बाड़मेर में 7 साल की मासूम से दरिंदगी करने वाले को उम्रकैद, DJ कोर्ट ने सुनाई सजा, लगाया 1 लाख रुपये का जुर्माना

Last Updated:November 03, 2026, 17:02 IST
Barmer News: बाड़मेर में सात साल की मासूम के साथ दरिंदगी के मामले में DJ कोर्ट ने सख्त फैसला सुनाया है. न्यायाधीश अजिताभ आचार्य ने दोषी मघ सिंह को अंतिम सांस तक आजीवन कारावास और एक लाख रुपये जुर्माने की सजा दी. पीड़ित परिवार को सात लाख रुपये मुआवजा देने के आदेश भी दिए गए.
ख़बरें फटाफट
7 साल की मासूम से दरिंदगी करने वाले को उम्रकैद
बाड़मेर: बाड़मेर जिले से हैरान कर देने वाली खबर सामने आई है. जिले की पोक्सो अदालत ने सात साल की मासूम बच्ची के साथ दरिंदगी करने वाले एक गुनहगार को कड़ा फैसला सुनाते हुए अंतिम सांस तक आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. अदालत ने साफ बताया कि मासूम बच्चों के साथ ऐसा अमानवीय कृत्य करने वाले अपराधी किसी भी प्रकार की नरमी या दया के हकदार नहीं हैं.
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए पीठासीन अधिकारी एवं जिला एवं सत्र न्यायाधीश (DJ) अजिताभ आचार्य ने जब यह फैसला सुनाया, तो अदालत कक्ष में मौजूद हर व्यक्ति स्तब्ध रह गया और न्यायधीश स्वयं भी भावुक हो गए.
आरोपी को उम्रकैद की सजाअदालत ने आरोपी मघ सिंह पुत्र तेजसिंह (निवासी इंदिरा नगर, बाड़मेर) को दोषी करार देते हुए अंतिम सांस तक आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. इसके साथ ही दोषी पर 1 लाख 75 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है. न्यायालय ने पीड़ित मासूम बच्ची और उसके परिवार के पुनर्वास को सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार की ओर से 7 लाख रुपये का आर्थिक मुआवजा देने का सख्त आदेश भी दिया है. इस मामले की पैरवी कर रहे विशिष्ट लोक अभियोजक पोक्सो दामोदर कुमार चौधरी ने बताया कि अभियोजन पक्ष की ओर से सबूत पेश किए, जिसमें 20 गवाहों के परीक्षण के साथ 44 दस्तावेज और 18 आर्टिकल न्यायालय में पेश किए गए.
कार्यप्रणाली पर कड़े सवाल खड़े किए, लगाई फटकारफैसला सुनाते समय न्यायाधीश अजिताभ आचार्य ने पुलिस अनुसंधान की कार्यप्रणाली पर कड़े सवाल खड़े किए और जांच अधिकारी को कड़ी फटकार लगाई. अदालत ने माना कि बाल अपराधों से जुड़े संवेदनशील मामलों में पुलिस को पूरी तत्परता और संवेदनशीलता के साथ साक्ष्य जुटाने चाहिए. जांच में खामियों की ओर इशारा करते हुए अदालत ने आने वाले कल के लिए प्रशासनिक व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के कड़े निर्देश जारी किए हैं. छोटे बच्चों की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को प्राथमिकता देते हुए जिला मजिस्ट्रेट और पुलिस अधीक्षक को विशेष रूप से निर्देशित किया गया है कि वे पूरे जिले में सार्वजनिक स्थलों पर सीसीटीवी कैमरे अनिवार्य रूप से लगवाएं.
7 वर्षीय मासूम बेटी घर के बाहर खेल रही थी19 जुलाई 2026 को पीड़िता के पिता ने महिला थाना बाड़मेर में लिखित रिपोर्ट दर्ज कराई थी. रिपोर्ट में बताया था कि उनकी 7 वर्षीय मासूम बेटी घर के बाहर खेल रही थी, तभी आरोपी मघ सिंह उसे बहला-फुसलाकर बबुल की झाड़ियों में ले गया और उसके साथ घिनौनी वारदात को अंजाम दिया. पुलिस ने बीएनएस की धाराओं (65(2), 96, 137(2)) और पोक्सो एक्ट (5एम/6, 11(iv)/12) के तहत आरोप प्रमाणित मानते हुए चालान पेश किया था. अदालत के इस ऐतिहासिक फैसले से आमजन में न्यायपालिका के प्रति अटूट विश्वास स्थापित हुई है.
About the AuthorJagriti Dubey
मेरा नाम जागृति दुबे है. मीडिया और डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया में पिछले 6 वर्षों से सक्रिय हूं. पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को मैंने वर्ष 2019 में GBN 24 न्यूज़ चैनल से इंटर्नशिप के साथ शुरुआत देकर एक पेशेव…
और पढ़ेंLocation :
Barmer,Rajasthan
First Published :
November 03, 2026, 17:02 IST



