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Manoj Kumar Death Latest News: 87 साल की उम्र में मनोज कुमार का निधन, बॉलीवुड ने खोया देशभक्ति प्रतीक

Last Updated:April 04, 2025, 11:14 IST

Manoj Kumar Death News: मनोज कुमार का 87 साल की उम्र में निधन हो गया. देश को कई यादगार फिल्में देने के बाद आज उन्होंने दुनिया को अलविदा कह दिया. उन्हें देशभक्ति फिल्मों के लिए जाना जाता था. उन्होंने ‘शहीद’, ‘उप…और पढ़ेंजिंदगी की न टूटे लड़ी...कैसे देशभक्ति का दूसरा नाम थे हमारे अपने मनोज कुमार?

87 साल की उम्र में मनोज कुमार का निधन हो गया.

हाइलाइट्स

मनोज कुमार का 87 साल की उम्र में निधन.देशभक्ति फिल्मों के लिए जाने जाते थे मनोज कुमार.’शहीद’, ‘उपकार’, ‘क्रांति’ जैसी फिल्में बनाईं.

Manoj Kumar Death Latest News: जिंदगी की न टूटे लड़ी, प्यार कर ले घड़ी दो घड़ी… फिल्म ‘क्रांति’ का गाना किसके जहन में नहीं होगा. मनोज कुमार की उस फिल्म की छाप आज भी दिलो-दिमाग में है. मनोज कुमार भारतीय सिनेमा के वह चमकते स्टार थे, जो कभी कैमरे पर नहीं देखते थे. बिना कैमरा देखे ही पूरा किरदार निभा देते थे. बावजूद उनकी एक्टिंग में जान होती थी. आज भारत का वह चमकता सितारा दुनिया छोड़ गया. अब हमारा सितारा आसमान में चमकेगा. 87 साल के मनोज कुमार का शुक्रवार तड़के निधन हो गया.

बॉलीवुड एक्टर और डायरेक्टर मनोज कुमार का 87 साल की उम्र में निधन हो गया. उन्होंने शुक्रवार सुबह मुंबई के कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी अस्पताल में अंतिम सांस ली. मनोज कुमार को भारत कुमार के नाम से भी जाना जाता है. उसकी बड़ी वजह यह है कि उन्होंने अपनी फिल्मों से देश में देशभक्ति की अलख जगाई. मनोज कुमार ने देशभक्ति फिल्मों के जरिए दर्शकों के दिलों में अपनी एक अलग जगह बनाई है. यूं कहिए कि देशभक्ति का दूसरा नाम थे मनोज कुमार ऊर्फ भारत कुमार.

क्यों देशभक्ति का दूसरा नाम थे मनोज कुमारमनोज कुमार की फिल्मों की फेहरिस्त बड़ी लंबी है. उनमें भी देशभक्ति फिल्मों की तो बात ही अलग है. अब आपके मन में सवाल होगा कि मनोज कुमार को देशभक्ति का दूसरा नाम क्यों कहा जाता है? दरअसल, मनोज कुमार ने अपनी फिल्मों के जरिए भारतीयता, राष्ट्रीय एकता और स्वतंत्रता संग्राम की भावना को जीवंत किया. बड़े पर्दे से उन्होंने देश के लोगों में देशभक्ति की भावना की अलख जगाई. 1960 और 70 के दशक में जब देश आजादी के बाद अपनी पहचान बना रहा था, तब मनोज कुमार ने ‘शहीद’, ‘उपकार’, ‘पूरब और पश्चिम’, ‘रोटी-कपड़ा और मकान’ और ‘क्रांति’ जैसी शानदार फिल्में बनाईं. ये फिल्में देशभक्ति की मिसाल बनीं. इन फिल्मों ने ऐसी पहचान बनाई कि आज भी गाहे-बगाहे लोग देख लेते हैं.

Manoj Kumar Death Reason: मनोज कुमार का कैसे हुआ निधन, आखिर ‘भारत कुमार’ को क्या हुआ था?

मनोज कुमार और उनका देशप्रेममनोज कुमार ने जहां फिल्म ‘शहीद’ में भगत सिंह के बलिदान को पर्दे पर उतारा तो ‘उपकार’ में किसानों और सैनिकों की देश सेवा को सम्मान दिया. ‘पूरब और पश्चिम’ में भारतीय संस्कृति की श्रेष्ठता को गर्व के साथ प्रस्तुत किया, जबकि ‘क्रांति’ में आजादी की लड़ाई को देशवासियों को दिखाकर याद दिलाया. उनके अभिनय में देशप्रेम खूब झलकता था. उनकी फिल्मों और किरदार में देश का आम आदमी खुद को ढूंढता था. लोग उनसे कनेक्टेड फील करते थे.

मनोज कुमार कैसे बने एक्टरउनकी फिल्मों को मशहूर गाने जैसे ‘मेरे देश की धरती’ और ‘ ऐ वतन, ऐ वतन’ और जिंदगी की न टूटे लड़ी, आज भी लोगों की जुबान पर बरबस आ जाते हैं. मनोज कुमार का जन्म 24 जुलाई 1937 को ऐबटाबाद में हुआ, जो बंटवारे के बाद पाकिस्तान का हिस्सा बना. बंटवारे के बाद मनोज कुमार के अभिभावकों ने भारत में रहने का फैसला किया. इसी के साथ वह दिल्ली आ गए. मनोज कुमार ने बंटवारे का दर्द बहुत नजदीक से देखा था. इसलिए उन्होंने राष्ट्रभक्ति फिल्में खूब बनाईं. बताया जाता है कि वह दिलीप कुमार और अशोक कुमार की फिल्मों को देखकर इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने एक्टर बनने का निश्चय कर लिया. इसी के साथ ही उन्होंने अपना नाम हरिकिशन गिरी गोस्वामी से बदलकर मनोज कुमार रख लिया.

Location :

Mumbai,Maharashtra

First Published :

April 04, 2025, 11:09 IST

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जिंदगी की न टूटे लड़ी…कैसे देशभक्ति का दूसरा नाम थे हमारे अपने मनोज कुमार?

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