Air Pollution & Lung Health: बढ़ते प्रदूषण में ऐसे रखें सांसों की सेहत का ख्याल: धूल-धुएं से बचने के लिए अपनाएं ये आसान घरेलू उपाय

Last Updated:October 03, 2026, 17:32 IST
Air Pollution & Lung Health: बढ़ते प्रदूषण के इस दौर में सांसों की सेहत का ख्याल रखना बेहद जरूरी हो गया है. धूल और धुएं से होने वाली बीमारियों से बचने के लिए लोग अक्सर महंगे इलाज या दवाइयों का सहारा लेते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि कुछ आसान घरेलू उपाय भी आपको इस समस्या से निजात दिला सकते हैं? इन उपायों को अपनाकर आप न सिर्फ अपनी सांसों को स्वस्थ रख सकते हैं, बल्कि प्रदूषण के हानिकारक प्रभावों से भी खुद को बचा सकते हैं. आइए जानते हैं ऐसे ही कुछ प्रभावी घरेलू नुस्खों के बारे में.
Air Pollution & Lung Health: हवा में बढ़ता धुआं, धूल और पार्टिकुलेट प्रदूषण सिर्फ बाहर निकलने में परेशानी नहीं पैदा करता, बल्कि सांस से जुड़ी परेशानियां को भी बढ़ा सकता है. खासकर बच्चों, बुजुर्गों और पहले से अस्थमा या किसी दूसरी सांस की बीमारी से जूझ रहे लोगों को प्रदूषित हवा में ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत होती है. ऐसे में थोड़ी सी सतर्कता और रोजमर्रा की कुछ आसान आदतें सांस की सेहत को बेहतर रखने में मदद कर सकती हैं. ये आदत ना केवल सूखापन या खराश से राहत देंगी बल्कि शारीरिक व मानसिक रूप से मजबूत भी होंगे. आइए जानते हैं धूल-धुएं से बचाव के लिए कौन से उपाय करें…
आयुष मंत्रालय ने सोशल मीडिया पर बताया कि हवा में मौजूद धूल, धुआं और बारीक कण सांस के साथ शरीर के अंदर पहुंच सकते हैं. इससे कुछ लोगों में खांसी, गले में खराश, नाक बंद होना, सांस लेने में परेशानी या घरघराहट जैसी दिक्कतें बढ़ सकती हैं. इसके अलावा, ENSO से जुड़ी सूखे की परिस्थितियां कुछ क्षेत्रों में जंगलों में आग और धूल भरी आंधियों का खतरा बढ़ा सकती हैं. इससे हवा में धुआं और पार्टिकुलेट प्रदूषण बढ़ने पर सांस की समस्याएं और परेशान कर सकती हैं. इसलिए बच्चों और बुजुर्गों के साथ-साथ पहले से सांस की बीमारी वाले लोगों को खास सावधानी रखनी चाहिए.
हल्की सर्दी-जुकाम या खांसी में कुछ पारंपरिक घरेलू उपाय भी आजमाए जाते हैं. जैसे सूखी अदरक यानी सोंठ को गुड़ के साथ लेना, हल्दी वाला दूध या तुलसी के रस में शहद मिलाकर लेना. हालांकि, ये उपाय लक्षणों में राहत के लिए हो सकते हैं, किसी गंभीर बीमारी का इलाज नहीं हैं.
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नाक बंद होने या गले में खराश जैसी परेशानी में भाप लेना कुछ लोगों को आराम दे सकता है. इसी तरह गुनगुने नमक या हल्दी वाले पानी से गरारे करने से गले की परेशानी में राहत मिल सकती है. भाप लेते समय बहुत गर्म पानी से जलने से बचें, खासकर बच्चों के मामले में.
सांस और शरीर को सक्रिय रखने के लिए योग भी मददगार हो सकता है. भुजंगासन और गोमुखासन जैसे आसनों को अपनी क्षमता के अनुसार अभ्यास में शामिल किया जा सकता है. इनके साथ नाड़ी शोधन और भ्रामरी प्राणायाम भी किए जा सकते हैं. लेकिन अगर सांस लेने में ज्यादा परेशानी, लगातार खांसी, सीने में दर्द, तेज घरघराहट या सांस फूलने जैसी समस्या हो, तो केवल घरेलू उपायों पर निर्भर ना रहें और डॉक्टर से सलाह लें.
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October 03, 2026, 17:32 IST



