Rajasthan

खैरथल-तिजारा: बच्चों के बिना चल रहा सरकारी स्कूल

Last Updated:January 01, 2026, 09:06 IST

Alwar News: खैरथल-तिजारा के नसिरों की ढाणी में एक सरकारी स्कूल ऐसा है जहाँ भवन और शिक्षक तो हैं, लेकिन एक भी बच्चा पढ़ने नहीं आता. सुविधाओं की कमी और स्टाफ के अभाव के कारण अभिभावकों ने बच्चों को निजी स्कूलों में डाल दिया है, जिससे सरकारी तंत्र की विफलता साफ दिख रही है.

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Alwar News: खैरथल-तिजारा जिले के मुण्डावर विधानसभा क्षेत्र में सरकारी स्कूलों को बेहतर बनाने के दावों की पोल खुलती नजर आ रही है. राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय नसिरों की ढाणी एक ऐसा स्कूल बन गया है जहाँ कागजों में तो नामांकन दर्ज है, लेकिन धरातल पर क्लासरूम खाली पड़े हैं. यह स्थिति न केवल शिक्षा विभाग के दावों को चुनौती दे रही है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी स्कूलों के प्रति घटते भरोसे को भी उजागर कर रही है.

दो का नामांकन, वे भी महीनों से गायबजानकारी के अनुसार, यह विद्यालय कक्षा पांचवीं तक संचालित है. वर्तमान में यहाँ केवल दो बच्चों का नामांकन दर्ज है, लेकिन विडंबना यह है कि ये दोनों बच्चे भी पिछले दो-तीन महीनों से स्कूल नहीं आए हैं. विद्यालय में तैनात एकमात्र अध्यापक नियमित रूप से अपनी ड्यूटी पूरी करते हैं, लेकिन दिन भर खाली कुर्सियों को देखने के बाद उन्हें खाली हाथ घर लौटना पड़ता है.

सुविधाओं का अभाव और असुरक्षाविद्यालय में तैनात अध्यापक रणधीर कुमार ने बताया कि इस स्कूल की स्थापना 1997 में हुई थी. समय के साथ यहाँ की साख गिरती गई. स्कूल की बदहाली के मुख्य कारण निम्नलिखित हैं:

स्टाफ की कमी: विद्यालय में केवल एक शिक्षक तैनात है, जिन पर बीएलओ (BLO) कार्य का भी अतिरिक्त भार है.
बुनियादी ढांचा: स्कूल की चारदीवारी (Boundary wall) नहीं है, जिससे परिसर असुरक्षित रहता है.
पानी की समस्या: बोरिंग की मोटर चोरी हो जाने के बाद से यहाँ पीने के पानी की कोई व्यवस्था नहीं है.

निजी स्कूलों का बढ़ता दबदबाअभिभावकों का सरकारी स्कूल से मोहभंग होने का एक बड़ा कारण निजी स्कूलों की ‘डोर-टू-डोर’ बस सेवा है. ग्रामीण परिवारों का मानना है कि जब सरकारी स्कूल में सुविधाओं और स्टाफ की कमी है, तो बच्चों का भविष्य वहां सुरक्षित नहीं है. इसी कारण वे आर्थिक बोझ उठाकर भी बच्चों को निजी शिक्षण संस्थानों में भेज रहे हैं.

अध्यापक रणधीर कुमार ने अपने निजी स्तर पर स्कूल की पुताई और साफ-सफाई करवाकर बच्चों को आकर्षित करने की कोशिश की, लेकिन जब तक विभाग स्टाफ और बुनियादी सुविधाओं की गारंटी नहीं देता, तब तक यह भवन केवल एक ढांचा मात्र बनकर रह जाएगा.

About the Authorvicky Rathore

Vicky Rathore is a multimedia journalist and digital content specialist with 8 years of experience in digital media, social media management, video production, editing, content writing, and graphic, A MAJMC gra…और पढ़ें

Location :

Alwar,Alwar,Rajasthan

First Published :

January 01, 2026, 09:06 IST

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क्लासरूम खाली, सिस्टम मौन: बिना बच्चों के चल रहा स्कूल, किसकी जिम्मेदारी ?

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