पेट्रोल-डीजल के दाम कितना भी बढ़े, हमें नहीं चिंता |EV Vehicle |

Last Updated:May 15, 2026, 16:00 IST
Public Opinion On Petrol Diesel Rate Hike: बाड़मेर में पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों के बीच इलेक्ट्रिक वाहनों का क्रेज तेजी से बढ़ रहा है. लोगों का कहना है कि ईवी अपनाने के बाद मासिक खर्च में बड़ी राहत मिली है और मेंटेनेंस लागत भी बेहद कम हो गई है. कई लोग अब इसे भविष्य का सबसे किफायती और पर्यावरण के अनुकूल विकल्प मान रहे हैं.
बाड़मेर. पश्चिमी सरहद पर बसे बाड़मेर में पेट्रोल 109.43 रुपये और डीजल 94.83 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच चुका है, लेकिन इसके बावजूद यहां कई लोग बेफिक्र नजर आ रहे हैं. लोकल18 की ग्राउंड रिपोर्ट में सामने आया कि अब लोगों का रुझान तेजी से इलेक्ट्रिक व्हीकल्स की तरफ बढ़ रहा है. लोगों का कहना है कि बढ़ते तेल के दाम अब पहले जैसी चिंता की वजह नहीं रहे, क्योंकि ईवी वाहनों ने जेब पर पड़ने वाला बोझ काफी हद तक कम कर दिया है.
पेट्रोल-डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों का असर देशभर में देखने को मिल रहा है, लेकिन बाड़मेर में तस्वीर कुछ अलग दिखाई दे रही है. यहां कई लोग अब इलेक्ट्रिक वाहनों को बेहतर विकल्प मान रहे हैं. लोकल18 की टीम ने जब लोगों से बातचीत की तो कई लोगों ने साफ कहा कि जब ईवी जैसी सुविधा मौजूद है, तो पेट्रोल-डीजल के बढ़ते दामों को लेकर ज्यादा चिंता करने की जरूरत नहीं है.
6 से 7 रुपये प्रति किलोमीटर तक सस्ती पड़ रही ईवी
बाड़मेर निवासी दीपक कड़वासरा का कहना है कि बदलते दौर के साथ अब लोगों की सोच भी बदल रही है. उनका मानना है कि इलेक्ट्रिक वाहन पेट्रोल और डीजल गाड़ियों की तुलना में काफी किफायती साबित हो रहे हैं. उन्होंने बताया कि जहां सामान्य गाड़ियों में प्रति किलोमीटर ज्यादा खर्च आता है, वहीं ईवी वाहन चलाने में खर्च काफी कम होता है. दीपक के मुताबिक इलेक्ट्रिक गाड़ियां प्रति किलोमीटर करीब 6 से 7 रुपये तक सस्ती पड़ती हैं. साथ ही ये पर्यावरण के लिए भी बेहतर मानी जा रही हैं.
मेंटेनेंस खर्च भी बेहद कम
एडवोकेट रेखा चंडक ने बताया कि इलेक्ट्रिक वाहनों का सबसे बड़ा फायदा उनका कम मेंटेनेंस खर्च है. उनका कहना है कि ईवी अब बाड़मेर के लोगों के लिए सुविधाजनक और सुरक्षित विकल्प बनती जा रही है. उन्होंने कहा कि पेट्रोल-डीजल के दाम चाहे जितने बढ़ जाएं, अगर ईवी साथ है तो ज्यादा चिंता की जरूरत नहीं रहती.
मासिक खर्च में आई बड़ी राहत
स्कूटी चालक केशव शर्मा ने बताया कि पहले पेट्रोल गाड़ी चलाने में हर महीने 3 से 4 हजार रुपये तक खर्च हो जाते थे, लेकिन इलेक्ट्रिक वाहन अपनाने के बाद उनका मासिक खर्च लगभग आधा हो गया है. वहीं सुनील कुमार का कहना है कि ईवी में ईंधन और मेंटेनेंस दोनों का खर्च कम होता है. उनका मानना है कि इलेक्ट्रिक वाहन न केवल सस्ते हैं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी अहम भूमिका निभा रहे हैं.
About the AuthorAnand Pandey
आनंद पाण्डेय वर्तमान में हिंदी (राजस्थान डिजिटल) में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. पिछले 5 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाते हुए उन्होंने राजनीति, अपराध और लाइफ…और पढ़ें
न्यूजलेटर
अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज
खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में
सबमिट करें
Location :
Barmer,Barmer,Rajasthan



