Paid Menopause Leave: अब महिलाओं को मेनोपॉज के लिए मिलेगी ‘पेड सिक लीव’, कैसे स्पेन दुनिया के सामने रख रहा है नज़ीर?

Last Updated:November 04, 2026, 18:10 IST
मेनोपॉज हर 40 पार महिला के जीवन में आने वाला सच है, लेकिन इससे जुड़ी समस्याओं को अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है या इसपर बात करना उतना जरूरी नहीं समझा जाता. लेकिन सच ये है कि अब जब महिलाएं वर्क-फोर्स का इतना बड़ा हिस्सा हैं, तो दफ्तरों में इसपर बात करना और इससे जुड़ी परेशानियों को समझाना बेहद जरूरी है. स्पेन का यह कदम इसी दिशा में कम से कम बहस और सोच तो पैदा करती ही है.महिलाओं को मेनोपॉज के लिए मिलेगी ‘पेड सिक लीव’
स्पेन 1 दिसंबर से दुनिया के सामने एक नई मिसाल पेश करने जा रहा है. यूरोप का यह देश महिलाओं को मेनोपॉज के दौरान होने वाली सीरियस मेडिकल कंडीशन में स्पेशल मेडिकल लीव देने का अधिकार दे रहा है. मेनोपॉज के लिए मिलने वाली ये लीव ‘पेड’ होंगी. स्पेन की सरकार ने 20 अक्टूबर को इस सुधार को मंजूरी दी थी. स्पेन का यह कदम वर्किंग वुमेन की सेहत और अधिकारों की सुरक्षा की दिशा में एक बड़ा और अहम कदम है. हालांकि मेनोपॉज से गुजरने वाली हर महिला को ये छुट्टी मिल जाएगी, ऐसा नहीं है. ये विशेष छुट्टी डॉक्टरी जांच और कुछ खास मेडिकल कंडीशंस में ही मिलेगी.
क्या है मेनोपॉज?इंद्रा आईवीएफ फर्टिलिटी सेंटर इसपर बताता है कि ‘मेनोपॉज वो समय है जब महिला का पीरियड्स हमेशा के लिए बंद हो जाते हैं और वह नेचुरल तरीके से गर्भधारण नहीं कर सकती.’ इसकी पहचान का साफ नियम है कि जब लगातार 12 महीनों तक किसी महिला को एक भी पीरियड न आएं यानी पूरे साल भर कोई ब्लीडिंग या स्पॉटिंग न हो, तब माना जाता है कि मेनोपॉज हो गया है. हालांकि मेनोपॉज कोई बीमारी नहीं है, बल्कि उम्र के साथ महिलाओं के शरीर में आने वाला एक नेचुरल बदलाव है. मेनोपॉज ज्यादातर महिलाओं में 45 से 55 की उम्र के बीच आता है. हालांकि किसी को ये 55 की उम्र में आता है तो किसी को 48 में और ये दोनों ही कंडीशन नॉर्मल हैं. मेनोपॉज से पहले आता है ‘प्रीमेनोपॉज’. यही वो समय है जब शरीर में हार्मोन बदलना शुरू होते हैं.
मेनोपॉज के लक्षणप्रीमेनोपॉज दौर में किसी में कम लक्षण दिखते हैं किसी में ज्यादा. ये लक्षण हैं…
पीरियड्स का अनियमित होना – अक्सर सबसे पहला संकेत. कभी जल्दी, कभी देर से, कभी भारी, कभी हल्केहॉट फ्लैश (Hot Flashes) – अचानक शरीर में गर्मी की लहर, चेहरा लाल होनारात में पसीना – जिससे नींद टूटती हैनींद की पेशानी होनामूड में बदलाव – चिड़चिड़ापन, बेचैनी, उदासीयोनि का सूखापन, सम्बंध के दौरान तकलीफ‘ब्रेन फ़ॉग’ – ध्यान न लगना, बातें भूलनाजोड़ों और मांसपेशियों में तकलीफ
क्यों ‘बिग डील’ है स्पेन का ये कदम‘यूरो न्यूज’ की रिपोर्ट बताती है कि स्पेन की सरकार का मानना है कि इस कदम से उन स्वास्थ्य समस्याओं पर ध्यान दिया जा सकेगा, जिन्हें लंबे समय तक कामकाज की जगहों पर नजरअंदाज किया जाता रहा है. कैबिनेट बैठक के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में सामाजिक सुरक्षा और प्रवासन मंत्री एल्मा साइज ने इस फैसले का बचाव किया. उन्होंने कहा, ‘सोशल सिक्योरिटी से 1 करोड़ 5 लाख से ज्यादा महिलाएं जुड़ी हैं और हम उन समस्याओं का समाधान कर रहे हैं, जिन्हें अब तक नजरअंदाज किया जाता रहा है.’
मेनोपॉज ज्यादातर महिलाओं में 45 से 55 की उम्र के बीच आता है.
About the Authorदीपिका शर्मा News Editor
दीपिका शर्मा पिछले 7 सालों से Hindi से जुड़ी हुई हैं और इन दिनों ‘नॉलेज’ सेक्शन के लिए देश-दुनिया की खबरों पर डिटेल और लॉन्ग-रीड आर्टिकल्स लिखने में माहिर हैं. इतिहास के पन्नों …
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November 04, 2026, 18:10 IST
क्यों ‘बिग डील’ है स्पेन का ये कदम‘यूरो न्यूज’ की रिपोर्ट बताती है कि स्पेन की सरकार का मानना है कि इस कदम से उन स्वास्थ्य समस्याओं पर ध्यान दिया जा सकेगा, जिन्हें लंबे समय तक कामकाज की जगहों पर नजरअंदाज किया जाता रहा है. कैबिनेट बैठक के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में सामाजिक सुरक्षा और प्रवासन मंत्री एल्मा साइज ने इस फैसले का बचाव किया. उन्होंने कहा, ‘सोशल सिक्योरिटी से 1 करोड़ 5 लाख से ज्यादा महिलाएं जुड़ी हैं और हम उन समस्याओं का समाधान कर रहे हैं, जिन्हें अब तक नजरअंदाज किया जाता रहा है.’

मेनोपॉज ज्यादातर महिलाओं में 45 से 55 की उम्र के बीच आता है.
स्पेन ने 2023 में भी इस दिशा में कदम उठाया था. उस साल सरकार ने ऐसी माहवारी के लिए पेड मेडिकल लीव को मंजूरी दी थी, जिसमें दर्द या दूसरी परेशानियों के कारण महिला के लिए काम करना मुश्किल हो जाता है. स्पेन ने तब भी ये कदम उठाकर यूरोप के सामने एक नजीर रखी थी. अब नए नियमों के जरिए मेनोपॉज से जुड़ी कुछ स्वास्थ्य समस्याओं को भी इस सुरक्षा के दायरे में लाया गया है.
किन महिलाओं को मिलेगी मेनोपॉज के लिए मेडिकल छुट्टी?मेनोपॉज के दौरान कुछ महिलाओं को अचानक तेज गर्मी लगना या अचानक पसीना आना, नींद की समस्या, थकान और किसी काम पर ध्यान लगाने में परेशानी यानी ‘ब्रेन फोग’ जैसी दिक्कतें हो सकती हैं. ये समस्याएं कई बार लोगों को ‘नॉर्मल’ या रुटीन लक्षण लग सकते हैं लेकिन असल में ये महिलाओं के दफ्तर में काम को बहुत हद तक प्रभावित करते हैं. कुछ मामलों में इनके कारण काम करना भी मुश्किल हो जाता है. लेकिन मेनोपॉज के दौरान होने वाली हर परेशानी पर मेडिकल छुट्टी नहीं मिलेगी. इसके लिए महिला को डॉक्टर से जांच करानी होगी. डॉक्टर यह तय करेंगे कि उसे मेनोपॉज से जुड़ी कोई ऐसी गंभीर समस्या है या नहीं, जो उसके काम करने की क्षमता को प्रभावित कर रही है.
अगर डॉक्टर को लगता है कि महिला को मेनोपॉज से जुड़ी ऐसी स्वास्थ्य समस्या है, जिसके कारण वह अपना काम नहीं कर सकती, तो वे उसे मेडिकल छुट्टी का सर्टिफिकेट जारी कर सकते हैं. दूसरी मेडिकल छुट्टियों की तरह इस मामले में भी महिला को छुट्टी का कागजी सर्टिफिकेट अपने नियोक्ता यानी कंपनी को देने की जरूरत नहीं होगी. इसकी जानकारी सोशल सिक्योरिटी के जरिए इलेक्ट्रॉनिक तरीके से भेज दी जाएगी. ये नए नियम 1 दिसंबर 2026 से लागू होंगे.
मेडिकल छुट्टी के दौरान कितनी मिलेगी रकम?आम बीमारी के कारण ली जाने वाली मेडिकल छुट्टी और मेनोपॉज से जुड़ी इस नई छुट्टी में सबसे बड़ा अंतर यह है कि पैसे कब से मिलने शुरू होंगे. आमतौर पर स्पेन में ‘सिक लीव’ के दौरान चौथे दिन से आर्थिक मदद मिलती है. लेकिन मेनोपॉज से जुड़ी इस नई मेडिकल लीव में महिलाओं को दूसरे दिन से ही पैसे मिलने लगेंगे. पहले दिन की सैलरी कंपनी देगी. इसके बाद दूसरे दिन से सोशल सिक्योरिटी की ओर से आर्थिक मदद मिलेगी. पहले 20 दिनों तक महिला को उसकी तय वेतन राशि के आधार का 60 फीसदी मिलेगा. 21वें दिन से यह बढ़कर 75 फीसदी हो जाएगा.
आम बीमारी के कारण मेडिकल छुट्टी लेने के लिए एक और शर्त होती है. इसके तहत कर्मचारी ने पिछले पांच साल में कम से कम 180 दिनों तक सोशल सिक्योरिटी में योगदान दिया होना चाहिए. लेकिन नए नियम में इस शर्त को हटा दिया गया है. यानी मेडिकल जांच में तय मानदंडों पर खरी उतरने वाली महिलाओं को यह लाभ मिलेगा, भले ही उन्होंने सोशल सिक्योरिटी में कितने समय तक योगदान दिया हो.

स्पेन की सरकार का मानना है कि इस कदम से उन स्वास्थ्य समस्याओं पर ध्यान दिया जा सकेगा, जिन्हें लंबे समय तक कामकाज की जगहों पर नजरअंदाज किया जाता रहा है.
यूरोप के दूसरे देशों में क्या हैं हालात?जर्मनी, इटली, ग्रीस, पुर्तगाल और तुर्की में मेनोपॉज के लिए कामकाज से जुड़ी कोई अलग मेडिकल छुट्टी नहीं है. उदाहरण के लिए, जर्मनी और पुर्तगाल में अगर मेनोपॉज से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं के कारण किसी महिला के लिए काम करना मुश्किल हो जाता है, तो वह डॉक्टर से मिलकर आम बीमारी के तहत मेडिकल छुट्टी ले सकती है. लेकिन इन दोनों देशों में मेनोपॉज के लिए अलग से कोई श्रम कानून या नियम नहीं है.
ग्रीस, इटली और तुर्की में भी मेनोपॉज से जुड़ी गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं के लिए ऐसी कोई खास छुट्टी या आर्थिक मदद की व्यवस्था नहीं है. इस नए फैसले के साथ स्पेन ने 2023 में शुरू की गई दर्दनाक माहवारी के लिए मेडिकल छुट्टी की व्यवस्था को आगे बढ़ाया है. साथ ही इसने यूरोप के सामने एक अहम सवाल भी खड़ा किया है कि मेनोपॉज के दौरान होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं को देखते हुए सामाजिक सुरक्षा और कामकाज से जुड़े नियमों में बदलाव कैसे किया जाए.
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