Entertainment

‘बलि का बकरा न बनाएं’, चेनसॉ हमले के बाद ‘एनिमल’ की आलोचना पर भड़के संदीप रेड्डी वांगा- ‘अपना उल्लू सीधा न करो’

Last Updated:November 04, 2026, 17:49 IST

आंध्र प्रदेश के स्कूल में छात्रा पर चेनसॉ हमले के बाद फिल्मों में दिखाई जा रही हिंसा को लेकर बहस छिड़ गई है. सोशल मीडिया पर कई लोग इस तरह की हिंसा के लिए ‘एनिमल’ जैसी फिल्मों को दोष दे रहे हैं. पहले राम गोपाल वर्मा ने फिल्मों को दोष देने वालों की आलोचना की, अब फिल्ममेकर संदीप रेड्डी वांगा ने सिनेमा को टारगेट करने वालों पर निशाना साधा.

ख़बरें फटाफट

'बलि का बकरा न बनाएं', चेनसॉ हमले के बाद 'एनिमल' की आलोचना पर भड़के डायरेक्टरZoomहिंसा के लिए फिल्म ‘एनिमल’ पर दोष मढ़ने वालों को संदीप रेड्डी का करारा जवाब. (फोटो साभार: IANS)

नई दिल्ली: आंध्र प्रदेश के एक स्कूल में छात्रा पर हुए चेनसॉ हमले ने पूरे देश को झकझोर दिया है. घटना के बाद सोशल मीडिया पर फिल्मों में दिखाई जाने वाली हिंसा को लेकर भी बहस छिड़ गई है. कुछ लोगों ने संदीप रेड्डी वांगा की फिल्मों में दिखाई गई हिंसा पर भी सवाल उठाए. खास तौर पर उनकी फिल्म ‘एनिमल’ के एक सीन की चर्चा होने लगी, जिसमें रणबीर कपूर बंदूक लेकर स्कूल की क्लास में दाखिल होते दिखाई देते हैं. इसी बीच, फिल्ममेकर संदीप रेड्डी वांगा ने अपनी फिल्मों की आलोचना करने वालों पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि ऐसी दुखद घटना के बाद सबसे पहले पीड़ितों और उनके परिवारों के प्रति संवेदना जतानी चाहिए, न कि सिनेमा को इसके लिए जिम्मेदार ठहराने की कोशिश करनी चाहिए.

निर्देशक संदीप रेड्डी वांगा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के जरिए अपनी बात रखी. उन्होंने लिखा, ‘जब कोई व्यक्ति जघन्य अपराध करता है, तो हमारी पहला रिएक्शन पीड़ितों के प्रति संवेदना जताने और समस्या की गहराई को समझने की होनी चाहिए. सिनेमा को आसान निशाना बनाकर बलि का बकरा नहीं ढूंढना चाहिए. अब यह साफ होता जा रहा है कि आपकी चिंता पीड़ितों या उनके परिवारों के लिए नहीं है, बल्कि आप इस भयानक घटना का इस्तेमाल अपने निजी हिसाब-किताब चुकाने के लिए कर रहे हैं.’

(फोटो साभार: X@imvangasandeep)

फिल्म इंडस्ट्री के लोगों पर साधा निशानासंदीप रेड्डी वांगा ने फिल्म इंडस्ट्री के कुछ लोगों पर भी निशाना साधा. वे बोले, ‘कुछ कलाकार और फिल्ममेकर ऐसी घटनाओं का इस्तेमाल दूसरों के काम पर निशाना साधने के लिए करते हैं और मौका मिलते ही खुद को समाज सुधारक घोषित कर देते हैं. किसी त्रासदी के समय संवेदना दिखानी चाहिए, उसका फायदा नहीं उठाना चाहिए. दोनों के बीच का फर्क समझिए.’ घटना के बाद इलाके में गुस्सा है और सोशल मीडिया पर भी इस मामले को लेकर कई रिएक्शन सामने आए हैं. घटना के बाद इस सीन को लेकर एक बार फिर बहस शुरू हो गई कि फिल्मों में हिंसक सीन का समाज पर क्या असर पड़ता है.

फिल्मों को दोष देने वालों को रामगोपाल वर्मा का जवाबफिल्ममेकर राम गोपाल वर्मा ने भी इस बहस पर अपना रिएक्शन दिया है. उन्होंने फिल्मों को हिंसा के लिए जिम्मेदार ठहराने की सोच पर सवाल उठाते हुए एक्स पर लिखा, ‘हिंसा बढ़ने के लिए फिल्मों को दोष देना ऐसा ही है, जैसे अपहरण की घटनाएं बढ़ने के लिए ‘रामायण’ को दोष देना.’ दरअसल, आंध्र प्रदेश के अनंतपुर जिले के राप्टाडु स्थित एक स्कूल में चेनसॉ से हुए हमले के बाद मामला चर्चा में आया है. जानकारी के मुताबिक, 21 साल का हेमंत कथित तौर पर कक्षा 10 की पढ़ाई के दौरान क्लासरूम में घुसा और 15 साल की एक छात्रा पर चेनसॉ से हमला कर दिया. इस दौरान, लक्ष्मी नाम की एक अन्य छात्रा भी घायल हो गई. बताया जा रहा है कि उसने अपनी क्लासमेट को बचाने की कोशिश की थी. पुलिस की शुरुआती जांच के मुताबिक, आरोपी पीड़िता का रिश्तेदार बताया जा रहा है. आरोप है कि वह काफी समय से छात्रा का पीछा कर रहा था और प्रपोजल ठुकराए जाने के बाद उसने हमला किया.

About the AuthorAbhishek NagarSenior Sub Editor

अभिषेक नागर ‘न्यूज18 डिजिटल’ में सीनियर सब एडिटर के पद पर काम कर रहे हैं. दिल्ली के रहने वाले अभिषेक नागर ‘न्यूज18 डिजिटल’ की एंटरटेनमेंट टीम का हिस्सा हैं. उन्होंने एंटरटेनमेंट बीट के अलावा करियर, हेल्थ और…

और पढ़ेंLocation :

New Delhi,New Delhi,Delhi

First Published :

November 04, 2026, 17:49 IST

Source link

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

Uh oh. Looks like you're using an ad blocker.

We charge advertisers instead of our audience. Please whitelist our site to show your support for Nirala Samaj