभी न्यूज18 हिंदी के राजस्थान डिजिटल डेस्क से जुड़े हैं, जहां वे बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. पिछले लगभग एक दशक से सक्रिय पत…

और पढ़ेंLocation :

Bikaner,Rajasthan

First Published :

October 25, 2026, 11:01 IST

Source link

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

Uh oh. Looks like you're using an ad blocker.

We charge advertisers instead of our audience. Please whitelist our site to show your support for Nirala Samaj