purnia students create smart period project ai iot menstrual health project for 1500 rupees

Last Updated:November 08, 2026, 13:20 IST
Purnia Smart Menstrual Health Project: पूर्णिया की दो छात्राओं दिव्या कुमारी और सोनम कुमारी ने मात्र 1500 रुपये की लागत से स्मार्ट मेन्सट्रुअल हेल्थ प्रोजेक्ट तैयार किया है. इस प्रोजेक्ट को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है. जानें खासियत.
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Purnia Smart Menstrual Health Project: कहते हैं कि किसी की परेशानी को वही बेहतर समझ सकता है. जिसने उसे करीब से महसूस किया हो. महिलाओं के पीरियड यानी मासिक धर्म से जुड़ी समस्याओं को समझते हुए पूर्णिया की दो छात्राओं ने एक ऐसा अनोखा प्रोजेक्ट तैयार किया है, जो महिलाओं की जिंदगी को आसान बनाने के साथ-साथ पर्यावरण प्रदूषण को कम करने में भी मददगार साबित हो सकता है. खास बात यह है कि महज 1500 रुपये की लागत और तीन महीने की मेहनत से तैयार इस प्रोजेक्ट को राष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान मिली है. पूर्णिया के बिहार बाल भवन किलकारी में बच्चों की प्रतिभा को निखारने का काम लगातार जारी है. इसी कड़ी में आरक्षी मध्य विद्यालय की छात्रा दिव्या कुमारी और सोनम कुमारी ने अपनी रचनात्मक सोच से एक ऐसा प्रोजेक्ट तैयार किया है, जिसकी चर्चा राष्ट्रीय स्तर पर हो रही है.
स्कूल के बाद किलकारी में सीखती हैं विज्ञान और क्राफ्टस्कूल से छुट्टी मिलने के बाद दोनों छात्राएं बिहार बाल भवन किलकारी पहुंचती हैं, जहां उन्हें निशुल्क क्राफ्ट और विज्ञान से जुड़े प्रोजेक्ट बनाने की ट्रेनिंग दी जाती है. इसी दौरान उन्होंने महिलाओं और छात्राओं को पीरियड के समय होने वाली परेशानियों को करीब से समझा और इसका समाधान खोजने की ठानी. लगातार तीन महीने की मेहनत और महज 1500 रुपये की लागत से दोनों छात्राओं ने AI and IoT Based Smart Menstrual Health and Hygiene Monitoring Kit तैयार किया है. इस प्रोजेक्ट में महिलाओं के मासिक धर्म के दौरान स्वच्छता, इस्तेमाल किए गए सैनिटरी पैड के सुरक्षित निपटान और पीरियड के दौरान आराम जैसी महत्वपूर्ण बातों को शामिल किया गया है.
सैनिटरी पैड के सुरक्षित निपटान का भी समाधानअक्सर इस्तेमाल किए गए सैनिटरी पैड को महिलाएं खुले में या सामान्य कूड़े में फेंक देती हैं, जिससे पर्यावरण प्रदूषण का खतरा बढ़ जाता है. इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए दोनों छात्राओं ने अपने प्रोजेक्ट में सैनिटरी पैड के सुरक्षित निपटान और उसके कंपोस्टिंग की व्यवस्था को प्रदर्शित किया है. इतना ही नहीं, इस प्रोजेक्ट में सहेली कक्ष की भी परिकल्पना की गई है, जहां पीरियड के दौरान महिलाएं और छात्राएं आराम कर सकेंगी. इस तरह यह प्रोजेक्ट मासिक धर्म के दौरान स्वच्छता और सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में एक नई पहल है.
पीरियड को सामान्य शारीरिक प्रक्रिया समझेंदिव्या और सोनम का कहना है कि समाज में आज भी मासिक धर्म को लेकर कई तरह की भ्रांतियां और झिझक देखने को मिलती हैं. उनका मुख्य उद्देश्य है कि महिलाएं पीरियड को किसी परेशानी या कमजोरी के रूप में नहीं, बल्कि एक सामान्य प्राकृतिक शारीरिक प्रक्रिया के रूप में समझें. साथ ही मासिक धर्म के दौरान स्वच्छता और स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें.
विज्ञान मेले में मिला पहला स्थान, राष्ट्रीय स्तर पर चयनबिहार बाल भवन किलकारी के प्रबंधक रोशन राणा बताते हैं कि हाल ही में बेगूसराय में आयोजित विज्ञान मेले में किलकारी की छात्राओं ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया. इस प्रोजेक्ट को पहला स्थान मिला और इसे राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता के लिए चुना गया. खास बात यह है कि इस प्रोजेक्ट के जरिए छात्राएं राष्ट्रीय स्तर पर टॉप 30 में अपनी जगह बनाने में सफल रही हैं. प्रोजेक्ट के शिक्षक मोहम्मद सद्दाम बताते हैं कि दोनों छात्राओं ने लगातार तीन महीने तक मेहनत कर इस मॉडल को तैयार किया है. महज 1500 रुपये की लागत से तैयार इस प्रोजेक्ट का राष्ट्रीय स्तर पर चयन होना पूरे किलकारी परिवार और पूर्णिया के लिए गर्व की बात है.
About the AuthorAmit Ranjan
अमित रंजन वर्तमान में में बिहार, झारखंड और दिल्ली से जुड़ी खबरों के समन्वय और संपादन का कार्य देख रहे हैं. खोजी पत्रकारिता उनकी विशेष रुचि का क्षेत्र है. राजनीति, शिक्षा, खेल, क्राईम और मौसम जैसे विषयों …
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November 08, 2026, 13:20 IST



