अलवर मोर्चरी का डरावना खेल! गलत शव थमाकर करा दिया अंतिम संस्कार, सच्चाई निकली तो सब दंग

Last Updated:December 09, 2025, 19:02 IST
Alwar News : अलवर जिला अस्पताल में बड़ी लापरवाही सामने आई, जहां मोर्चरी में रखे एक अज्ञात शव की गलत पहचान कर उसे दूसरे परिवार को सौंप दिया गया. परिवार उस शव का अंतिम संस्कार भी कर चुका था, लेकिन अस्थि विसर्जन से पहले पुलिस ने फोन कर असली शव लेने को कहा. इससे अस्पताल प्रशासन और पुलिस दोनों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. मोर्चरी में रखे तीन शवों के मिलान में हुई गड़बड़ी ने पूरे सिस्टम की खामियों को उजागर कर दिया है.
नितिन शर्मा/अलवर. अलवर जिला अस्पताल से एक चौंकाने वाली और गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है, जिसने अस्पताल प्रशासन और पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. मोर्चरी में रखे एक अज्ञात व्यक्ति के शव की गलत पहचान कर उसे दूसरे परिवार को सौंप दिया गया. परिवार ने उसी शव का अंतिम संस्कार भी कर दिया और जब अस्थियों का विसर्जन करने हरिद्वार जाने की तैयारी कर रहा था, तभी पुलिस का फोन आया कि वे अपना शव लेकर जाएं. इस पर परिवार स्तब्ध रह गया और पुलिस व अस्पताल प्रशासन भी हड़बड़ा गया. घटना 7 नवंबर की बताई जा रही है, लेकिन मामला अब उजागर हुआ है.
पहले पैराग्राफ में ही यह मामला समझ आता है कि कैसे अस्पताल और पुलिस की दोहरी लापरवाही ने एक संवेदनशील स्थिति पैदा कर दी. मृतक के परिजन बेहद परेशान हैं कि वे जिस शव को अपने बुजुर्ग का मानकर अंतिम संस्कार कर आए, वह वास्तव में किसी और का था. वहीं, पुलिस अब उस असली शव को परिजनों तक पहुंचाने में उलझ गई है. पूरे घटनाक्रम ने अस्पताल की मोर्चरी व्यवस्था, पहचान प्रक्रिया और पुलिस की निगरानी पर बड़े सवाल खड़े किए हैं.
मोर्चरी में रखे थे तीन शव, गलत बॉडी थमाकर बढ़ा दिया भ्रम
जानकारी के मुताबिक, 7 नवंबर को अलवर जिला अस्पताल की मोर्चरी में तीन अज्ञात शव रखे गए थे. इनमें से एक शव एमआईए थाना पुलिस लेकर आई थी. दूसरा शव कोतवाली पुलिस ने मोर्चरी में रखा था. तीसरा अज्ञात शव जीआरपी पुलिस लेकर पहुंची थी. इन तीनों में से किस शव की पहचान कैसे और किस आधार पर की गई, इसे लेकर अब गंभीर सवाल उठ रहे हैं. बताया जा रहा है कि जिस परिवार को शव सौंपा गया, वह वास्तव में किसी अन्य अज्ञात व्यक्ति का था. मोर्चरी कर्मचारियों ने सही मिलान किए बिना ही बॉडी परिवार को दे दी. परिजन भी अस्पताल की औपचारिकताओं पर भरोसा करके शव ले गए और नियमानुसार अंतिम संस्कार कर दिया.
अस्थि विसर्जन से ठीक पहले सामने आई सच्चाई, पुलिस भी हड़बड़ा गई
तीन दिन बाद, जब परिवार हरिद्वार अस्थियां विसर्जन के लिए जाने वाला था, तभी पुलिस का फोन आया कि वे मोर्चरी में रखी बॉडी ले जाएं. परिवार ने जवाब दिया कि वे तो अंतिम संस्कार कर चुके हैं. यह सुनकर पुलिस के हाथ-पांव फूल गए. जांच में स्पष्ट हुआ कि अस्पताल ने गलत शव परिवार को सौंप दिया था. अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि जिस शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया, वह किस अज्ञात व्यक्ति का था. वहीं, मृतक बुजुर्ग के परिजन गहरी सदमे में हैं, क्योंकि उनका असली शव अब तक उनके पास नहीं पहुंचा.About the AuthorAnand Pandey
नाम है आनंद पाण्डेय. सिद्धार्थनगर की मिट्टी में पले-बढ़े. पढ़ाई-लिखाई की नींव जवाहर नवोदय विद्यालय में रखी, फिर लखनऊ में आकर हिंदी और पॉलीटिकल साइंस में ग्रेजुएशन किया. लेकिन ज्ञान की भूख यहीं शांत नहीं हुई. कल…और पढ़ें
Location :
Alwar,Rajasthan
First Published :
December 09, 2025, 19:02 IST
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अलवर में डरावना खेल! गलत शव थमाकर करा दिया अंतिम संस्कार, सच्चाई जानकर सभी दंग



