वोटर लिस्ट अपडेट के लिए आधार जरूरी नहीं, SIR के 12 राज्यों में लागू… जानें कौन-कौन से कागज लगेंगे

Last Updated:October 27, 2025, 18:53 IST
Election Commission: चुनाव आयोग ने 12 राज्यों में मतदाता सूची का विशेष पुनरीक्षण शुरू किया है. अब 2003 की वोटर लिस्ट से नाम मिलाने पर अतिरिक्त दस्तावेज नहीं देने होंगे.
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जिनका नाम साल 2003 की वोटर लिस्ट में था तो अतिरिक्त दस्तावेज देने की जरूरत नहीं.
देश में वोटर लिस्ट को लेकर चुनाव आयोग ने एक बड़ी घोषणा की है. मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने बताया कि 12 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में “स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन” (SIR) यानी मतदाता सूची का विशेष पुनरीक्षण शुरू किया जा रहा है. इसके तहत पुराने वोटर रिकॉर्ड की जांच और नए नामों का सत्यापन किया जाएगा.
आधी रात से ‘फ्रीज’ होगी वोटर लिस्टचुनाव आयोग ने कहा है कि जिन राज्यों में ये प्रक्रिया चलेगी, वहां की वोटर लिस्ट सोमवार रात 12 बजे से फ्रीज हो जाएगी. यानी इस वक्त के बाद लिस्ट में कोई बदलाव नहीं किया जा सकेगा. हर मतदाता को यूनिक एन्यूमरेशन फॉर्म मिलेगा, जिसे BLO (Booth Level Officer) घर-घर जाकर बांटेंगे. इस फॉर्म में उस व्यक्ति की पूरी जानकारी पहले से दर्ज होगी.
आपके माता-पिता का नाम 2003 की लिस्ट में है तो राहतज्ञानेश कुमार ने बताया कि अगर किसी व्यक्ति का नाम 2003 की वोटर लिस्ट में है, तो उसे किसी नए दस्तावेज की जरूरत नहीं पड़ेगी. इतना ही नहीं, अगर उस वक्त व्यक्ति का नाम नहीं था, लेकिन उसके माता-पिता का नाम मौजूद था, तो भी अतिरिक्त दस्तावेज नहीं देने होंगे.
लोग खुद भी जांच कर सकते हैं कि उनका नाम या उनके माता-पिता का नाम 2002 से 2004 की वोटर लिस्ट में था या नहीं. ये लिस्ट voters.eci.gov.in वेबसाइट पर उपलब्ध है.
कौन-कौन देखरेख करेगा इस प्रक्रिया कीहर पोलिंग स्टेशन पर करीब 1,000 मतदाता होते हैं और एक BLO इन सबकी जिम्मेदारी संभालता है. एक विधानसभा क्षेत्र में कई पोलिंग स्टेशन होते हैं और पूरे क्षेत्र की देखरेख एक ERO (इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर) करता है.
अगर नाम लिस्ट में नहीं है तो कौन से दस्तावेज लगेंगे?अगर आपका नाम 2003 की लिस्ट में नहीं मिलता और आपके माता-पिता का भी नाम नहीं था, तब कुछ वैध दस्तावेज लगाने होंगे. इनमें शामिल हैं–
सरकार या सरकारी उपक्रम द्वारा जारी पहचान पत्र या पेंशन ऑर्डर
1 जुलाई 1987 से पहले जारी कोई सरकारी पहचान प्रमाण
जन्म प्रमाणपत्र
पासपोर्ट या शैक्षणिक प्रमाणपत्र
स्थायी निवास प्रमाणपत्र
जाति प्रमाणपत्र (OBC/SC/ST)
भूमि या मकान आवंटन पत्र
फैमिली रजिस्टर या फॉरेस्ट राइट सर्टिफिकेट
ध्यान देने वाली बात ये है कि आधार कार्ड देना अनिवार्य नहीं है, यह पूरी तरह वैकल्पिक रहेगा.
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New Delhi,Delhi
First Published :
October 27, 2025, 18:53 IST
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वोटर लिस्ट अपडेट के लिए आधार जरूरी नहीं, SIR के 12 राज्यों में लागू; ये कागज..


