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दिवाली पर पटाखे फोड़ने से पहले जान लें ये जरूरी बातें, ENT डॉक्टर ने दी चेतावनी

Last Updated:November 05, 2026, 09:56 IST

Diwali Precautions: दीपावली पर छोटे बच्चों से लेकर बड़े तक खूब पटाखे छुड़ाते हैं. कई बार देखने में आता है कि पटाखे छूटने से कुछ घटनाएं भी सामने आती है. जिसमें बच्चे या फिर बड़े झुलस जाते हैं. पटाखे जलाते वक्त किन सावधानियां को बरतना चाहिए. साथ ही विशेष सावधानी बरते. क्योंकि कई बार छोटी सी लापरवाही के कारण कानों की सुनने की क्षमता भी जा सकती है.

मेरठ: दीपावली का पर्व नजदीक है. ऐसे में देखने को मिलता है कि हर कोई हर्षोल्लास के साथ इस उत्सव को मानता है. जिसमें कि पटाखों का किरदार भी काफी अहम हो जाता है. लेकिन कई बार यही पटाखे लोगों के लिए काफी घातक भी सिद्ध हो जाते हैं. खास तौर पर छोटे बच्चे और बुजुर्गों के कानों की सुनने की क्षमता प्रवेश का बड़ा प्रभाव पड़ता है. इन बातों को ध्यान रखते हुए लोकल 18 की टीम द्वारा मेडिकल कॉलेज के नाक कान गला रोग के विभागाध्यक्ष डॉ विनीत शर्मा से खास बातचीत की.

लोकल 18 की टीम से खास बातचीत करते हुए डॉक्टर विनीत शर्मा ने कहा कि वर्तमान समय की अगर बात की जाए तो प्रतिदिन ओपीडी में आने वाले मरीजों की संख्या में इजाफा होता जा रहा है. जो की कान की समस्या से पीड़ित है. जबकि पहले बुजुर्गों की संख्या अधिक होती थी. ऐसे में दीपावली का पावन पर्व नजदीक है. इसलिए अधिक शोर वाले पटाखों का उपयोग बिलकुल भी ना करें. क्योंकि यह कान की क्षमता पर अधिक प्रभाव डालते हैं.

दीपावली के बाद बढ़ती है मरीजों की संख्या

उन्होंने बताया कि हर साल दीपावली के बाद काफी संख्या में ऐसे मरीज आते हैं. जो पटाखे की तरंगों से उत्पन्न होने वाली तरग की वजह से काफी पीड़ित होते हैं. क्योंकि यह सीधे कान के परदे पर असर डालते हैं. जिससे छेद होने की संभावना बन जाती है. यह स्थिति कभी इतनी विकराल होती है, कि इसके लिए ऑपरेशन तक करना पड़ता है. इसलिए सीमित मात्रा में ही ग्रीन पटाखे का उपयोग करें. जो की वायु प्रदूषण को नुकसान ना पहुंचाएं साथी आपका स्वास्थ्य भी काफी बेहतर है.

छोटे बच्चों का रखें विशेष ध्यान

उन्होंने बताया कि देखने को मिलता है कि जैसे ही कोई तेज आवाज का पटाखा छूटता है तो चाहे छोटे बच्चों को बुजुर्ग हो या युवा हो सभी एकदम सुन्न हो जाते हैं. कई बार तो यह सुन्न थोड़ी देर में ही शांत हो जाता लेकिन अधिक शोर होने के बात यह समस्या जिंदगी भर के लिए बन जाती है. इसीलिए पटाखे छोड़ते समय सावधानी बरते हैं. इसी के साथ अगर आपके छोटे बच्चे हैं या न्यू बोर्न बेबी है तो ऐसे अभिभावकों को विशेष रूप से ध्यान रखना चाहिए. क्योंकि ऐसे बच्चों के लिए यह अधिक घातक साबित होते हैं. बताते चलें कि पटाखों को छोड़ते समय विशेष सावधानी बरते. क्योंकि इससे कान ही नहीं बल्कि शरीर के विभिन्न भागों को भी अधिक नुकसान पहुंचता है

Location :

Meerut,Uttar Pradesh

First Published :

November 05, 2026, 09:56 IST

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