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डकैत जगन गुर्जर की कितनी बीवियां हैं? 1,2 या 3…कुनबे का लेखा जोखा जानकार आप रह जाएंगे हैरान

Last Updated:July 02, 2026, 16:24 IST

Dacoit Jagan Gurjar Family History : चंबल के बीहड़ों में दहशत के पर्याय रहे धौलपुर निवासी डकैत जगन गुर्जर का कुनबा काफी लंबा चौड़ा है. जगन के एक या दो नहीं बल्कि तीन पत्नियां है. इनमें से एक पत्नी कौमेश भी चंबल की नामचीन डाकू रही है. इन तीन पत्नियों से जगन के आठ बेटे-बेटी हैं. जगन के तीन सगे भाई हैं. उसके तीनों भाई भी अपराध के दलदल में धंसे हुए हैं. वे भी अजमेर, धौलपुर और भरतपुर की जेलों में बंद हैं. जगन की तीन दिन पहले अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में गमछे से गला घोंटकर हत्या कर दी गई थी. उसके बाद यह मामला गरमाया हुआ है. डकैत जगन गुर्जर की कितनी बीवियां हैं? 1,2 या 3...लंबा चौड़ा है कुनबा  Zoomडकैत जगन गुर्जर के तीन पत्नियों से आठ संताने हैं.

हरवीर शर्मा.

धौलपुर. अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में हत्या के शिकार हुए कुख्यात डकैत जगन गुर्जर का मामला राजस्थान में गरमाया हुआ है. जगन के परिजन उसकी हत्या से गुस्साए हुए हैं. उसकी एक पत्नी कौमेश ने जेल प्रशासन को खुली चेतावनी देते हुए कहा है कि वह चुप बैठने वाली नहीं है. वह बदला लेगी. जगन गुर्जर का कुनबा काफी लंबा चौड़ा है. जगन की एक नहीं बल्कि तीन पत्नियां हैं. हालांकि उसकी विधिवत शादी केवल एक से ही हुई थी. लेकिन जगन दो अन्य कौमेश और निशा को अपनी पत्नी माना था. कौमेश खुद चंबल के बीहड़ों की दस्यु (डकैत) रही है. डकैत जगन के 3 बीवियों से कुल आठ संतान हैं. इनमें 4 बेटी और 4 बेटे हैं. जगन के तीन भाई और हैं. वे तीनों भी अभी जेल में हैं.

जानकारी के अनुसार धौलपुर के बाड़ी इलाके के भभूतपुरा निवासी जगन गुर्जर की पहली शादी साल 2000 में ममता गुर्जर के साथ हुई थी. यह उसके चंबल के बीहड़ में फरार होने से पहले हुई थी. उसके बाद जगन चंबल के बीहड़ को बेताज बादशाह बन गया था. जगन गुर्जर ने साल 2017 में जेल से छूटने के बाद ममता गुर्जर को धौलपुर विधानसभा सीट से उपचुनाव लड़वाया था. उस समय तक जगन गुर्जर के खिलाफ 100 से ज्यादा केस दर्ज हो चुके थे. जगन के खिलाफ कुल 125 से ज्यादा केस दर्ज थे. लेकिन जगन की आपराधिक छवि के चलते ममता को जनता का साथ नहीं मिला और वो चुनाव हार गई.

जगन को बीहड़ में कौमेश से हो गया था प्यारनिशा और कौमेश से शादी जगन की दूसरी कथित शादी 2006 में निशा गुर्जर से हुई थी. निशा के बाद जगन का दिल चंबल की दस्यु सुंदरी कौमेश गुर्जर पर आ गया. कौमेश गुर्जर अपने पिता की हत्या के बाद बीहड़ों में आकर आपराधिक दुनिया में आ गईं थीं. कौमेश जगन के गैंग के साथ रहने लगी थीं और आपराधिक गतिविधियों में शामिल हो गई थी. उसने भी अपने पिता की हत्या का बदला लिया था. उसी दौरान जगन और कौमेश के बीच प्यार हो गया. इस पर जगन ने उसे भी अपनी पत्नी बना लिया. जगन की निशा और कौमेश के साथ शादी कब हुई इसकी कोई सटीक तारीख या साल का कोई रिकॉर्ड नहीं है.

तीन पत्नियों से जगन के आठ बच्चे हैं
ममता और निशा गांव में रहती हैं. वहीं कौमेश के लिए जगन ने बाड़ी शहर में अलग से मकान बनवाया था. वह वहां रहती है. जगन को ममता से आसाराम, पुष्पेंद्र और कृष्णा तीन बेटे हैं. कौमेश के एक बेटा लवकुश और दो बेटियां काजल एवं चीनू है. वहीं तीसरी पत्नी निशा से जानवी और परी दो बेटियां हैं. जगन के तीन भाई हैं. जगन की करीब 55 साल की उम्र में तीन दिन पहले 29 जून, 2026 को अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में हत्या कर दी गई. जगन की हत्या की इस वारदात के बाद से सूबे में एक बार फिर चंबल के बीहड़ के डकैतों की कहानियां चर्चा में आ गई.

जगन के तीनों भाई भी जेलों में बंद है
जगन के तीनों भाइयों का भी क्रिमिनल बैकग्रांउड है. वे तीनों भी अभी अजमेर, भरतपुर और धौलपुर जेल में है. जगन का एक भाई पप्पू गुर्जर तो उसके साथ ही अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में बंद है. जगन की हत्या के बाद उसके परिजनों ने अब उसका ट्रांसफर अजमेर जेल से दूसरी जेल में करने की मांग की है. वहीं जगन का दूसरा भाई पान सिंह भरतपुर सेंट्रल जेल में सलाखों के पीछे बंद है. उसका तीसरा भाई लाल सिंह धौलपुर की खुली जुली सजा काट रहा है. इन तीनों को जगन के अंतिम संस्कार में शामिल करने के लिए कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच उनके पैतृक गांव लाया गया था.About the AuthorSandeep Rathore

संदीप राठौड़ वर्तमान में न्यूज18 इंडिया में क्लस्टर हेड राजस्थान (डिजिटल) पद पर कार्यरत हैं। राजनीति, क्राइम और सामाजिक मुद्दों पर रिपोर्टिंग में रूचि रखने वाले संदीप को पत्रकारिता का ढाई दशक से ज्यादा का अनुभव…और पढ़ें

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