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राजस्थान के सरकारी स्कूलों में अब छात्रों के लिए जरूरी हुआ अखबार पढ़ना, सुबह प्रार्थना के साथ होंगे ये काम

Last Updated:January 01, 2026, 17:51 IST

Jaipur News : जयपुर के शिक्षा विभाग ने सरकारी स्कूलों की प्रार्थना सभा में समाचार पत्र पढ़ना अनिवार्य किया, जिससे छात्रों में ज्ञान, जागरूकता, नेतृत्व और भाषा कौशल का विकास होगा. शिक्षा विभाग का मानना है कि विद्यार्थियों में देश-विदेश की घटनाओं, सामाजिक गतिविधियों और समसामयिक विषयों की जानकारी होना बेहद जरूरी है.

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राजस्थान के सरकारी स्कूलों में छात्रों के लिए अखबार पढ़ना जरूरी, होंगे ये काम

जयपुर. जयपुर से माध्यमिक शिक्षा निदेशालय से जुड़ी एक अहम और दूरगामी असर वाली खबर सामने आई है. सरकारी स्कूलों की प्रार्थना सभाओं को अब सिर्फ औपचारिक प्रक्रिया तक सीमित न रखते हुए उन्हें ज्ञान, जागरूकता और पढ़ने की आदत विकसित करने का मजबूत माध्यम बनाने की तैयारी की गई है. इसी दिशा में शिक्षा विभाग ने एक नई पहल की है, जिसके तहत अब प्रदेश के सरकारी स्कूलों की प्रार्थना सभाओं में नियमित रूप से समाचार पत्र पढ़ने की व्यवस्था लागू की जा रही है.

शिक्षा विभाग का मानना है कि विद्यार्थियों में देश-विदेश की घटनाओं, सामाजिक गतिविधियों और समसामयिक विषयों की जानकारी होना बेहद जरूरी है. इसी उद्देश्य से अब हर प्रार्थना सभा में 10 मिनट का समय समाचार पत्र पढ़ने के लिए निर्धारित किया गया है. यह व्यवस्था विशेष रूप से उच्च माध्यमिक विद्यालयों में लागू की जाएगी. विभाग का फोकस इस बात पर है कि छात्र नियमित रूप से अखबार पढ़ें और उनमें पढ़ने की आदत विकसित हो.

अखबार मंगवाने को लेकर स्पष्ट निर्देशनए निर्देशों के अनुसार हर उच्च माध्यमिक सरकारी स्कूल में कम से कम दो अखबार अनिवार्य रूप से मंगवाए जाएंगे. इनमें कम से कम दो हिंदी अखबार होना जरूरी है. वहीं, इंग्लिश मीडियम सरकारी स्कूलों के लिए भी अलग व्यवस्था की गई है. ऐसे स्कूलों में कम से कम दो अखबार मंगवाए जाएंगे, जिनमें एक हिंदी और एक अंग्रेजी भाषा का अखबार शामिल होगा. प्रार्थना सभा के दौरान एक हिंदी और एक अंग्रेजी का राष्ट्रीय स्तर का अखबार पढ़ा जाएगा, ताकि विद्यार्थियों को दोनों भाषाओं में समझ विकसित करने का अवसर मिले.

छात्रों को दी जाएगी जिम्मेदारीप्रार्थना सभा में अखबार पढ़ने की जिम्मेदारी कक्षा 6 से 12 तक के विद्यार्थियों को दी जाएगी. जिन विद्यार्थियों को यह जिम्मेदारी सौंपी जाएगी, उन्हें उस दिन सामान्य समय से आधा घंटा पहले स्कूल आना होगा. यह व्यवस्था विद्यार्थियों में अनुशासन, समय प्रबंधन और नेतृत्व क्षमता विकसित करने में भी सहायक मानी जा रही है. प्रार्थना सभा में राष्ट्रीय, अंतर्राष्ट्रीय और खेल समाचारों के साथ-साथ अखबार के संपादकीय अंश भी पढ़े जाएंगे.

शब्दावली और सामाजिक समझ पर जोरहर दिन प्रार्थना सभा के दौरान अखबार से पांच नए शब्दों को चुनकर विद्यार्थियों को बताए जाने के निर्देश भी दिए गए हैं. इससे छात्रों की शब्दावली मजबूत होगी और भाषा पर पकड़ बेहतर होगी. विभाग का मानना है कि इस पहल से छात्रों का सामान्य ज्ञान बढ़ेगा और वे सामाजिक, राजनीतिक और वैश्विक मुद्दों के प्रति अधिक जागरूक बनेंगे.

नो बैग डे पर विशेष चर्चाइसके अलावा ‘नो बैग डे’ के दिन विद्यार्थियों के साथ सत्ता और शासन से जुड़ी गतिविधियों पर चर्चा करवाने के निर्देश भी दिए गए हैं. इससे छात्रों में लोकतांत्रिक समझ और नागरिक चेतना विकसित करने की कोशिश की जा रही है.

सभी जिलों को जारी हुए निर्देशमाध्यमिक शिक्षा निदेशालय की ओर से इस संबंध में सभी उपनिदेशकों और जिला शिक्षा अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश जारी कर दिए गए हैं. शिक्षा विभाग की यह पहल सरकारी स्कूलों में शैक्षणिक वातावरण को और अधिक समृद्ध बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है.

About the AuthorAnand Pandey

नाम है आनंद पाण्डेय. सिद्धार्थनगर की मिट्टी में पले-बढ़े. पढ़ाई-लिखाई की नींव जवाहर नवोदय विद्यालय में रखी, फिर लखनऊ में आकर हिंदी और पॉलीटिकल साइंस में ग्रेजुएशन किया. लेकिन ज्ञान की भूख यहीं शांत नहीं हुई. कल…और पढ़ें

Location :

Jaipur,Rajasthan

First Published :

January 01, 2026, 17:51 IST

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