Naresh Meena : नरेश मीणा ने अपना अनशन लिया वापस, जानें किस बात पर बनी सहमति

जयपुर. खाद और किसानों से जुड़ी दूसरी मांगों को लेकर चल रहा नरेश मीणा का आंदोलन अब फिलहाल खत्म हो गया है. कृषि विभाग के उच्चाधिकारियों के साथ बातचीत के बाद नरेश मीणा ने जयपुर कूच और अपना आंदोलन वापस लेने का फैसला किया है. हालांकि उन्होंने साफ किया है कि अपने गांव में अनशन जारी रखेंगे. नरेश मीणा की कृषि विभाग के कमिश्नर स्तर पर बातचीत हुई. इस बातचीत में किसानों की खाद समेत दूसरी समस्याओं को लेकर चर्चा हुई. बातचीत के बाद उन्हें किसानों की सभी समस्याओं के समाधान का आश्वासन मिला है.
नरेश मीणा पिछले कई दिनों से किसानों को पर्याप्त खाद उपलब्ध कराने और तय कीमत पर खाद देने समेत दूसरी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे थे. उन्होंने बारां से जयपुर तक पैदल कूच शुरू किया था. रास्ते में भी किसानों और समर्थकों के साथ उनकी यात्रा जारी रही. इस दौरान उन्होंने डीएपी और यूरिया की उपलब्धता, खाद के साथ जबरन दूसरी सामग्री नहीं देने और किसानों को उनकी जरूरत के हिसाब से खाद उपलब्ध कराने जैसे मुद्दे उठाए थे. आंदोलन के दौरान उन्होंने प्रशासन से बातचीत भी की थी, लेकिन पहले हुई बातचीत से पूरी तरह संतुष्ट नहीं होने पर जयपुर कूच जारी रखा था.
अधिकारियों से बातचीत के बाद बदला फैसलाअब कृषि विभाग के कमिश्नर स्तर के अधिकारियों के साथ बातचीत के बाद नरेश मीणा ने अपना आंदोलन वापस लेने का फैसला किया है. बातचीत में किसानों की अलग-अलग समस्याओं को लेकर चर्चा हुई और अधिकारियों की ओर से समाधान का भरोसा दिया गया. नरेश मीणा ने कहा कि किसानों की समस्याओं को लेकर उच्चाधिकारियों से बातचीत हुई है. कृषि विभाग के कमिश्नर लेवल पर हुई बातचीत में किसानों की सभी समस्याओं पर आश्वासन मिला है. इसके बाद उन्होंने जयपुर में चलाए जाने वाले आंदोलन को वापस लेने की बात कही.
गांव में अनशन रहेगा जारी
हालांकि आंदोलन पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है. नरेश मीणा ने कहा है कि वह अपने गांव में अनशन जारी रखेंगे. यानी जयपुर कूच और यहां प्रस्तावित आंदोलन से उन्होंने कदम पीछे खींच लिया है, लेकिन किसानों के मुद्दों को लेकर उनका अनशन अभी जारी रहेगा. यह फैसला ऐसे समय में आया है, जब नरेश मीणा की किसान यात्रा टोंक होते हुए जयपुर की ओर बढ़ रही थी. मंगलवार को भी उन्होंने कहा था कि किसानों के हक की लड़ाई जारी रहेगी और सरकार उनकी मांगें मान ले तो वह अपना अनशन खत्म करने के लिए तैयार हैं.
खाद के मुद्दे पर बनी थी टकराव की स्थितिनरेश मीणा के आंदोलन की मुख्य वजह खाद को लेकर किसानों की परेशानी थी. उनका आरोप था कि किसानों को खाद लेने में दिक्कत हो रही है और कई जगह तय कीमत से ज्यादा पैसे लेने तथा खाद के साथ दूसरी सामग्री देने की शिकायतें सामने आ रही हैं. इससे पहले प्रशासन के साथ हुई बातचीत में खाद के साथ जबरन दूसरी सामग्री देने यानी अटैचमेंट को हटाने पर सहमति बनने की बात सामने आई थी, लेकिन किसानों को उनकी जमीन के हिसाब से पर्याप्त खाद देने के मुद्दे पर बात अटक गई थी. इसी के बाद नरेश मीणा ने जयपुर कूच जारी रखने का फैसला किया था.
अब नजर आश्वासन परआंदोलन वापस लेने के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि अधिकारियों की ओर से दिए गए आश्वासन पर आगे कितना काम होता है. नरेश मीणा ने फिलहाल जयपुर में आंदोलन रोक दिया है, लेकिन गांव में उनका अनशन जारी रहेगा. किसानों की खाद और दूसरी समस्याओं को लेकर सरकार और कृषि विभाग की ओर से आगे क्या कदम उठाए जाते हैं, इस पर अब किसानों की भी नजर रहेगी. नरेश मीणा ने भी साफ कर दिया है कि उनका मुद्दा किसानों की समस्याओं से जुड़ा है और गांव में अनशन जारी रखकर वह इस मामले को उठाते रहेंगे.



