सटीक निशाना, अचूक वार: अब पिनाका से 120 KM दूर भी नहीं बचे पाएगा दुश्मन, DRDO ने ओडिशा में किया सफल टेस्ट

Last Updated:December 29, 2025, 21:21 IST
DRDO News: ओडिशा के चांदीपुर में डीआरडीओ ने 120 किमी रेंज वाली पिनाका गाइडेड रॉकेट का सफल परीक्षण किया. यह स्वदेशी रॉकेट अपनी लंबी दूरी और सटीक निशाने के कारण सेना के लिए गेम चेंजर साबित होगा. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस उपलब्धि को बड़ी सफलता बताया है. इसे पुराने लॉन्चर से भी दागा जा सकता है. यह परीक्षण आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक बड़ा कदम है, जिससे हमारी सैन्य शक्ति और मजबूत होगी.
पिनाका का सफल परीक्षण हुआ.
नई दिल्ली: भारतीय रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) ने सोमवार को रक्षा क्षेत्र में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है. डीआरडीओ ने आज ओडिशा के चांदीपुर स्थित इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज (ITR) से ‘पिनाका लॉन्ग रेंज गाइडेड रॉकेट’ (LRGR-120) का सफल परीक्षण किया. इस परीक्षण ने भारत की आर्टिलरी शक्ति को दुनिया के सामने नए रूप में पेश किया है. यह रॉकेट प्रणाली पूरी तरह से स्वदेशी तकनीक पर आधारित है. इस नई पिनाका रॉकेट प्रणाली की सबसे बड़ी खासियत इसकी 120 किलोमीटर की मारक क्षमता है. परीक्षण के दौरान रॉकेट ने अपनी अधिकतम दूरी तय की और निर्धारित लक्ष्य को पूरी सटीकता से ध्वस्त कर दिया. इस दौरान रॉकेट के इन-फ्लाइट मूवमेंट और नेविगेशन सिस्टम ने बेहतरीन प्रदर्शन किया. चांदीपुर टेस्ट रेंज के रडार और इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल ट्रैकिंग सिस्टम ने उड़ान के हर पल की निगरानी की. यह परीक्षण भारतीय सेना की भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर किया गया है.
पिनाका LRGR-120 की विशेषताएं· सटीक निशाना: गाइडेड सिस्टम होने के कारण यह रॉकेट पिन-पॉइंट सटीकता के साथ वार करता है.
· लंबी दूरी: यह रॉकेट अब 120 किलोमीटर दूर बैठे दुश्मन के ठिकानों को तबाह कर सकता है.
· स्वदेशी तकनीक: इसे पुणे स्थित ‘आर्मामेंट रिसर्च एंड डेवलपमेंट एस्टैब्लिशमेंट’ (ARDE) ने बनाया है.
· आसान लॉन्चिंग: इसे पुराने पिनाका लॉन्चर से भी आसानी से दागा जा सकता है.
· हाइब्रिड नेविगेशन: इसमें उन्नत नेविगेशन और कंट्रोल सिस्टम का उपयोग किया गया है.
रणनीतिक रूप से क्यों है गेम चेंजर?रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस सफल परीक्षण को भारतीय सेना के लिए “गेम चेंजर” करार दिया है. उन्होंने कहा कि लंबी दूरी के गाइडेड रॉकेट से हमारी मारक क्षमता कई गुना बढ़ जाएगी. वर्तमान में पिनाका के पुराने वर्जन की रेंज 40 से 75 किलोमीटर तक थी. अब 120 किमी की रेंज होने से एलएसी (LAC) और एलओसी (LoC) पर भारत की स्थिति और मजबूत होगी. यह रॉकेट दुश्मन के बंकरों, रडार स्टेशनों और सैन्य जमावड़े को दूर से ही खत्म करने में सक्षम है.
जल्द शुरू होगा सेना के लिए प्रोडक्शनडीआरडीओ प्रमुख डॉ. समीर वी. कामत ने वैज्ञानिकों की पूरी टीम को इस सफलता पर बधाई दी. उन्होंने बताया कि इस रॉकेट का उत्पादन अब जल्द ही शुरू किया जाएगा. आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत यह मिसाइल तकनीक पूरी तरह मेड इन इंडिया है. विशेषज्ञों का मानना है कि गाइडेड पिनाका के आने से भारत की निर्भरता विदेशी मिसाइल प्रणालियों पर कम होगी. आने वाले समय में इसके और भी उन्नत संस्करणों का परीक्षण किया जा सकता है. पिनाका गाइडेड रॉकेट का यह परीक्षण भारत की रक्षा तैयारियों को नई दिशा देगा. सटीक मारक क्षमता और लंबी दूरी इसे दुनिया के बेहतरीन रॉकेट सिस्टम की कतार में खड़ा करती है. डीआरडीओ का यह कदम वैश्विक रक्षा बाजार में भारत की साख को और अधिक मजबूत करेगा.
About the AuthorSandeep Gupta
पत्रकारिता में 14 साल से भी लंबे वक्त से सक्रिय हूं. साल 2010 में दैनिक भास्कर अखबार से करियर की शुरुआत करने के बाद नई दुनिया, दैनिक जागरण और पंजाब केसरी में एक रिपोर्टर के तौर पर काम किया. इस दौरान क्राइम और…और पढ़ें
First Published :
December 29, 2025, 21:21 IST
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सटीक निशाना, अचूक वार: 120KM दूर भी नहीं बचेगा दुश्मन, नई पिनाका का सफल टेस्ट


