ahoi ashtami 2026 today taare nikalne ka time ahoi ashtami star rise time city wise | अहोई अष्टमी पर कब होंगे तारों के दर्शन? दिल्ली, UP, भोपाल समेत अ

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अहोई अष्टमी पर कब होंगे तारों के दर्शन? जानें आपके शहर में तारे निकलने का समय
Last Updated:November 01, 2026, 13:42 IST
Ahoi Ashtami 2026 Taare Nikalne Ka Time: अहोई अष्टमी के पावन व्रत पर माताएं अपनी संतान की लंबी उम्र और खुशहाल जीवन के लिए निर्जला व्रत रखती हैं. इस दिन तारों को देखने और उन्हें अर्घ्य देने का विशेष महत्व होता है. यदि आप भी जानना चाहते हैं कि दिल्ली, उत्तर प्रदेश, भोपाल और अन्य प्रमुख शहरों में तारों के दर्शन और अर्घ्य देने का सटीक समय क्या रहेगा, तो यहाँ जानें अपने शहर के अनुसार पूजा और चंद्र/तारों को अर्घ्य देने का सही मुहूर्त.
Ahoi Ashtami 2026 Taare Nikalne Ka Time: अहोई अष्टमी का पर्व संतान की सुख-समृद्धि और लंबी आयु की कामना के लिए मनाया जाता है. आज माताएं अहोई माता का व्रत रखती हैं और शाम के समय विधि-विधान से पूजा-अर्चना करती हैं. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, अहोई माता की पूजा करने से संतान के जीवन में आने वाली परेशानियां दूर होती हैं और परिवार में सुख-शांति बनी रहती है. अहोई अष्टमी पर तारों की पूजा का विशेष महत्व है. मान्यता है कि माताएं शाम को आकाश में तारे निकलने के बाद उन्हें जल अर्पित करती हैं और अपनी संतान की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य तथा उज्ज्वल भविष्य की प्रार्थना करती हैं. तारों को अर्घ्य देने के बाद व्रत का पारण किया जाता है. आइए जानते हैं दिल्ली, UP, मध्य प्रदेश समेत आपके शहर में तारों के निकलने का सटीक समय…
अहोई अष्टमी 2026: शहरों के अनुसार तारों के निकलने का समय
अहोई माता की पूजा का शुभ मुहूर्त – शाम 5:36 से 6:54 बजे तक.तारों के दर्शन का समय – शाम करीब 6:01 बजे.
प्रमुख शहरों में तारों के निकलने का समय
शहर तारे निकलने का समयदिल्लीशाम 6 बजकर 01 मिनटनोएडाशाम 6 बजेमथुराशाम 6 बजेवृंदावनशाम 6 बजेमुंबईशाम 6 बजकर 28 मिनटजयपुरशाम 6 बजकर 08 मिनटलखनऊशाम 5 बजकर 47 मिनटभोपालशाम 6 बजकर 05 मिनटकोलकाताशाम 5 बजकर 22 मिनट
पटनाशाम 5 बजकर 30 मिनटचंडीगढ़शाम 6 बजेअहमदाबादशाम 6 बजकर 25 मिनटबेंगलुरुशाम 6 बजकर 15 मिनटचेन्नईशाम 6 बजकर 04 मिनटहैदराबादशाम 6 बजकर 07 मिनटपुणेशाम 6 बजकर 24 मिनट
नोट: इस प्रकार अहोई अष्टमी पर माताएं तारों को अर्घ्य देकर अहोई माता से अपनी संतान की खुशहाली और लंबी उम्र की कामना करती हैं. धार्मिक मान्यता है कि श्रद्धापूर्वक व्रत और पूजा करने से माता का आशीर्वाद प्राप्त होता है. वास्तविक दर्शन मौसम, बादलों और स्थानीय वातावरण के अनुसार कुछ मिनट आगे-पीछे हो सकते हैं.
About the AuthorParag SharmaChief Sub Editor
पराग शर्मा Hindi Digital में Chief Sub Editor के पद पर कार्यरत हैं. वर्तमान में धर्म, ज्योतिष, ग्रह-नक्षत्र, राशि और वास्तु से जुड़ी खबरों पर काम कर रहे हैं. भारतीय धार्मिक परंपराओं, ज्योतिष शास्त्र, मेद…
November 01, 2026, 13:40 IST



