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Kal Ka Mausam | IMD Weather Forecast 21 October | अरब सागर से बंगाल की खाड़ी तक तूफानी हलचल! अगले 12 घंटे में पलटेगा मौसम, 14 राज्यों में IMD का अलर्ट

IMD Weather Forecast 21 October 2026: देश के मौसम में इस वक्त दो समुद्री क्षेत्रों से हलचल बढ़ रही है. एक तरफ दक्षिण-पश्चिम अरब सागर में कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है, तो दूसरी तरफ बंगाल की खाड़ी और आसपास के इलाकों में साइक्लोनिक सर्कुलेशन एक्टिव है. इसके अलावा थाईलैंड की खाड़ी और म्यांमार के आसपास बना चक्रवाती परिसंचरण भी उत्तर अंडमान सागर की ओर बढ़ रहा है. मौसम विभाग के मुताबिक, इन मौसमी प्रणालियों के असर से आने वाले दिनों में बंगाल की खाड़ी में एक और कम दबाव का क्षेत्र बन सकता है. इसका असर दक्षिण भारत और अंडमान-निकोबार द्वीपसमूह में बारिश के रूप में दिखाई दे सकता है.

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की तरफ से जारी ताजा बुलेटिन के अनुसार, 21 अक्टूबर को मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, गोवा, तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक सहित कम से कम 14 राज्यों में बारिश का अनुमान है. इसके अलावा पुडुचेरी, कराईकल, अंडमान-निकोबार और लक्षद्वीप जैसे केंद्रशासित क्षेत्रों में भी बारिश की संभावना है. दूसरी तरफ राजधानी दिल्ली में आसमान मुख्य रूप से साफ रहने का अनुमान है. उत्तर भारत के कई हिस्सों में फिलहाल दक्षिण भारत जैसी भारी बारिश की चेतावनी नहीं है, हालांकि उत्तराखंड में अगले कुछ दिनों के दौरान बारिश की संभावना जताई गई है.

अरब सागर में कम दबाव का क्षेत्र, सोमालिया तट की ओर बढ़ेगा

दक्षिण-पश्चिम अरब सागर में बना कम दबाव का क्षेत्र 20 अक्टूबर की सुबह भी उसी इलाके में मौजूद था. इसके साथ जुड़ा साइक्लोनिक सर्कुलेशन समुद्र तल से करीब 7.6 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैला हुआ है. मौसम विभाग के मुताबिक, यह सिस्टम अगले 12 घंटों तक अपनी मौजूदा तीव्रता बनाए रखते हुए पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ सकता है. इसके बाद भी इसके पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने और 22 अक्टूबर को सोमालिया तट की दिशा में पश्चिम-दक्षिण-पश्चिम की ओर जाने का अनुमान है.

इस मौसमी प्रणाली के कारण समुद्र में तेज हवाओं और खराब मौसम की स्थिति बन सकती है. IMD ने 20 से 22 अक्टूबर के दौरान दक्षिण-पश्चिम अरब सागर के कुछ समुद्री क्षेत्रों में खराब मौसम की चेतावनी दी है. इसके अलावा 22 से 24 अक्टूबर के बीच केरल और कर्नाटक के तटों के साथ लक्षद्वीप के आसपास मछुआरों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है. समुद्र में जाने से पहले मछुआरों को मौसम विभाग के ताजा निर्देशों का पालन करना चाहिए.

बंगाल की खाड़ी में नया सिस्टम बनने के संकेत

दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और तमिलनाडु तट के आसपास ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है. यह समुद्र तल से करीब 5.8 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैला है. इसके प्रभाव से अगले 24 घंटों में इसी क्षेत्र में कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना जताई गई है. इस सिस्टम के चलते तमिलनाडु और आसपास के दक्षिणी इलाकों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं.

मौसम विभाग के अनुसार, थाईलैंड की खाड़ी और आसपास के क्षेत्रों में बना एक दूसरा चक्रवाती परिसंचरण 21 अक्टूबर की सुबह तक उत्तर अंडमान सागर में पहुंच सकता है. इसके बाद यह पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ेगा. इसके प्रभाव से 23 अक्टूबर के आसपास दक्षिण-पूर्व और उससे लगे पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बन सकता है. इसके बाद इसके उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ने और और मजबूत होने की संभावना है. यह सिस्टम आने वाले दिनों में दक्षिण-पूर्वी समुद्री क्षेत्रों के मौसम को प्रभावित कर सकता है.

तमिलनाडु में बहुत भारी बारिश का खतरा

21 अक्टूबर को दक्षिण भारत में तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में बारिश का सबसे ज्यादा असर देखने को मिल सकता है. IMD ने कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश की आशंका जताई है. इसके साथ ही गरज-चमक, बिजली गिरने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है. तमिलनाडु के तटीय इलाकों में सक्रिय चक्रवाती परिसंचरण और इसके प्रभाव से बनने वाले कम दबाव के क्षेत्र को देखते हुए मौसम में बदलाव की संभावना बनी हुई है.

तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 20 से 22 अक्टूबर के दौरान भी कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश हो सकती है. इसके बाद 23 से 26 अक्टूबर तक अलग-अलग इलाकों में भारी बारिश का दौर जारी रहने की आशंका है. ऐसे में लोगों को स्थानीय मौसम चेतावनियों पर नजर रखनी चाहिए. बारिश के दौरान निचले इलाकों में जलभराव और यातायात प्रभावित होने जैसी परिस्थितियों से बचने के लिए प्रशासन के निर्देशों का पालन करना जरूरी होगा.

केरल, आंध्र प्रदेश और कर्नाटक में भी बारिश का अलर्ट

केरल और माहे में 21 अक्टूबर को कुछ स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना है. मौसम विभाग ने केरल और माहे में 21 से 26 अक्टूबर तक बारिश की गतिविधियां जारी रहने का अनुमान जताया है. कुछ इलाकों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं. लक्षद्वीप में भी 21 से 26 अक्टूबर तक बारिश का दौर रहने और 22 से 26 अक्टूबर के दौरान कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है.

आंध्र प्रदेश और यानम में 21 अक्टूबर को कुछ जगहों पर भारी बारिश के साथ गरज-चमक और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं. दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में भी भारी बारिश की आशंका है. तटीय और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 22 से 24 अक्टूबर के दौरान बारिश बढ़ सकती है. इन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों और यात्रा करने वालों को मौसम विभाग की स्थानीय चेतावनियों पर ध्यान देना चाहिए.

अंडमान-निकोबार में बारिश के साथ तेज हवाएं

अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह में 20 से 26 अक्टूबर के दौरान कई स्थानों पर बारिश होने का अनुमान है. 21 अक्टूबर को कुछ जगहों पर भारी बारिश हो सकती है. इसके साथ गरज-चमक और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है. 23 से 26 अक्टूबर के बीच हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है और झोंके 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक चल सकते हैं.

बंगाल की खाड़ी में विकसित हो रही मौसमी प्रणाली को देखते हुए समुद्री गतिविधियों में सावधानी जरूरी है. IMD ने 23 से 25 अक्टूबर के दौरान अंडमान सागर में मछुआरों के लिए चेतावनी जारी की है. समुद्र में जाने वाले लोगों को स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग के निर्देशों का पालन करना चाहिए.

मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र में भी बदलेगा मौसम

मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में 21 अक्टूबर को बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना है. पश्चिमी मध्य प्रदेश में 20 से 23 अक्टूबर और पूर्वी मध्य प्रदेश में 20 से 21 अक्टूबर तक कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है. 21 अक्टूबर को मध्य प्रदेश में कहीं-कहीं बिजली चमकने के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं.

महाराष्ट्र के कोंकण-गोवा और मध्य महाराष्ट्र में 20 से 23 अक्टूबर के बीच कुछ स्थानों पर बारिश का अनुमान है, जबकि मराठवाड़ा में 20 और 21 अक्टूबर को बारिश हो सकती है. हालांकि, इन क्षेत्रों के लिए 21 अक्टूबर को भारी बारिश की वैसी चेतावनी नहीं है जैसी तमिलनाडु और कुछ अन्य दक्षिणी इलाकों के लिए जारी की गई है. पूर्वोत्तर भारत में भी असम और मेघालय में 20 अक्टूबर तथा नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 20 से 22 अक्टूबर के दौरान कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है.

दिल्ली में साफ रहेगा आसमान, उत्तराखंड में बाद के दिनों में बारिश

दिल्ली-एनसीआर में 21 अक्टूबर को आसमान मुख्य रूप से साफ रहने का अनुमान है. IMD के दिल्ली पूर्वानुमान के मुताबिक, राजधानी में बुधवार को व्यापक बारिश की संभावना नहीं जताई गई है. दक्षिण-पश्चिम राजस्थान के आसपास ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण और उत्तर-पश्चिम उत्तर प्रदेश के आसपास एक अन्य परिसंचरण मौजूद है, लेकिन दिल्ली के लिए जारी पूर्वानुमान मुख्य रूप से साफ आसमान का है.

उत्तराखंड में 23 से 26 अक्टूबर के बीच कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है. जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और हिमाचल प्रदेश में भी 23 से 25 अक्टूबर के दौरान अलग-अलग स्थानों पर बारिश की संभावना है. उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड के लिए उपलब्ध IMD बुलेटिन में 21 अक्टूबर को व्यापक बारिश या भारी बारिश का कोई विशेष अलर्ट नहीं दिया गया है. हालांकि, इन राज्यों के लिए जिलेवार पूर्वानुमान उपलब्ध न होने के कारण स्थानीय स्तर पर मौसम में बदलाव की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता.

अगले कुछ दिन क्यों हैं अहम?

मौसम विभाग के ताजा बुलेटिन में तीन प्रमुख मौसमी संकेत सामने आए हैं- दक्षिण-पश्चिम अरब सागर में सक्रिय कम दबाव का क्षेत्र, तमिलनाडु तट के पास चक्रवाती परिसंचरण और उत्तर अंडमान सागर की ओर बढ़ता एक दूसरा चक्रवाती परिसंचरण. इन प्रणालियों के प्रभाव से दक्षिण भारत और द्वीपीय क्षेत्रों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है. खासकर तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 21 अक्टूबर को भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी महत्वपूर्ण है.

कुल मिलाकर, 21 अक्टूबर को देश के मौसम में क्षेत्रीय अंतर साफ दिखाई देगा. दक्षिण भारत और अंडमान-निकोबार में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना है, जबकि दिल्ली में आसमान मुख्य रूप से साफ रह सकता है. बंगाल की खाड़ी में 23 अक्टूबर के आसपास कम दबाव का नया क्षेत्र बनने की संभावना के कारण आने वाले दिनों में मौसम पर नजर रखना जरूरी होगा.

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