नागौर में कचरा उठेगा स्मार्ट तरीके से! RFID सिस्टम से हर गली पर नजर, मनमानी पर लगेगा ब्रेक

Last Updated:January 10, 2026, 19:45 IST
Smart Waste Collection : नागौर शहर में अब कचरा उठाने की व्यवस्था पूरी तरह हाईटेक होने जा रही है. नगर परिषद ने 60 वार्डों में आरएफआईडी आधारित स्मार्ट मॉनिटरिंग सिस्टम लागू करने का फैसला किया है. डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण की हर ट्रिप कंट्रोल रूम से रियल टाइम ट्रैक होगी, जिससे गंदगी और मनमानी पर पूरी तरह लगाम लगेगी.
राजस्थान के नागौर शहर में अब कचरा संग्रहण प्रणाली हाईटेक होने वाली है. यहां स्थित 60 वार्डों में स्मार्ट मॉनिटरिंग सिस्टम लागू होगा. ये नवाचार शहर को साफ-सुथरा बनाने में बड़ा योगदान निभाएगा. इसको लेकर नागौर नगर परिषद ने शहर में डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण के लिए निजी फर्म वर्क ऑर्डर जारी कर दिया है. शहर में कचरा संग्रहण की निगरानी सीधे आरएफआईडी तकनीक के जरिए ऑनलाइन होगी.

इस नई व्यवस्था के तहत शहर के प्रत्येक घर, दुकान और संस्थान से निजी कंपनी कचरा उठाएगी. इसके लिए शहर के 33 हजार घरों पर डिजिटल स्कैनर (रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन) लगाए जाएंगे. अब कोई भी कचरा टिपर चालक अपनी मर्जी से किसी गली को नहीं छोड़ पाएगा, क्योंकि हर ट्रिप की रियल टाइम मॉनिटरिंग नगर परिषद के कंट्रोल रूम में होगी.

नगर परिषद के अधिकारियों के अनुसार, नागौर शहर में हर घर के लिए डिजिटल आईडी बनेगी, इसको लेकर कंपनी की 7 टीमें इसी महीने से सर्वे का काम शुरू करेगी. पहले चरण में शहर की भौगोलिक स्थिति, आबादी और मकानों की बनावट के आधार पर जीआईएस मैपिंग की जाएगी. सर्वे टीम हर घर के मालिक का नाम, मोबाइल नंबर और वार्ड संख्या दर्ज करेगी. इसी डेटा को नगर परिषद के पोर्टल पर लिंक किया जाएगा.
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इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि परिषद के पास रिकॉर्ड होगा कि शहर में कुल कितने हाऊस होल्ड, कमर्शियल और रेजिडेंशियल प्रॉपर्टीज हैं और उनमें से कितनी जगह से रोजाना कचरा उठ रहा है. नई तकनीक आरएफआईडी सिस्टम के तहत हर गली में प्रत्येक 5 घरों को छोड़कर अगले घर या संस्थान पर एक डिजिटल स्कैनर लगाया जाएगा. जब कचरा टिप्पर गली से गुजरेगा, तो उसमें लगी मशीन 10 मीटर की दूरी से ही उस स्कैनर को ऑटोमैटिक रीड कर लेगी.

स्कैन होते ही डेटा सीधा कंट्रोल रूम पहुंचेगा कि टिप्पर इस गली में आ चुका है. जैसे ही काम पूरा होगा, मकान मालिक के पास कलेक्शन कंप्लीट का मैसेज पहुंच जाएगा. इससे चालक की मनमानी रुकेगी और कोई भी घर अछूता नहीं रहेगा. शहर के सभी 58 टिपरों के लिए एक फिक्स रूट चार्ट बनाया जाएगा. हर चालक के मोबाइल ऐप में उसका रास्ता फीड होगा. यदि चालक ने किसी गली को छोड़ दिया या रूट बदला, तो कंट्रोल रूम की बड़ी एलईडी स्क्रीन पर वह इलाका तुरंत रेड मार्क के रूप में फ्लैश होने लगेगा.

इसके अलावा सभी का शाम को रिपोर्ट कार्ड बनेगा कि किस टिपर ने कितना प्रतिशत रूट कवर किया है. अगर कचरा नहीं उठा, तो पोर्टल पर चालक को कारण स्पष्ट करना होगा. खास बात यह है कि एजेंसी का भुगतान भी इसी डिजिटल रिपोर्ट के आधार पर होगा. ऐसे में यह योजना नागौर शहर के लोगों के लिए काफी फायदेमंद साबित होगी. इससे गंदगी को लेकर शहर के हालात सुधर सकते हैं.
First Published :
January 10, 2026, 19:45 IST
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नागौर में अब स्मार्ट कचरा संग्रहण, RFID से होगी हर गली की निगरानी



