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फर्जी FMG सर्टिफिकेट का बड़ा खेल, 3 और ‘डॉक्टर’ गिरफ्तार, किसी ने 25 तो किसी ने 29 लाख दिए

Last Updated:August 14, 2026, 10:15 IST

Rajasthan Fake Doctor Case: राजस्थान में फर्जी मेडिकल सर्टिफिकेट के जरिए डॉक्टर के रूप में रजिस्ट्रेशन कराने वाले नेटवर्क पर एसओजी का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है. जयपुर में कार्रवाई करते हुए एजेंसी ने तीन और आरोपियों को गिरफ्तार किया है. इनमें राजेन्द्र यादव, आशीष शर्मा और नरेश रोलानिया शामिल हैं. जांच के मुताबिक तीनों ने विदेश से एमबीबीएस की पढ़ाई की थी, लेकिन राजस्थान मेडिकल काउंसिल में रजिस्ट्रेशन के लिए फर्जी एफएमजी प्रमाण-पत्र का सहारा लिया. आशीष ने कजाकिस्तान से एमबीबीएस के बाद 25 लाख रुपये में फर्जी सर्टिफिकेट खरीदा. राजेन्द्र ने चीन से एमबीबीएस करने के बाद 29 लाख रुपये चुकाए, जबकि नरेश ने कजाकिस्तान से पढ़ाई के बाद 26 लाख रुपये देकर प्रमाण-पत्र हासिल किया. तीनों ने राजस्थान के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में इंटर्नशिप भी की. एसओजी के एडीजी विशाल बंसल के अनुसार, आरोपियों के संबंध मुख्य आरोपी भानाराम उर्फ भानू के नेटवर्क से सामने आए हैं. कोर्ट ने तीनों को 14 अगस्त तक पुलिस रिमांड पर भेजा है.

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फर्जी सर्टिफिकेट का बड़ा खेल! 3 ‘डॉक्टर’ गिरफ्तार, जानें किसने कितने में खरीदाZoomराजस्थान में फर्जी मेडिकल सर्टिफिकेट के जरिए डॉक्टर के रूप में रजिस्ट्रेशन कराने वाले तीन फर्जी डॉक्टर गिरफ्तार

जयपुर. राजस्थान में फर्जी एफएमजी (Foreign Medical Graduate) सर्टिफिकेट के जरिए डॉक्टर बनने के मामले में एसओजी ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन और कथित डॉक्टरों को गिरफ्तार किया है. इस गिरफ्तारी के साथ ही पूरे नेटवर्क का दायरा और बड़ा होता नजर आ रहा है. जांच में सामने आया है कि विदेश से एमबीबीएस करने वाले इन आरोपियों ने लाखों रुपये खर्च कर फर्जी एफएमजी सर्टिफिकेट खरीदे और उसी के आधार पर राजस्थान मेडिकल काउंसिल में पंजीकरण हासिल कर लिया. इसके बाद उन्होंने सरकारी मेडिकल कॉलेजों में इंटर्नशिप भी की.

एसओजी का कहना है कि यह केवल फर्जी दस्तावेजों का मामला नहीं, बल्कि प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था और मरीजों की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर अपराध है. अब तक इस प्रकरण में 25 डॉक्टरों समेत 30 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है. एसओजी के एडीजी विशाल बंसल ने बताया कि गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपियों की पहचान राजेन्द्र यादव, आशीष शर्मा और नरेश रोलानिया के रूप में हुई है. तीनों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें 14 अगस्त तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया. पूछताछ में फर्जी सर्टिफिकेट बेचने वाले गिरोह और आर्थिक लेनदेन से जुड़े कई अहम सुराग मिलने की उम्मीद है.

तीनों ने लाखों रुपये देकर खरीदे थे फर्जी सर्टिफिकेट

जांच में सामने आया कि आशीष शर्मा ने वर्ष 2021 में कजाकिस्तान से MBBS किया था. भारत लौटने के बाद उसने शुभम गुर्जर नामक व्यक्ति को करीब 25 लाख रुपये देकर फर्जी FMG सर्टिफिकेट खरीदा. इसी प्रमाण-पत्र के आधार पर उसने RMC में पंजीकरण कराया और करौली के सरकारी मेडिकल कॉलेज से इंटर्नशिप भी पूरी की. वहीं राजेन्द्र यादव ने वर्ष 2012 में चीन से MBBS की डिग्री हासिल की थी. उसने संदीप नाम के व्यक्ति से 29 लाख रुपये में फर्जी FMG सर्टिफिकेट खरीदा और उसी के जरिए मेडिकल प्रैक्टिस का रास्ता तैयार किया. तीसरे आरोपी नरेश रोलानिया ने वर्ष 2021 में कजाकिस्तान से MBBS किया. उसने अपने रिश्तेदार नरेन्द्र को 26 लाख रुपये देकर फर्जी FMG सर्टिफिकेट हासिल किया. इसके बाद उसने उदयपुर मेडिकल कॉलेज से इंटर्नशिप भी पूरी की.

मुख्य आरोपी भानाराम से जुड़े हैं तार

एसओजी के अनुसार तीनों आरोपी मुख्य साजिशकर्ता भानाराम उर्फ भानू के नेटवर्क से जुड़े हुए हैं. जांच एजेंसी का मानना है कि यह गिरोह विदेश से मेडिकल डिग्री लेकर लौटने वाले छात्रों को निशाना बनाता था और मोटी रकम लेकर फर्जी एफएमजी सर्टिफिकेट उपलब्ध कराता था. इन दस्तावेजों के जरिए राजस्थान मेडिकल काउंसिल में पंजीकरण कराया जाता था, जिससे आरोपी वैध डॉक्टर के रूप में काम कर सकें.

जांच का लगातार बढ़ रहा है दायरा

एसओजी का कहना है कि अब तक इस मामले में 25 डॉक्टरों सहित 30 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है. पुलिस रिमांड के दौरान आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाया जाएगा कि फर्जी प्रमाण-पत्र तैयार करने, बेचने और मेडिकल संस्थानों तक पहुंचाने के नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं. एजेंसी का मानना है कि आने वाले दिनों में इस हाई-प्रोफाइल मामले में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं.

About the Authorदीप रंजन सिंह Content Producer

दीपरंजन सिंह लगभग एक दशक से पत्रकारिता के फिल्ड से जुड़े हुए हैं. वह अभी न्यूज18 हिंदी के राजस्थान डिजिटल डेस्क से जुड़े हैं, जहां वे बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. पिछले लगभग एक दशक से सक्रिय पत…

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Jaipur,Rajasthan

First Published :

August 14, 2026, 10:15 IST

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