Putin Mention Jaishankar: जयशंकर का नाम लेकर पीएम मोदी से क्या बोले पुतिन? बिश्केक मीटिंग से वायरल हुआ ये वीडियो

शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन 2026 के इतर जब पीएम मोदी और राष्ट्रपति पुतिन की मुलाकात हुई, तो कई ऐसे लम्हे सामने आए जो तुरंत वायरल हो गए. अला-अरचा स्टेट रेजिडेंस के ‘अक्साकल मीटिंग रूम’ में दोनों देशों के दिग्गज नेता आमने-सामने बैठे थे. औपचारिक बातचीत के दौरान राष्ट्रपति पुतिन ने अचानक भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर का नाम लिया. उन्होंने पीएम मोदी से जयशंकर के हालिया मॉस्को दौरे का जिक्र करते हुए एक बेहद खास बात कही.
पीएम मोदी से पुतिन ने क्या कहा?
भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने मॉस्को का दौरा किया था और पीएम मोदी का खास संदेश उन तक पहुंचाया था. पुतिन ने मुस्कुराते हुए पीएम मोदी से कहा कि उस संदेश में कही गई एक-एक बात और हर विचार से वो पूरी तरह सहमत हैं.
पुतिन ने पीएम मोदी के से कहा कि ‘हाल ही में आपके विदेश मंत्री, मिस्टर जयशंकर ने मॉस्को का दौरा किया था और आपका संदेश हम तक पहुंचाया था. मैं वहां कही गई हर एक बात और विचारों से पूरी तरह सहमत हूं. अगले साल हम अपने राजनयिक संबंधों की 80वीं वर्षगांठ मनाने जा रहे हैं. और बेशक, हम सितंबर में नई दिल्ली में होने वाले आगामी BRICS शिखर सम्मेलन के लिए बहुत ही गंभीर और ठोस तैयारियां कर रहे हैं’.
भारत और रूस की दोस्ती के 80 साल
बैठक में राष्ट्रपति पुतिन ने भारत और रूस के बीच ऐतिहासिक संबंधों का जिक्र करते हुए याद दिलाया कि अगले साल दोनों देश अपने राजनयिक संबंधों के 80 साल पूरे होने का जश्न मनाएंगे.
1947 में भारत की आजादी से ठीक पहले शुरू हुए ये कूटनीतिक रिश्ते आज एक खास और बेहद मजबूत रणनीतिक साझेदारी में बदल चुके हैं. चाहे कोल्ड वॉर का जमाना रहा हो, पाबंदियों का दौर हो या फिर आज का वैश्विक तनाव, भारत और रूस ने हमेशा एक-दूसरे के हितों का पूरा ख्याल रखा है. पुतिन का दोस्ती की 80वीं वर्षगांठ का जिक्र करना साफ दिखाता है कि रूस इस रिश्ते को सिर्फ आज के फायदे के लिए नहीं, बल्कि दशकों पुराने भरोसे के नजरिए से देखता है.
नई दिल्ली BRICS शिखर सम्मेलन पर फोकस
पुतिन ने आगे कहा कि रूस इस समय सितंबर में नई दिल्ली में होने वाले 18वें ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन की तैयारियों में लगा हुआ है. वर्ष 2026 में ब्रिक्स की अध्यक्षता भारत के पास है. पीएम मोदी ने भी राष्ट्रपति पुतिन को 12-13 सितंबर को नई दिल्ली आने का न्योता दिया है.
पुतिन का ये कहना कि रूस इस सम्मेलन के लिए ‘गंभीर तैयारियां’ कर रहा है, ये साफ इशारा करता है कि भारत में होने वाला ब्रिक्स सम्मेलन बड़े ऐलानों से भरा होगा. इससे जाहिर है कि सम्मेलन में दुनिया की अर्थव्यवस्था और नई ग्लोबल करेंसी सिस्टम को लेकर कई बड़े और ऐतिहासिक फैसले लिए जा सकते हैं.
विदेश मंत्री एस जयशंकर की बेबाक विदेश नीति
वैश्विक मंचों पर भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर अपनी बेबाक विदेश नीति के लिए जाने जाते हैं. पश्चिमी देशों के भारी दबाव के बावजूद जयशंकर ने हमेशा भारत के राष्ट्रीय हितों, सस्ते रूसी तेल की खरीद और नेशन फर्स्ट विदेश नीति की वकालत की है. उन्होंंने यूरोपीय देशों के बीच बैठकर बड़े गर्व से समझाया है कि भारत का रूस से तेल खरीदना क्यों जरूरी है.
जयशंकर बार-बार दुनिया के सामने ये साफ कर चुके हैं भारत में कोई भी फैसला जनता के हितों को ध्यान में रखकर लिया जाता है. जब यूरपीय देशों ने भारत-रूस के बीच ट्रेड संबंधों पर सवाल उठाया और भारतपर जंग को बढ़ावा देने का आरोप लगाया तो जयशंकर ने पाकिस्तान को हथियार बेचने वाला फैक्ट सभी के मुंह पर दे मारा था. पुतिन भी उनकी इस अप्रोच से सहमत हैं और यही वजह है कि उन्होंने पीएम मोदी के सामने जयशंकर का नाम लिया.



