मेहंदीपुर बालाजी हेलिकॉप्टर सेवा शुरू

दौसा. देशभर के प्रमुख आस्था स्थलों में शामिल मेहंदीपुर बालाजी तक पहुंचना अब पहले से कहीं ज्यादा आसान हो गया है. सोमवार को बालाजी धाम के लिए पहली बार हेलिकॉप्टर सेवा शुरू की गई है, जिससे दिल्ली, जयपुर और अलवर के पिनान से श्रद्धालु सीधे हवाई मार्ग से मंदिर पहुंच सकेंगे. आज दिल्ली से पाँच श्रद्धालुओं को लेकर पहला हेलिकॉप्टर मेहंदीपुर बालाजी पहुंचेगा, जो सेवा के ट्रायल के रूप में भी काम करेगा. इसे धार्मिक पर्यटन और जिले की अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़ा कदम माना जा रहा है, क्योंकि अब तक मुख्य रूप से सड़क और रेल मार्ग से ही यहाँ पहुंचा जाता था.
25 मिनट में दिल्ली–जयपुर से बालाजी दर्शनमेहंदीपुर बालाजी प्रतिदिन हजारों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है. नई हेलिकॉप्टर सेवा के चलते:
दिल्ली और जयपुर से बालाजी धाम तक का सफर सिर्फ 25–26 मिनट में पूरा हो सकेगा.
अलवर के पिनान से सफर केवल 15 मिनट का रह जाएगा.
यह सेवा न केवल मेहंदीपुर बालाजी को जोड़ेगी, बल्कि आभानेरी की बावड़ी, झाझीरामपुरा और पपलाज माता मंदिर जैसे अन्य पर्यटन स्थलों को भी जोड़कर एक नया टूरिज्म सर्किट बनाएगी, जिससे धार्मिक और ऐतिहासिक पर्यटन को नई रफ्तार मिलेगी.
कौन चला रहा है सेवा? कितना होगा किराया?इस प्रीमियम हेलिकॉप्टर सेवा का संचालन ‘बुक योअर हेलीकॉप्टर’ कंपनी करेगी. ऑनलाइन टिकट BookYourHelicopter.com पर उपलब्ध रहेंगे.
प्रति यात्री आने–जाने का किराया: फिलहाल 70,000 रुपए तय किया गया है.
कंपनी के पास फिलहाल 8 हेलीकॉप्टर और 2 प्राइवेट जेट संचालित हैं. फाउंडर मनीष कुमार सुनारी ने बताया कि जिला प्रशासन और पर्यटन मंत्रालय के आग्रह पर यह प्रोजेक्ट शुरू किया गया है ताकि देश-विदेश के श्रद्धालु प्रमुख आस्था स्थलों तक जल्दी और सुविधा से पहुँच सकें. इस सेवा का लक्ष्य समय की कमी वाले श्रद्धालुओं को सुविधा प्रदान करना है.
स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा बड़ा लाभदौसा प्रशासन और पर्यटन विभाग के सहयोग से चल रही इस परियोजना से क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे. हेलिकॉप्टर से आने वाले यात्रियों के लिए प्रीमियम होटल, स्थानीय व्यापार, परिवहन और सेवा क्षेत्रों में वृद्धि होने की उम्मीद है. इससे जिले को राष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर अधिक मजबूती मिलेगी.
देश के सबसे युवा पायलट संभालेंगे जिम्मेदारीपूरे ऑपरेशन की कमान दौसा जिले के सिकराय क्षेत्र के धूलकोट गांव के 24 वर्षीय कैप्टन अभय सिंह गुर्जर संभालेंगे, जो देश के सबसे कम उम्र के सिविल हेलीकॉप्टर पायलटों में से एक हैं. अभय के पिता भी चारधाम और केदारनाथ यात्रा के दौरान हेलीकॉप्टर सेवाओं से जुड़े रहे हैं. अभय ने कहा कि अपनी जन्मभूमि की सेवा करना और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देना उनके लिए गर्व की बात है.
नए दौर के धार्मिक पर्यटन की शुरुआतइस पहल को राजस्थान में धार्मिक पर्यटन को नई पहचान देने वाला ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है. इससे मेहंदीपुर बालाजी धाम राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय श्रद्धालुओं के लिए और अधिक सुलभ हो जाएगा.



