Somnath Mahadev Temple Jalore: जालोर किले में छिपा सोमनाथ का राज, खिलजी से बचाकर लाया गया था शिवलिंग

Last Updated:September 20, 2026, 14:49 IST
Somnath Mahadev Temple Jalore: जालोर किले के भीतर स्थित सोमनाथ महादेव मंदिर का इतिहास गुजरात के प्रसिद्ध सोमनाथ मंदिर से जुड़ा बताया जाता है. स्थानीय मान्यता के अनुसार, अलाउद्दीन खिलजी के हमले के दौरान सोमनाथ का शिवलिंग राजा कान्हड़देव सोनगरा चौहान जालोर लेकर आए थे. आज भी किले में श्रद्धालु इस शिवलिंग के दर्शन करते हैं और यहां सच्चे मन से मांगी गई मन्नत पूरी होने की मान्यता है.
जालोर. राजस्थान के जालोर किले की पहचान सिर्फ उसकी मजबूत दीवारों और ऐतिहासिक विरासत से नहीं है. इस किले के भीतर एक ऐसा मंदिर भी है, जिसकी कहानी गुजरात के प्रसिद्ध सोमनाथ मंदिर से जुड़ी बताई जाती है. किले में स्थित सोमनाथ महादेव मंदिर आज भी श्रद्धालुओं के लिए आस्था का प्रमुख केंद्र है. स्थानीय मान्यता के अनुसार, इस मंदिर में स्थापित शिवलिंग का संबंध गुजरात के सोमनाथ से है. कहा जाता है कि जब अलाउद्दीन खिलजी ने गुजरात के सोमनाथ मंदिर पर आक्रमण किया, उस दौर में जालोर के राजा कान्हड़देव सोनगरा चौहान ने खिलजी की सेना का सामना किया.
संघर्ष के समय दौरान सोमनाथ के शिवलिंग को खिलजी से छुड़ाकर जालोर लाया गया और जालोर किले में इसकी स्थापना की गई. यही वजह है कि किले में मौजूद इस मंदिर को सोमनाथ महादेव के नाम से जाना जाता है. कान्हड़देव और अलाउद्दीन खिलजी के संघर्ष का उल्लेख जालोर के इतिहास में सुनने को मिलता है. इस कहानी ने जालोर की ऐतिहासिक पहचान में भी खास जगह बनाई है. किले में पहुंचने वाले लोगों के लिए यह मंदिर इतिहास और आस्था, दोनों को एक साथ समझने का मौका देता है.
हर मन्नत होती है पूरी
सोमनाथ महादेव मंदिर के पुजारी, गजेन्द्र शर्मा ने लोकल18 को बताया कि यह शिवलिंग सोमनाथ से जुड़ा हुआ माना जाता है. राजा कान्हड़देव के समय इसे जालोर लाकर किले में स्थापित किए जाने की मान्यता है. यहां जो शिवलिंग स्थित है, वह एक ही पत्थर से बना हुआ है. स्थानीय मान्यता है कि श्रद्धालु यहां सच्चे मन से जो भी मनोकामना मांगते हैं, वह पूरी होती है. आज भी यहां नियमित रूप से पूजा-अर्चना होती है और श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं. जालोर किले की ऊंचाई पर पहुंचने के बाद मंदिर का वातावरण इस ऐतिहासिक कहानी को और खास बना देता है.
About the Authorमोनाली पाल
नमस्ते मेरा नाम मोनाली है, पेशे से पत्रकार हूं, ख़बरें लिखने का काम है. लेकिन कैमरे पर समाचार पढ़ना बेहद पसंद है. 2016 में पत्रकारिता में मास्टर्स करने के बाद पांच साल कैमरे पर न्यूज़ पढ़ने के साथ डेस्क पर खबरे…
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Jalor,Rajasthan
First Published :
September 20, 2026, 14:49 IST



