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Famous Temple: माउंट आबू जाएं तो बजरंगबली के इन 5 मंदिरों में जरूर करें दर्शन, हर धाम की है अलग मान्यता

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माउंट आबू के इन 5 हनुमान मंदिरों की महिमा है निराली, जानें खास मान्यताएं

Last Updated:October 26, 2026, 08:13 IST

Mount Abu Famous Hanuman Temple: राजस्थान का एकमात्र हिल स्टेशन माउंट आबू अपनी प्राकृतिक खूबसूरती के साथ धार्मिक आस्था के लिए भी प्रसिद्ध है. यहां भगवान हनुमान के पांच प्रमुख मंदिर श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र हैं. आबूरोड से माउंट आबू जाने वाले रास्ते में आरना हनुमान मंदिर आस्था का पहला पड़ाव माना जाता है. सनी गांव का चम्पेश्वर हनुमान मंदिर स्वयंभू प्रतिमा की मान्यता के लिए प्रसिद्ध है. देलवाड़ा के ज्ञानेश्वर हनुमान मंदिर में बजरंगबली की 21 फीट ऊंची प्रतिमा स्थापित है. वहीं, घने जंगलों के बीच वनवासी हनुमान मंदिर स्थित है. आबूरोड की हनुमान टेकरी में पांच मंगलवार दर्शन करने से मनोकामना पूरी होने की मान्यता है. इन मंदिरों का धार्मिक महत्व बेहद खास है.Amazon Prime DayTop Deals Inside

आबूरोड से माउंट आबू जाने वाले रास्ते में सबसे पहले ये मंदिर आता है. आरना गांव में होने से इसे आरना हनुमान या बालेश्वर हनुमान मंदिर के नाम से पहचाना जाता है. माउंट आबू आने वाले श्रद्धालुओं के लिए आस्था का पहला पड़ाव है. पहाड़ी मार्ग पर यात्रा शुरू करने वाले कई लोग यहां रुककर बजरंगबली के दर्शन करते हैं और सुरक्षित सफर की कामना करते हैं. मंदिर में गुड़ और चने का भोग लगाने की परंपरा भी प्रचलित है. श्रद्धालुओं की मान्यता है कि हनुमानजी के दर्शन से यात्रा सुरक्षित और बिना किसी विघ्न के पूरी होती है.

माउंट आबू के सनी गांव स्थित चम्पेश्वर हनुमान मंदिर शहरवासियों और आसपास के गांवों के भक्तों की आस्था का केंद्र है. प्राकृतिक हरियाली से घिरे इस मंदिर की प्रतिमा को लेकर मान्यता है कि यह स्वयंभू है. स्थानीय लोककथाओं के अनुसार, प्राचीन समय में चंपा के पेड़ों और गुफाओं के बीच हनुमानजी की प्रतिमा मिली थी, जिसके बाद यहां पूजा-अर्चना शुरू हुई.

माउंट आबू के देलवाड़ा क्षेत्र में स्थित ज्ञान गुफा एवं ज्ञानेश्वर हनुमान मंदिर अपनी विशाल प्रतिमा और स्थापत्य कला की वजह से अलग पहचान रखता है. यहां हनुमानजी की लगभग 21 फीट ऊंची प्रतिमा प्रमुख आकर्षण है, जिसमें वे मंजीरे लेकर भगवान श्रीराम की भक्ति में लीन नजर आते हैं. भक्तों के अनुसार मंदिर की स्थापना वर्ष 1965 में हुई थी.

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ज्ञान गुफा के हनुमान मंदिर परिसर में संगमरमर से बने मंदिर, राम-सीता-लक्ष्मण और हनुमानजी की प्रतिमाएं तथा प्रवेश द्वार पर बने नक्काशीदार हाथी यहां की सुंदर स्थापत्य कला को दर्शाते हैं। ज्ञान गुफा को लेकर मान्यता है कि प्राचीन समय में यहां संत-महात्मा तपस्या और साधना किया करते थे.

माउंट आबू के गौमुख क्षेत्र में स्थित वनवासी हनुमान मंदिर गौमुख का प्रवेश द्वार भी मना जाता है. भक्त सबसे पहले यहीं दर्शन कर से महर्षि वशिष्ठ आश्रम और गौमुख कुंड की यात्रा की शुरूआत करते है. वनवासी हनुमान मंदिर से गौमुख मंदिर जाने के लिए सीढ़ियां शुरू होती है. चारों तरफ घना वन होने की वजह से इसे वनवासी हनुमान मंदिर के नाम से भी जाना जाता है.

माउंट आबू के इन चार हनुमान मंदिर के अलावा पहाड़ी की तलहटी याने आबूरोड क्षेत्र में एक पहाड़ी पर हनुमान टेकरी मंदिर भी प्रसिद्ध हनुमान मंदिर है. इसे टेकरी वाले हनुमान मंदिर के नाम से भी जाना जाता है. गुजरात से माउंट आबू बायपास होकर जाने वाले भक्त इस मंदिर में दर्शन करने के बाद ही आगे की यात्रा करते है. मान्यता है कि यहां 5 मंगलवार व्रत रखकर दर्शन करने से भक्त की मनोकामनाएं पूरी होती है.

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October 26, 2026, 08:13 IST

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