Sikar News: शेखावाटी की भाषा-संस्कृति अब किताबों और शोध का हिस्सा बनेगी, यूनिवर्सिटी में बनेगा केंद्र

Last Updated:September 18, 2026, 11:05 IST
Sikar News: राजस्थानी भाषा, लोक साहित्य और शेखावाटी की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को अकादमिक मंच देने की तैयारी है. शेखावाटी विश्वविद्यालय में जल्द ही राजस्थानी भाषा अध्ययन केंद्र शुरू किया जाएगा. यहां राजस्थानी भाषा, लोकगीत, लोककथाओं, परंपराओं और ऐतिहासिक विरासत से जुड़े विषयों पर अध्ययन व शोध को बढ़ावा मिलेगा.
राजस्थान की भाषा, लोक संस्कृति और समृद्ध विरासत को नई पहचान देने की दिशा में शेखावाटी विश्वविद्यालय बड़ा कदम उठाने जा रहा है. विश्वविद्यालय में जल्द ही राजस्थानी भाषा अध्ययन केंद्र शुरू किया जाएगा. इसका प्रस्ताव जल्द ही एकेडमिक काउंसिल के सामने रखा जाएगा. परिषद की मंजूरी मिलने के बाद केंद्र को शुरू करने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी.
इस केंद्र के शुरू होने से राजस्थानी भाषा, साहित्य, लोक संस्कृति, लोक परंपराओं और ऐतिहासिक विरासत से जुड़े विषयों पर अध्ययन और शोध को बढ़ावा मिलेगा. विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों और शोधार्थियों को इन विषयों पर अकादमिक स्तर पर काम करने के लिए एक बेहतर मंच मिल सकेगा. खास बात यह है कि शेखावाटी खुद अपनी हवेलियों, लोकगीतों, बोलियों और परंपराओं के लिए अलग पहचान रखता है.
विश्वविद्यालय में पहले से भारतीय ज्ञान परंपरा केंद्र भी शुरू किया जा चुका है. अब राजस्थानी भाषा अध्ययन केंद्र के जरिए स्थानीय भाषा और लोक ज्ञान को अकादमिक मंच देने की तैयारी है. दोनों केंद्रों के माध्यम से स्थानीय भाषा, लोक साहित्य, संस्कृति, पारंपरिक ज्ञान और भारतीय ज्ञान परंपरा से जुड़ी सामग्री के संरक्षण और दस्तावेजीकरण पर काम किया जा सकेगा.
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राजस्थानी भाषा को उच्च शिक्षा और शोध से जोड़ने के लिए प्रदेश के 11 प्रमुख विश्वविद्यालयों में राजस्थानी भाषा अध्ययन केंद्र स्थापित किए जाने हैं. कुलाधिपति हरिभाऊ बागड़े के निर्देश के बाद राजभवन सचिवालय की ओर से संबंधित विश्वविद्यालयों के कुलपतियों को पत्र जारी किया गया है। इसके साथ ही विश्वविद्यालयों में केंद्र स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं.
राजस्थानी भाषा केवल बातचीत का माध्यम नहीं है, बल्कि इसके साथ राजस्थान की लोक परंपराएं, लोकगीत, लोक कथाएं, रीति-रिवाज और ऐतिहासिक स्मृतियां भी जुड़ी हैं. ऐसे में विश्वविद्यालय स्तर पर इसके अध्ययन से इन विषयों को व्यवस्थित तरीके से समझने और शोध करने का अवसर मिलेगा. आने वाले समय में विद्यार्थी और शोधार्थी राजस्थानी भाषा और संस्कृति के अलग-अलग पहलुओं पर शोध कर सकेंगे.
शेखावाटी विश्वविद्यालय में केंद्र की स्थापना के लिए अब विश्वविद्यालय स्तर पर प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है. प्रस्ताव एकेडमिक काउंसिल के सामने रखा जाएगा और स्वीकृति मिलने के बाद केंद्र के संचालन की दिशा में काम शुरू होगा. इससे राजस्थानी भाषा और शेखावाटी की सांस्कृतिक विरासत से जुड़े विषयों को एक संस्थागत मंच मिलने की उम्मीद है.
शेखावाटी विश्वविद्यालय के उपकुलसचिव रामसिंह सरावग ने बताया कि राजस्थानी भाषा अध्ययन केंद्र की स्थापना को लेकर प्रक्रिया जल्द शुरू की जा रही है. केंद्र के माध्यम से राजस्थानी भाषा और सांस्कृतिक विरासत पर अध्ययन और शोध को प्रोत्साहन मिलेगा. विश्वविद्यालय की इस पहल से विद्यार्थियों और शोधार्थियों को स्थानीय भाषा, साहित्य और संस्कृति से जुड़े विषयों पर अकादमिक काम करने का अवसर मिल सकेगा.
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September 18, 2026, 11:05 IST



