घड़ा, खुदाई और अफवाह, निवाई में खजाने की कहानी के पीछे निकली शातिर ठगी की प्लानिंग

Last Updated:January 05, 2026, 22:41 IST
Tonk News : निवाई क्षेत्र में खुदाई के दौरान मिले घड़े में नकली सोना निकला, मुकेश मीणा और अभिषेक मीणा ने ठगी की साजिश रची थी. पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार किया है. जांच जारी है. पुलिस के अनुसार, पकड़े गए आरोपी मुकेश मीणा और अभिषेक मीणा हैं, जो सीदड़ा गांव के रहने वाले हैं.
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दौलत पारीख/टोंक. टोंक जिले के निवाई क्षेत्र में खुदाई के दौरान घड़ा मिलने की घटना को लेकर बड़ा और चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है. जिस मामले को पहले खजाना मिलने और पुरातात्विक महत्व से जोड़कर देखा जा रहा था, अब पुलिस जांच में इसके पीछे ठगी की पूरी साजिश उजागर हो गई है. DST और निवाई थाना पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिन्होंने नकली सोने को असली बताकर लोगों को ठगने की योजना बनाई थी.
पुलिस के अनुसार, पकड़े गए आरोपी मुकेश मीणा और अभिषेक मीणा हैं, जो सीदड़ा गांव के रहने वाले हैं. प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि दोनों आरोपियों ने ही जमीन में एक घड़ा जानबूझकर छिपाया था. इस घड़े में नकली सोने की ईंटें और बिस्किट रखे गए थे, जिन्हें आगामी दिनों में किसी भोले-भाले व्यक्ति को दिखाकर असली खजाना बताने और बड़ी रकम की ठगी करने की तैयारी थी. पुलिस ने आरोपियों के पास से नकली सोने की ईंट और बिस्किट बरामद कर लिए हैं.
पहले फैलाते थे अफवाह, फिर कर देते थे ये कामपुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों की योजना बेहद सुनियोजित थी. वे पहले इलाके में खुदाई के दौरान खजाना मिलने की अफवाह फैलाने वाले थे, ताकि लोगों का भरोसा जीता जा सके. इसके बाद नकली सोने को असली बताकर सौदेबाजी कर ठगी को अंजाम देना उनका मकसद था. समय रहते पुलिस की सक्रियता से एक बड़ी ठगी की वारदात टल गई.
पुरातत्व विभाग जांच में लगाइधर, खुदाई में मिले घड़े को लेकर प्रशासन और पुरातत्व विभाग भी पूरी तरह सतर्क नजर आ रहा है. निवाई ट्रेजरी में पुरातत्व और प्रशासन की टीम पहुंची, जहां घड़े और उसमें मिले सामान को सुरक्षित रखा गया है. पुरातत्व विभाग के अधिकारी इस पूरे मामले की गहन जांच करेंगे ताकि यह स्पष्ट किया जा सके कि घड़े या उसके स्वरूप का किसी भी तरह का ऐतिहासिक या पुरातात्विक महत्व तो नहीं है.
पुरातत्व विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जांच के बाद एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी, जिसे जिला कलेक्टर को सौंपा जाएगा. इसके अलावा पुरातत्व की टीम देवरी गांव जाकर भी मौके की जांच करेगी, जहां खुदाई के दौरान यह घड़ा मिलने की बात सामने आई थी. टीम यह पता लगाने का प्रयास करेगी कि वहां किसी अन्य तरह की पुरानी संरचना या ऐतिहासिक अवशेष तो मौजूद नहीं हैं.
हर पहलू की हो रही है जांचइस दौरान निवाई के SDM, CO, थानाधिकारी सहित कई प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी मौके पर मौजूद रहे. अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि मामले में हर पहलू की गंभीरता से जांच की जा रही है. पुलिस जहां ठगी की साजिश को लेकर कानूनी कार्रवाई कर रही है, वहीं प्रशासन और पुरातत्व विभाग इस बात को सुनिश्चित करने में जुटा है कि किसी भी ऐतिहासिक धरोहर के साथ कोई लापरवाही न हो.
About the AuthorAnand Pandey
नाम है आनंद पाण्डेय. सिद्धार्थनगर की मिट्टी में पले-बढ़े. पढ़ाई-लिखाई की नींव जवाहर नवोदय विद्यालय में रखी, फिर लखनऊ में आकर हिंदी और पॉलीटिकल साइंस में ग्रेजुएशन किया. लेकिन ज्ञान की भूख यहीं शांत नहीं हुई. कल…और पढ़ें
First Published :
January 05, 2026, 22:39 IST
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सोना, घड़ा, और अफवाह! निवाई में खजाने की कहानी के पीछे शातिर ठगी की प्लानिंग



