Rajasthan

Gardening Tips: मिट्टी में पनप रहे हैं छोटे कीड़े तो अपनाएं ये घरेलू उपाय, पौधों की जड़ें रहेंगी सुरक्षित

Last Updated:October 03, 2026, 08:39 IST

Ways to Get Rid of Pests in Potted Plants: गमले में पौधे लगाने के बाद मिट्टी में कीट लगना आम समस्या है. इससे पौधों की जड़ों को नुकसान पहुंच सकता है और पौधे अचानक मुरझाने लग सकते हैं. कीटों से बचाव के लिए नीम की पत्तियों का पानी बनाकर हल्का स्प्रे किया जा सकता है. मिट्टी में थोड़ी नीम खली, हल्दी या दालचीनी भी मिलाई जा सकती है. ज्यादा कीट होने पर मिट्टी को धूप में सुखाना उपयोगी हो सकता है. इसके अलावा लहसुन का घोल और सीमित मात्रा में लिक्विड साबुन का स्प्रे एफिड्स और कुछ सफेद कीड़ों को नियंत्रित करने में मदद कर सकता है.

गमले में पौधे लगाने के बाद सबसे ज्यादा परेशानी तब होती है, जब मिट्टी में चींटियां, छोटे कीड़े या दूसरे कीट पनपने लगते हैं. ये कीट मिट्टी को नुकसान पहुंचाने के साथ पौधों की जड़ों को भी कमजोर कर सकते हैं. कई बार पौधा ऊपर से हरा-भरा दिखाई देता है, लेकिन अचानक मुरझाने लगता है. इसकी वजह मिट्टी में छिपे कीड़े भी हो सकते हैं. ऐसे में रासायनिक दवाओं का इस्तेमाल करने के बजाय कुछ आसान और प्राकृतिक उपाय अपनाए जा सकते हैं.

नीम की पत्तियों को पानी में 15 से 20 मिनट तक उबालें. पानी ठंडा होने के बाद इसे छान लें. इस पानी का पौधे और मिट्टी पर 7 से 10 दिन में एक बार हल्का स्प्रे कर सकते हैं मिट्टी की ऊपरी परत पर थोड़ी मात्रा में हल्दी पाउडर छिड़कें. दालचीनी पाउडर भी थोड़ी मात्रा में मिट्टी में मिलाया जा सकता है. इनका इस्तेमाल फंगस और कुछ छोटे कीटों की समस्या में मददगार हो सकता है.

अगर गमले की मिट्टी में ज्यादा कीड़े दिखाई दे रहे हैं, तो मिट्टी को निकालकर धूप में 2 से 3 दिन तक पतली परत में फैलाकर सुखाएं. धूप और गर्मी से मिट्टी में मौजूद कई कीट और उनके अंडों की संख्या कम करने में मदद मिल सकती है. इसके बाद मिट्टी को अच्छी तरह छानकर दोबारा गमले में इस्तेमाल किया जा सकता है. इससे पौधों को लगाने के लिए मिट्टी तैयार हो जाएगी.

Add as Preferred Source on Google

गमले की मिट्टी में 1 से 2 मुट्ठी नीम खली मिलाई जा सकती है. इससे मिट्टी को पोषक तत्व मिलते हैं और मिट्टी में रहने वाले कुछ कीटों को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है. इसके अलावा 10 से 15 लहसुन की कलियों को पानी में पीसकर 6 से 7 घंटे के लिए छोड़ दें. फिर पानी को छानकर पौधे और मिट्टी पर हल्का स्प्रे करें.

सरसों खली को 2 से 3 दिन तक पानी में भिगोकर उसका तैयार घोल मिट्टी में डाला जा सकता है. इससे मिट्टी को पोषक तत्व मिलते हैं और पौधों की वृद्धि में मदद मिल सकती है. इसके अलावा लकड़ी की राख भी थोड़ी मात्रा में मिट्टी में मिलाई जा सकती है. हालांकि, राख का अधिक इस्तेमाल करने से मिट्टी का पीएच बढ़ सकता है, इसलिए इसे सीमित मात्रा में ही डालना चाहिए.

एक लीटर पानी में 1 से 2 चम्मच लिक्विड साबुन मिलाकर पौधों पर हल्का स्प्रे किया जा सकता है. यह एफिड्स और कुछ प्रकार के सफेद कीड़ों को नियंत्रित करने में मदद कर सकता है. स्प्रे करते समय पत्तियों की ऊपरी और निचली सतह पर हल्का छिड़काव करें. हालांकि, साबुन की मात्रा ज्यादा नहीं होनी चाहिए, क्योंकि अधिक साबुन से पौधों की पत्तियां झुलस या क्षतिग्रस्त हो सकती हैं.

न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।First Published :

October 03, 2026, 08:39 IST

Source link

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

Uh oh. Looks like you're using an ad blocker.

We charge advertisers instead of our audience. Please whitelist our site to show your support for Nirala Samaj