Karwa Chooda I करौली में तैयार हुआ खास ‘करवा चूड़ा’, मल्टीकलर डिजाइन और किफायती कीमत बनी पहचान

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करौली से एमपी समेत कई राज्यों तक पहुंचा करवा चूड़ा, जानें क्या है इसकी खासियत
Last Updated:October 26, 2026, 15:28 IST
Karauli Karwa Chooda: करवा चौथ से पहले करौली के बाजार में खास ‘करवा चूड़ा’ की डिमांड बढ़ने लगी है. शुद्ध लाख से तैयार मल्टीकलर डिजाइन वाला यह चूड़ा हर रंग की साड़ी और राजपूती पोशाक के साथ मैच होता है. स्थानीय मुस्लिम कारीगरों की बनाई इस खास वैरायटी की कीमत करीब 300 रुपए है और इसकी मांग मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों तक पहुंच चुकी है.
करवा चौथ का त्योहार नजदीक आते ही बाजारों में सुहाग और श्रृंगार से जुड़ी खरीदारी तेज हो गई है. कहीं साड़ियों की चमक महिलाओं को आकर्षित कर रही है तो कहीं रंग-बिरंगी चूड़ियों की खनक बाजारों की रौनक बढ़ा रही है. इसी बीच करौली के चूड़ी बाजार में एक ऐसी नई वैरायटी आई है, जिसने अपने अनूठे डिजाइन और खासियत के चलते लोगों का ध्यान खींच लिया है.
इसका नाम है ‘करवा चूड़ा’, जिसे करौली के स्थानीय मुस्लिम कारीगरों ने खास तौर पर करवा चौथ के लिए तैयार किया है. इस चूड़े की खास बात सिर्फ इसका आकर्षक लुक ही नहीं, बल्कि इसकी बनावट और मल्टीकलर डिजाइन भी है. दावा है कि इसे अलग-अलग रंगों की साड़ियों के साथ पहना जा सकता है.
राजपूती पोशाक के साथ भी इसकी मैचिंग होने के कारण यह महिलाओं को पसंद आ रहा है. यही वजह है कि बाजार में आने के शुरुआती दिनों में ही इसकी मांग बढ़ने लगी है. करौली से निकलकर इसकी पहुंच मध्य प्रदेश सहित कई राज्यों में पहुंच चुकी है.करौली के फुटाकोट चौराहे स्थित मुस्कान बैंगल्स स्टोर के अरबाज खान के मुताबिक, करवा चौथ को ध्यान में रखते हुए इस चूड़े को विशेष रूप से हर साल तैयार किया जाता है.
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इसकी मल्टीकलर बनावट ऐसी रखी गई है कि महिलाएं इसे अलग-अलग रंगों की साड़ियों के साथ पहन सकें, राजपूती बेस के साथ भी इसकी मैचिंग हो सकती है. इसे बनाने वाले कारीगरों का कहना है कि यह बाजार में आई नई वैरायटी है. शुद्ध लाख से तैयार इस चूड़े को आकर्षक रंगों और डिजाइन में बनाया गया है, ताकि करवा चौथ पर सोलह श्रृंगार करने वाली महिलाओं को एक नया विकल्प मिल सके.
शहर के पुराने चूड़ी व्यापारी फिरोज खान के मुताबिक, इस बार करवा चौथ के लिए चूड़े की नई वैरायटी तैयार करने पर विशेष मेहनत की गई है. इसे खास चपड़ी और शुद्ध लाख से बनाया गया है. उनकी कोशिश रही कि चूड़ा दिखने में आकर्षक होने के साथ मजबूती के मामले में भी बेहतर हो.
करवाचौथ पर बिकने वाले इस खास चूड़े की बनावट और सामग्री पर खास ध्यान दिया गया है, ताकि महिलाएं इसे पहनकर पसंद करें और इसकी गुणवत्ता से संतुष्ट हों. पारंपरिक कारीगरी के साथ नए डिजाइन का यह मेल बाजार में इसे अलग पहचान दिला रहा है.
नई वैरायटी, आकर्षक डिजाइन और अलग-अलग परिधानों के साथ पहनने की सुविधा के चलते महिलाएं इसे पसंद कर रही हैं. इसकी कीमत भी ग्राहकों के बजट को ध्यान में रखते हुए करीब 300 रुपये रखी गई है, जिससे यह महंगे चूड़ों के मुकाबले एक किफायती विकल्प बनकर सामने आया है.
करवा चौथ पर हाथों में चूड़े की खनक और सोलह श्रृंगार की परंपरा के बीच करौली के स्थानीय कारीगरों की यह नई पहल त्योहार के बाजार को एक नया रंग दे रही है. खास बात यह है कि इस चूड़े को तैयार करने में स्थानीय मुस्लिम कारीगरों की मेहनत और हुनर भी सामने आया है, जो करौली की साझा संस्कृति और पारंपरिक कारीगरी की खूबसूरत तस्वीर पेश करता है.
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October 26, 2026, 15:28 IST



