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Public Opinion : राजस्थान में सड़कें बनीं मौत का जाल! 70 से ज्यादा जानें गईं, लोगों ने बताई हादसों की असली वजह 

Last Updated:November 04, 2025, 13:05 IST

Public Opinion : राजस्थान में बढ़ते सड़क हादसों ने लोगों को गहरी चिंता में डाल दिया है. पिछले एक महीने में ट्रक और बस हादसों में 70 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है. Local 18 की टीम ने जब ग्राउंड पर जाकर लोगों से बात की, तो सामने आया कि तेज रफ्तार, लापरवाही, अवैध कट और सिस्टम की ढिलाई इन दुर्घटनाओं के बड़े कारण हैं. लोगों ने सरकार और आरटीओ विभाग से सख्त कदम उठाने की मांग की है.

जयपुर : राजस्थान में हाल के दिनों में लगातार बढ़ रहे सड़क हादसों ने लोगों को चिंता में डाल दिया है. शहरों से लेकर गांवों तक आए दिन किसी न किसी सड़क पर जिंदगी और मौत के बीच जंग देखने को मिल रही है. पिछले एक महीने में ट्रक और बसों से बड़े सड़क हादसों में 70 से अधिक मौत हो चुकी है. लगातार हो रहे हादसों के कारण और लोगों की राय को जानने Local 18 की टीम ग्राउंड पर पहुंची. अधिकांश लोग तेज रफ्तार, लापरवाही, अवैध कट और सिस्टम की ढिलाई को इन हादसों का प्रमुख कारण बता रहे हैं.

Local 18 से लोगों ने कहा कि लगातार एक के बाद एक हो रहे बड़े हादसों की सबसे बड़ी वजह है तेज रफ्तार और नियमों की अनदेखी. कई चालक सड़क पर ओवरटेक करते हैं या मोबाइल पर बात करते हुए वाहन चलाते हैं, जिससे हादसे बढ़ रहे हैं. खासकर हाईवे पर स्थिति और भी भयावह है. बिना थकान का ध्यान रखे लंबा सफर तय करने वाले ट्रक और बस चालक अक्सर नींद या असंतुलन के कारण दुर्घटनाओं का शिकार हो जाते हैं.

बेपरवाह ड्राइविंग आम हुई राकेश मीणा और अन्य आम नागरिकों ने कहा कि ट्रक या बस मालिकों की लापरवाही भी हादसों का बड़ा कारण बन रही है. वे बिना किसी जांच-पड़ताल के ड्राइवरों को गाड़ी सौंप देते हैं. वहीं आरटीओ विभाग पर भी गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं कि ड्राइवरों के लाइसेंस जारी करते समय मेडिकल जांच नहीं की जाती. इससे यह पता नहीं चल पाता कि चालक शराब या किसी नशे के प्रभाव में तो नहीं है. इसी का नतीजा है सड़कों पर बेपरवाह ड्राइविंग आम हो गई है और हादसे लगातार बढ़ रहे हैं.

अवैध कट भी दुर्घटनाओं की बड़ी वजहवहीं प्रेमसिंह नाथावत ने बताया कि खराब सड़कें और जगह-जगह पड़े गड्ढे भी दुर्घटनाओं की मुख्य वजह हैं. ग्रामीण क्षेत्रों में तो हालत और भी खराब है रात के समय रोशनी की कमी के कारण वाहन चालकों को सामने से आ रही गाड़ियां या सड़क पर खड़े पशु तक दिखाई नहीं देते. कई बार इसी कारण से जानलेवा हादसे हो जाते हैं. इसके अलावा हाईवे और मुख्य सड़कों पर बढ़ते अवैध कट भी दुर्घटनाओं की बड़ी वजह बन रहे हैं. इन कच्चे रास्तों से गुजरते वाहन अचानक सामने आ जाते हैं, जिससे टक्कर की संभावना बढ़ जाती है. वहीं, हाल ही में स्लीपर बस में आग लगने जैसी घटनाओं ने भी सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं.

सरकार को कुछ करना होगा राजेंद्र कुमावत का कहना है कि आरटीओ विभाग बसों की नियमित जांच नहीं करता, जिससे उनमें घटिया इलेक्ट्रिक वायरिंग या अतिरिक्त उपकरण लगाए जाते हैं और हादसे का खतरा बढ़ जाता है. जनता का कहना है कि यदि सरकार समय रहते सख्त कदम नहीं उठाती, तो यह सिलसिला नहीं थमेगा. सड़कों की मरम्मत, अवैध कटों पर रोक, ड्राइवरों की मेडिकल जांच और आरटीओ विभाग पर सख्त निगरानी की जरूरत है. साथ ही, सड़क सुरक्षा के प्रति जनजागरूकता अभियान चलाना भी जरूरी है, ताकि लोग नियमों का पालन करें और मासूम जिंदगियां सड़कों पर न झुलसें.

Rupesh Kumar Jaiswal

रुपेश कुमार जायसवाल ने दिल्ली यूनिवर्सिटी के ज़ाकिर हुसैन कॉलेज से पॉलिटिकल साइंस और इंग्लिश में बीए किया है. टीवी और रेडियो जर्नलिज़्म में पोस्ट ग्रेजुएट भी हैं. फिलहाल नेटवर्क18 से जुड़े हैं. खाली समय में उन…और पढ़ें

रुपेश कुमार जायसवाल ने दिल्ली यूनिवर्सिटी के ज़ाकिर हुसैन कॉलेज से पॉलिटिकल साइंस और इंग्लिश में बीए किया है. टीवी और रेडियो जर्नलिज़्म में पोस्ट ग्रेजुएट भी हैं. फिलहाल नेटवर्क18 से जुड़े हैं. खाली समय में उन… और पढ़ें

Location :

Jaipur,Rajasthan

First Published :

November 04, 2025, 13:05 IST

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राजस्थान में सड़कें बनीं मौत का जाल, 70 से ज्यादा लोगों की गई जानें

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