पाली के सरकारी दफ्तरों में नेटवर्क की समस्या

Last Updated:January 07, 2026, 07:44 IST
Ground Report: पाली-जोधपुर रोड पर स्थित आरटीओ, रजिस्ट्रार और सीएमएचओ जैसे प्रमुख सरकारी दफ्तरों में मोबाइल नेटवर्क की भारी समस्या बनी हुई है. इन कार्यालयों में प्रवेश करते ही मोबाइल सिग्नल गायब हो जाते हैं, जिससे न तो डिजिटल पेमेंट हो पा रहा है और न ही ऑनलाइन काम के लिए जरूरी ओटीपी आ रहे हैं. शहर से मात्र 10 किमी दूर होने के बावजूद यह क्षेत्र ‘नो नेटवर्क जोन’ बन गया है. लोग घंटों नेटवर्क के इंतजार में खड़े रहते हैं और अधिकारियों को भी काम करने में असुविधा हो रही है. स्थानीय जनता ने प्रशासन और नेटवर्क कंपनियों से इस समस्या के तुरंत समाधान की मांग की है ताकि डिजिटल इंडिया का लाभ उन्हें मिल सके.
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Pali Ground Report: सरकारी दफ्तरों में डिजिटल इंडिया फेल देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जिस डिजिटल इंडिया और कैशलेस इकोनॉमी का सपना देख रहे हैं, वह राजस्थान के पाली जिले में नेटवर्क की कमी के कारण दम तोड़ता नजर आ रहा है. पाली-जोधपुर रोड पर स्थित तमाम महत्वपूर्ण सरकारी विभागों में तकनीक तो अपडेट हो गई है, लेकिन बुनियादी जरूरत यानी ‘मोबाइल नेटवर्क’ नदारद है. आलम यह है कि इन दफ्तरों की चारदीवारी के भीतर कदम रखते ही स्मार्टफोन महज एक ‘डिब्बा’ बनकर रह जाते हैं. नेटवर्क कंपनियां दावों के बावजूद इस प्रमुख क्षेत्र में सुधार करने में पूरी तरह नाकाम साबित हो रही हैं, जिससे आम जनता को भारी मानसिक और आर्थिक परेशानी झेलनी पड़ रही है.
पाली की जोधपुर रोड पर आरटीओ (RTO), रजिस्ट्रार कार्यालय, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग (CMHO), कृषि विभाग और आबकारी विभाग जैसे कई महत्वपूर्ण सरकारी महकमे एक ही कतार में स्थित हैं. इन कार्यालयों में प्रतिदिन हजारों की संख्या में लोग अपने कामों के लिए पहुँचते हैं. स्थानीय निवासी नितेश ने लोकल-18 को बताया कि जैसे ही कोई व्यक्ति ऑफिस के अंदर प्रवेश करता है, मोबाइल का सिग्नल पूरी तरह गायब हो जाता है. आज के समय में लगभग सभी सरकारी प्रक्रियाएं ऑनलाइन ओटीपी (OTP) पर आधारित हैं, लेकिन नेटवर्क न होने के कारण लोग एक से दो घंटे तक केवल मैसेज आने के इंतजार में खड़े रहते हैं.
डिजिटल पेमेंट करना हुआ असंभव
सरकार की ओर से हर जगह डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने के निर्देश हैं, लेकिन इन विभागों में यह सुविधा होने के बावजूद बेकार साबित हो रही है. नेटवर्क नहीं आने से न तो यूपीआई (UPI) ट्रांजेक्शन हो पाते हैं और न ही नेट बैंकिंग काम करती है. लोगों को जरूरी भुगतान करने के लिए दफ्तर से काफी दूर खुले मैदान में जाना पड़ता है. कई बार तो हालात इतने खराब हो जाते हैं कि अधिकारियों को काम अटका देख उपभोक्ताओं की मदद के लिए अपने सिस्टम का सहारा लेना पड़ता है. ओटीपी के लिए लोग खिड़कियों और दरवाजों के बाहर हाथ ऊंचे करके सिग्नल तलाशते नजर आते हैं, जो विकसित भारत की तस्वीर पर एक बड़ा सवालिया निशान है.
नेटवर्क सुधार की तत्काल आवश्यकता
शहर से महज 10 किलोमीटर की दूरी पर स्थित यह पॉकेट अब एक ‘ब्लैक होल’ की तरह बन गया है जहाँ संचार के साधन ठप हैं. घरों से आने वाले जरूरी फोन कॉल्स तक यहाँ रिसीव नहीं हो पाते. स्थानीय लोगों और अधिकारियों का कहना है कि उन्होंने कई बार नेटवर्क कंपनियों और जिला प्रशासन से इस समस्या के समाधान का आग्रह किया है, लेकिन अभी तक स्थिति जस की तस बनी हुई है. जब तक इस क्षेत्र में मोबाइल टावरों की क्षमता नहीं बढ़ाई जाती या नए बूस्टर नहीं लगाए जाते, तब तक डिजिटल इंडिया का नारा पाली के इन सरकारी दफ्तरों के लिए महज एक कागजी दावा ही बना रहेगा.
About the Authorvicky Rathore
Vicky Rathore is a multimedia journalist and digital content specialist with 8 years of experience in digital media, social media management, video production, editing, content writing, and graphic, A MAJMC gra…और पढ़ें
Location :
Pali,Pali,Rajasthan
First Published :
January 07, 2026, 07:44 IST
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UPI, OTP सब बेकार! पाली के सरकारी दफ्तरों में क्यों नहीं चलता मोबाइल?



