पिछले साल पानी से लबालब थे जिले के 5 बांध, अब बूंद-बूंद को तरसे, कमजोर मानसून ने बढ़ाई जल संकट की चिंता

Last Updated:August 08, 2026, 18:35 IST
Sirohi Hindi News: सिरोही जिले में श्रावण मास के साथ ही कमजोर मानसून जिले वासियों के लिए चिंता का सबब बन रहा है. जहां पिछले वर्ष अगस्त माह में 5 बांध छलक चुके थे. वहीं इस साल स्थिति अलग है. अब तक जिले के 9 बड़े बांध सूखे पड़े हैं. इनमें वेस्ट बनास, सुकली सेलवाड़ा और अनगोर बांधों में पानी की आवक कम हैं. जिससे इन बांधों से सिंचाई व पेयजल व्यवस्था भी प्रभावित हो सकती है.
जिले के सबसे बड़े बांध धनारी स्थित वेस्ट बनास डेम की बात करें तो शनिवार सुबह तक इस बांध में अब तक मात्र 20 प्रतिशत पानी की आवक हुई है. बांध की कुल भराव क्षमता 1380 एमसीएफटी है. अब तक इस बांध में 276 एमसीएफटी पानी की आवक हुई है. इस बांध से पिंडवाड़ा और आबूरोड तहसील क्षेत्र के किसानों को सिंचाई के लिए पानी दिया जाता है. ऐसे में कमजोर मानसून की वजह से पानी की कम आवक से किसान भी परेशान है.
सिरोही जिले का चौथा सबसे बड़ा बांध अनगौर बांध है. इस बांध में भी इस बार कम पानी की आवक देखी जा रही है. इस बांध की कुल भराव क्षमता 495 एमसीएफटी है, जिसमें शनिवार सुबह तक मात्र 60 एमसीएफटी पानी की आवक हुई है. जो की इस बांध की कुल भराव क्षमता का मात्र 12 प्रतिशत है. पिछले वर्ष इस बांध में आधे से अधिक पानी की आवक अगस्त माह तक हो चुकी थी, इस बार इस बांध में कम पानी की वजह से आसपास के गांवों के लोग परेशान है.
सिरोही जिले का दूसरा सबसे बड़ा बांध रेवदर तहसील का सुकली सेलवाडा डेम है. इस बांध के पानी का भी उपयोग सिंचाई और पीने के पानी की जरुरत को पूरा करने के लिए होता है. बांध की वर्तमान स्थिति की बात करें, तो बांध की कुल भराव क्षमता 1042.46 एमसीएफटी पर शनिवार सुबह तक बांध में 263.9 एमसीएफटी पानी की आवक दर्ज हुई है. जो बांध की कुल भराव क्षमता के मुकाबले 25 प्रतिशत है.
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जिले के देलदर तहसील में बने बत्तीसा नाला बांध में सबसे ज्यादा पानी की आवक हुई है. इस बांध से पेयजल और सिंचाई के लिए पानी का उपयोग करने का कार्य जारी है. यह जिले का तीसरा सबसे बड़ा बांध है. इस बांध से सिरोही, देलदर और पिंडवाड़ा तहसील के तीन शहरों और 36 गांवों को पानी दिया जाना प्रस्तावित है. अब तक इस बांध में पानी की आवक की बात करें, तो कुल भराव क्षमता 577.32 एमसीएफटी में से शनिवार सुबह तक 393 एमसीएफटी पानी की आवक हुई है. जो बांध की कुल भराव क्षमता का 68 प्रतिशत है.
जिले के रेवदर तहसील में बना टोकरा बांध भी इस बार कम पानी की आवक से जूझ रहा है. क्षेत्र में कमजोर मानसून के चलते इस बार इस बांध में ज्यादा पानी की आवक नहीं हुई है. पिछले साल इस बांध में अगस्त माह में अच्छी पानी की आवक हुई थी. बांध की कुल भराव क्षमता 192 एमसीएफटी में सिर्फ 43 एमसीएफटी पानी की आवक हुई है. जो बांध की कुल केपेसिटी का मात्र 22 प्रतिशत है.
जिले में अब तक हुई बारिश की बात करें तो सबसे ज्यादा बारिश माउंट आबू में 842 मिलीमीटर बारिश पूरे मानसून में हो चुकी है. हालांकि यहां के औसत आंकड़े के मुकाबले ये बारिश मात्र 37 प्रतिशत है. वहीं औसत बारिश के मुकाबले सबसे ज्यादा आबूरोड तहसील क्षेत्र में 42 प्रतिशत बारिश (420 एम.एम.) बारिश हुई है. अब तक किसी भी तहसील क्षेत्र में 50प्रतिशत बारिश नहीं हुई है. ऐसे में किसान भी फसल को लेकर चिंतित है और बारिश की उम्मीद लगाए हुए हैं.
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August 08, 2026, 18:35 IST



