Rajasthan

Kota Garlic Market Price I हाड़ौती के लहसुन ने देशभर में जमाई धाक, कोटा मंडी में मिल रहे रिकॉर्ड भाव

होमताजा खबरकृषि

कोटा का लहसुन बना व्यापारियों की पहली पसंद, देशभर के बाजारों में बढ़ी मांग

Last Updated:October 30, 2026, 11:39 IST

Kota Garlic Market Price: कोटा की भामाशाह मंडी में हाड़ौती के लहसुन की बंपर आवक हो रही है, रोजाना करीब 9 हजार कट्टे पहुंच रहे हैं, जबकि बेहतर क्वालिटी के लहसुन के भाव 22 हजार रुपए प्रति क्विंटल तक पहुंच गए हैं. पंजाब, गुजरात, महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों में इसकी मांग बनी हुई है.कोटा का लहसुन बना व्यापारियों की पहली पसंद, देशभर के बाजारों में बढ़ी मांगZoomहाड़ौती लहसुन की मांग

कोटा. हाड़ौती की धरती पर पैदा होने वाले लहसुन की खुशबू और गुणवत्ता अब देशभर के बड़े बाजारों तक पहुंच रही है. अपनी खास पहचान और बेहतर क्वालिटी के चलते हाड़ौती का लहसुन किसानों के साथ व्यापारियों की भी पहली पसंद बना हुआ है. इसका असर कोटा की भामाशाह मंडी में साफ देखने को मिल रहा है. यहां इन दिनों लहसुन की अच्छी आवक हो रही है और बेहतर गुणवत्ता वाले लहसुन के भाव 22 हजार रुपए प्रति क्विंटल तक पहुंच गए हैं, अच्छे दाम मिलने से किसानों के चेहरे भी खिल उठे हैं.

कोटा की भामाशाह मंडी में फिलहाल रोजाना करीब 9 हजार कट्टे लहसुन पहुंच रहे हैं. कोटा के आसपास के क्षेत्रों के अलावा बारां, बूंदी, झालावाड़ और हाड़ौती के दूरदराज के इलाकों से भी किसान अपनी उपज लेकर मंडी पहुंच रहे हैं. किसानों को यहां मिल रहे बेहतर भाव के चलते मंडी में लहसुन की आवक बनी हुई है. बड़ी संख्या में किसान अपनी फसल बेचने के लिए भामाशाह मंडी को प्राथमिकता दे रहे हैं.

क्वालिटी के हिसाब से मिल रहे दाम

मंडी में लहसुन के भाव की बात करें तो फिलहाल 6 हजार से लेकर 22 हजार रुपए प्रति क्विंटल तक कीमत मिल रही है. बड़े आकार, अच्छी चमक और बेहतर गुणवत्ता वाले लहसुन की बाजार में ज्यादा मांग है. ऐसे लहसुन को व्यापारियों की ओर से ऊंचे दाम दिए जा रहे हैं. वहीं सामान्य गुणवत्ता वाले लहसुन की कीमत अपेक्षाकृत कम है, इस तरह किसानों को उनकी उपज की गुणवत्ता के आधार पर भाव मिल रहे हैं.

देश के कई राज्यों तक पहुंच रहा हाड़ौती का लहसुन

हाड़ौती क्षेत्र के कोटा, बूंदी, बारां और झालावाड़ जिले लहसुन उत्पादन के प्रमुख केंद्र हैं. यहां पैदा होने वाले लहसुन की मांग राजस्थान के साथ दूसरे राज्यों में भी रहती है. कोटा मंडी से पंजाब, गुजरात, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल सहित देश के कई राज्यों के बाजारों तक लहसुन की सप्लाई होती है. पहले हाड़ौती के लहसुन की बांग्लादेश सहित अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी आपूर्ति होती रही है, यही वजह है कि इस क्षेत्र के लहसुन ने देशभर के व्यापारियों के बीच अपनी अलग पहचान बनाई है.

अच्छे भाव से किसानों को राहत

लहसुन की खेती में किसानों को काफी मेहनत और लागत लगानी पड़ती है, बुवाई से लेकर फसल तैयार होने और उसे मंडी तक पहुंचाने में कई तरह के खर्च शामिल होते हैं. ऐसे में भामाशाह मंडी में बेहतर गुणवत्ता वाले लहसुन के 22 हजार रुपए प्रति क्विंटल तक भाव मिलने से किसानों को राहत मिल रही है. फिलहाल मंडी में लहसुन की आवक और कीमतों पर किसानों के साथ व्यापारियों की भी नजर बनी हुई है. आने वाले दिनों में बाजार का रुख क्या रहेगा, इस पर भी सभी की निगाहें टिकी हैं.

About the Authorमोनाली पाल

नमस्ते मेरा नाम मोनाली है, पेशे से पत्रकार हूं, ख़बरें लिखने का काम है. लेकिन कैमरे पर समाचार पढ़ना बेहद पसंद है. 2016 में पत्रकारिता में मास्टर्स करने के बाद पांच साल कैमरे पर न्यूज़ पढ़ने के साथ डेस्क पर खबरे…

और पढ़ेंFirst Published :

October 30, 2026, 11:39 IST

Source link

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

Uh oh. Looks like you're using an ad blocker.

We charge advertisers instead of our audience. Please whitelist our site to show your support for Nirala Samaj