Rajasthan

माउंट आबू के अचलगढ़ में छिपी है ओखा रानी के महल की कहानी, देखभाल के अभाव में मिट रही ऐतिहासिक धरोहर

Last Updated:October 31, 2026, 18:54 IST

Okha Rani Mahal: सिरोही के माउंट आबू स्थित अचलगढ़ क्षेत्र में बना ओखा रानी का ऐतिहासिक महल देखभाल के अभाव में अब खंडहर में बदल चुका है. इस दो मंजिला भवन के अवशेष आज भी इतिहास की याद दिलाते हैं.

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सिरोही: माउंट आबू के अचलगढ़ क्षेत्र में बने किले के बारे में, तो काफी लोगों को जानकारी है, लेकिन यहां ओखा रानी का महल भी बना हुआ था, जो किले का सबसे सुरक्षित भाग माना जाता था. अचलगढ के किले पर आक्रमण के बाद नष्ट होने के बाद वर्ष 1452 में मेवाड़ के शासक महरान कुम्भा ने यहां जीत हासिल कर किले का पुनर्निर्माण करवाने के साथ अपनी रानी ओखा के लिए अलग महल बनवाया था. किले के अंदर राजा और रानी के रहने के लिए अलग-अलग महल बनाए गए थे.

आज भी यहां महाराणा कुंभा के महल और ओखा रानी के महल के पुराने अवशेष देखे जा सकते हैं. मंदाकिनी कुंड के पास पहाड़ी की तलहटी में बना ये दो मंजिला भवन अब देखभाल के अभाव में जर्जर हाल हो गया है. कुछ वर्ष पहले ही भवन का एक हिस्सा ढह गया था. इस खंडहर में आज भी पुराने बड़ी ईंटों की दीवारें खिड़कियां और झरोखे देखे जा सकते है.

सुंदर नजारों के बीच बना था ये महलटूरिस्ट गाइड दीपक सिंह ने बताया कि ओखा रानी का महल किले के सबसे ऊंचे और सुरक्षित हिस्से में बनाया गया था. किले को फाड़ हरियाली और मंदाकिनी कुंड के पास सुंदर नजारों के बीच बनाया गया था. इसे ओखा रानी का नोहरा भी कहा जाता है. समय के साथ यह महल और किले की दूसरी इमारतें खंडहर में बदल गईं, लेकिन आज भी इनके पुराने निर्माण के अवशेष उस दौर की याद दिलाते हैं. किले के हनुमान पोल और चंपा पोल दरवाजों से होकर पर्यटक इन ऐतिहासिक जगहों तक पहुंच सकते हैं.

इतिहास प्रेमियों को पसंद आती है ये जगहआज अचलगढ़ आने वाले पर्यटकों के लिए ओखा रानी का महल सिर्फ घूमने की जगह नहीं, बल्कि माउंट आबू के इतिहास को करीब से जानने का मौका भी मिलता है. पहाड़ियों के बीच मौजूद इन खंडहरों को देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि कभी यहां राजपरिवार का जीवन किस तरह रहा करते होंगे. अचलगढ के इस महल को देखने के लिए बहुत कम पर्यटक ही पहुंच पाते हैं. क्योंकि अधिकांश पर्यटकों को यहां पहुंचने के रास्ते की जानकारी नहीं होती है.ये महल सुंदर निर्माण शैली और भवन की मजबूती को भी दर्शाता है.

About the AuthorJagriti Dubey

मेरा नाम जागृति दुबे है. मीडिया और डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया में पिछले 6 वर्षों से सक्रिय हूं. पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को मैंने वर्ष 2019 में GBN 24 न्यूज़ चैनल से इंटर्नशिप के साथ शुरुआत देकर एक पेशेव…

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Sirohi,Rajasthan

First Published :

October 31, 2026, 18:54 IST

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