कमर दर्द से राहत के लिए कौन-सा योगासन करें? जानें शशकासन करने का तरीका और फायदे

Last Updated:October 27, 2026, 14:23 IST
Yoga For Back Pain: कमर में अक्सर दर्द रहने लगा है, तो इसके लिए दवा नहीं घर पर रोजाना शशकासन करें. इस योगासन को करने से कमर दर्द के साथ स्ट्रेस भी कम हो सकता है. यहां जानिए शशकासन करने का सही तरीका और इससे मिलने वाले फायदों के बार में.
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आजकल की व्यस्त जीवनशैली में तनाव, चिंता, थकान और कमर दर्द जैसी समस्याएं आम हो गई हैं. लंबे समय तक बैठकर काम करना, शारीरिक गतिविधियों की कमी और लगातार मानसिक दबाव शरीर पर असर डालते हैं. ऐसे में योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाना फायदेमंद हो सकता है. शशकासन भी ऐसा ही एक योगासन है, जिसे शरीर को आराम देने और मन को शांत करने के लिए किया जाता है.
इस आसन में शरीर की मुद्रा खरगोश जैसी दिखाई देती है. नियमित अभ्यास से पीठ और कंधों में होने वाले तनाव को कम करने तथा शरीर में लचीलापन बनाए रखने में मदद मिल सकती है. हालांकि, किसी भी योगासन को सही तरीके से करना जरूरी है. गलत मुद्रा में अभ्यास करने से परेशानी बढ़ सकती है. आइए जानते हैं शशकासन करने का सही तरीका, इसके संभावित फायदे और किन लोगों को इसे करते समय सावधानी बरतनी चाहिए.
शशकासन क्या है?शशकासन दो शब्दों से मिलकर बना है. इसमें ‘शशक’ का अर्थ खरगोश और ‘आसन’ का अर्थ शरीर की मुद्रा है. इस योगासन में शरीर की आकृति खरगोश जैसी बनती है, इसलिए इसे शशकासन कहा जाता है. योग में इसका अभ्यास शरीर को आराम देने और सांसों पर ध्यान केंद्रित करने के लिए किया जाता है.
शशकासन करने के फायदेशांत वातावरण में शशकासन का अभ्यास करने और सांसों पर ध्यान देने से मन को आराम मिलता है. इसके साथ ही इस आसन के दौरान धीरे-धीरे सांस लेने से शरीर को रिलैक्स करने और मन को शांत रखने में मदद मिलती है. इसके अलावा सही तरीके से इस आसन को करने पर पीठ और कंधों की मांसपेशियों में होने वाला तनाव कम महसूस होता है.
शशकासन करने का सही तरीका1. सबसे पहले योग मैट पर वज्रासन में बैठ जाएं. पीठ सीधी रखें और शरीर को सहज स्थिति में रखें.2. दोनों घुटनों को अपनी सुविधा के अनुसार थोड़ा अलग करें. पैरों के अंगूठे आपस में मिले रह सकते हैं.3. गहरी सांस लेते हुए दोनों हाथों को आगे की ओर जमीन पर रखें.4. धीरे-धीरे सांस छोड़ते हुए शरीर को आगे झुकाएं. माथे को जमीन की ओर ले जाएं, लेकिन गर्दन पर दबाव न डालें.5. हाथों को आगे फैलाकर रखें और सामान्य गति से सांस लेते रहें. शुरुआत में 10 से 20 सेकंड तक इसी मुद्रा में रहें.6. फिर धीरे-धीरे शरीर को उठाकर वज्रासन में वापस आ जाएं. शुरुआत में अपनी क्षमता के अनुसार अभ्यास करें. दर्द या असहजता महसूस होने पर तुरंत रुक जाएं.
किन लोगों को बरतनी चाहिए सावधानी?गंभीर कमर दर्द, गर्दन या घुटने की चोट, हर्निया अथवा हाई बीपी की समस्या होने पर इस आसन को करने से पहले डॉक्टर या योग प्रशिक्षक से सलाह लें. गर्भावस्था में भी विशेषज्ञ की सलाह के बिना इसका अभ्यास न करें.
About the Authorशारदा सिंहSenior Sub Editor
शारदा सिंह एक अनुभवी लाइफस्टाइल पत्रकार हैं, जिनके पास डिजिटल मीडिया और कंटेंट लेखन के क्षेत्र में 6 वर्षों से अधिक का अनुभव है. उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से…
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New Delhi,Delhi
First Published :
October 27, 2026, 14:23 IST
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