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Last Updated:November 19, 2025, 09:50 IST
डॉ राजकुमार (आयुष) ने कहा है नमक वाला गुनगुना पानी शरीर में गर्माहट लाने का आसान और प्राकृतिक तरीका है. जब ठंड में पैर गुनगुने पानी में डुबोए जाते हैं, तो पैरों की नसों में रक्त का बहाव तेज होता है. इससे पूरे शरीर में रक्त संचार बेहतर होता है और हाथ पैरों में जमी ठंडक धीरे धीरे खत्म होने लगती है.
ऋषिकेश: सर्दियों का मौसम पहाड़ों में सिर्फ ठंड नहीं, बल्कि तेज ठंडी हवाओं, बर्फीले रास्तों और कड़ी मेहनत का मौसम होता है. यहां के लोग अक्सर दिनभर खेतों में काम करते हैं, चढ़ाई उतराई करते हैं और ठंडी मिट्टी या पत्थरों पर चलते हैं. इस वजह से शरीर और खासतौर पर पैरों में थकान, जकड़न और ठंडक बनी रहती है. ऐसे में पहाड़ी परिवारों में रात सोने से पहले एक खास घरेलू नुस्खा अपनाया जाता है. वे नमक मिले गुनगुने पानी में 10 से 15 मिनट तक अपने पैर भिगोते हैं. यह परंपरा सिर्फ आराम देने के लिए नहीं, बल्कि कई सेहतमंद लाभों से जुड़ी हुई है.
क्या है फायदा
लोकल 18 के साथ बातचीत के दौरान डॉ राजकुमार (आयुष) ने कहा है नमक वाला गुनगुना पानी शरीर में गर्माहट लाने का आसान और प्राकृतिक तरीका है. जब ठंड में पैर गुनगुने पानी में डुबोए जाते हैं, तो पैरों की नसों में रक्त का बहाव तेज होता है. इससे पूरे शरीर में रक्त संचार बेहतर होता है और हाथ पैरों में जमी ठंडक धीरे धीरे खत्म होने लगती है. गुनगुना पानी मांसपेशियों को आराम देता है, जबकि नमक में मौजूद प्राकृतिक मिनरल्स जैसे मैग्निशियम, कैल्शियम और पोटैशियम सूजन को कम करते हैं. अगर पैरों में दर्द, सूजन या हल्की जलन जैसी समस्या हो, तो यह उपाय राहत देने में मददगार साबित होता है. पहाड़ों में जहां ठंड के कारण अक्सर जोड़ों में दर्द और अकड़न की समस्या होती है, वहां यह घरेलू तरीका बिना दवा के बहुत फायदा पहुंचाता है.
गुनगुने पानी में पैर डुबाने से दिमाग शांत होता है
दिनभर की पैदल यात्रा, काम और ठंड के कारण शरीर में थकान और तनाव बढ़ जाता है. जब पैरों को नमक मिले गुनगुने पानी में डुबोया जाता है, तो दिमाग को आराम पहुंचता है. इससे मानसिक तनाव धीरे धीरे कम होता है और दिमाग शांत महसूस करता है. आयुर्वेद के अनुसार गुनगुने पानी में पैर डुबाने से शरीर में खुश करने वाले हार्मोन एक्टिव होते हैं, जिससे मूड अच्छा होता है और मन हल्का लगता है. इसलिए पहाड़ों के लोग न सिर्फ खुद यह उपाय करते हैं, बल्कि बच्चों और बुजुर्गों को भी करवाते हैं.
नींद गहरी और आरामदेह आती है
रात को सोने से पहले पैर भिगोने का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इससे नींद गहरी और आरामदेह आती है. जब पैरों से गर्माहट शरीर और दिमाग तक पहुंचती है, तो नींद लाने वाले हार्मोन बेहतर तरीके से काम करने लगते हैं. पहाड़ी इलाकों में लोग मानते हैं कि ऐसा करने से बच्चे रात में ज्यादा करवट नहीं लेते और चैन से सोते हैं.
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Rishikesh,Dehradun,Uttarakhand
First Published :
November 19, 2025, 08:58 IST
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दिनभर की थकान हो जाएगी दूर, बस रात में नमक के पानी में भिंगो लें पैर



