Diwali Special: मेवाड़ के इस छोटे से फल के बिना अधूरी है दिवाली की पूजा, मां लक्ष्मी के पूजन में है खास महत्व

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इस फल के बिना अधूरी है दिवाली की पूजा, मां लक्ष्मी के पूजन में है खास महत्व
Last Updated:November 03, 2026, 18:33 IST
Diwali Pooja Special Tips : भीलवाड़ा में दिवाली पर मां लक्ष्मी की पूजा में लाल बोर रखने की पुरानी परंपरा है. यह फल केवल दिवाली के सीजन में ही प्राकृतिक रूप से उगता है और इसकी मांग बहुत बढ़ जाती है. यह किसी व्यावसायिक बागवानी में नहीं उगाया जाता, बल्कि जिले के ग्रामीण इलाकों, पहाड़ी क्षेत्रों और जंगली झाड़ियों में प्राकृतिक रूप से पैदा होता है.
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भीलवाड़ा. दिवाली का त्योहार नजदीक आते ही बाजारों में रौनक बढ़ने लगी है. लोग घरों की सजावट से लेकर पूजा-पाठ की सामग्री तक खरीदने में जुट गए हैं. दिवाली पर मां लक्ष्मी की पूजा का विशेष महत्व होता है, इसलिए पूजा में इस्तेमाल होने वाली सामग्री की खरीदारी भी लोगों की पहली प्राथमिकता रहती है. भीलवाड़ा के बाजार में इन दिनों एक खास फल लोगों का ध्यान खींच रहा है, जिसे लाल बोर के नाम से जाना जाता है.
यह छोटा सा फल सालभर बाजार में आसानी से देखने को नहीं मिलता, बल्कि खासतौर पर दिवाली के सीजन में ही इसकी आवक होती है. मेवाड़ के प्रवेश द्वार भीलवाड़ा में मां लक्ष्मी की पूजा के दौरान लाल बोर को पूजा की थाली में रखने की परंपरा है. यही वजह है कि दिवाली आते ही इस फल की मांग बढ़ जाती है और लोग इसे खरीदने के लिए बाजार पहुंच रहे हैं.
व्यापारी ने इस फल के महत्व के बारे में क्या बतायालाल बोर व्यापारी रामपाल ने बताया कि दीपावली के दिन मां लक्ष्मी की पूजा में लाल बोर रखने की परंपरा सदियों पुरानी है. वे खुद पिछले 40 वर्षों से दीपावली के अवसर पर इस फल की बिक्री कर रहे हैं. त्योहार नजदीक आते ही बाजार में इसकी मांग बढ़ने लगती है और भीलवाड़ा के लगभग हर घर की लक्ष्मी पूजन की थाली में लाल बोर जरूर शामिल किया जाता है.
कमाई के लिए नहीं उगाया जाता है यह फललाल बोर की खास बात यह है कि यह किसी व्यावसायिक बागवानी में नहीं उगाया जाता, बल्कि जिले के ग्रामीण इलाकों, पहाड़ी क्षेत्रों और जंगली झाड़ियों में प्राकृतिक रूप से पैदा होता है. स्थानीय किसान और संग्राहक इसे इकट्ठा करके बाजार तक पहुंचाते हैं. प्राकृतिक रूप से उगने के कारण इसका स्वाद भी खास होता है. लोग इसे पूजा में रखने के साथ-साथ इसके स्वाद और ताजगी के लिए भी खरीदते हैं.
लक्ष्मी पूजा की थाली में खास है लाल बोरलाल बोर का महत्व केवल धार्मिक परंपरा तक सीमित नहीं है. दीपावली की खरीदारी के दौरान लोग इसे मिठाइयों और दूसरे फलों के साथ खाने के लिए भी खरीदते हैं. इस तरह यह छोटा सा फल भीलवाड़ा में दीपावली की परंपरा का अहम हिस्सा बन चुका है.
About the Authorआनंद पाण्डेयContent Producer
आनंद पाण्डेय वर्तमान में हिंदी (राजस्थान डिजिटल) में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. पिछले 5 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र में अ…
Bhilwara,Bhilwara,Rajasthan
First Published :
November 03, 2026, 18:33 IST



