Rajasthan

’80 में 40 नंबर नहीं आए तो नपेंगे टीचर’, शिक्षा मंत्री मदन दिलावर बोले- इन्क्रीमेंट रुकेगी, तबादला भी संभव

Last Updated:June 28, 2026, 19:51 IST

Education Minister Madan Dilawar: राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता को लेकर सख्त संदेश दिया है. उन्होंने कहा कि यदि किसी विद्यार्थी के 80 में से 40 से कम अंक आते हैं तो संबंधित शिक्षक से पूछताछ की जा सकती है. जरूरत पड़ने पर इन्क्रीमेंट रोका जा सकता है और दूरदराज के क्षेत्रों में तबादला भी किया जा सकता है. उन्होंने कहा कि केवल 100 प्रतिशत रिजल्ट दिखाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों का वास्तविक सीखने का स्तर बेहतर होना चाहिए. मंत्री ने स्वीकार किया कि उनके कई फैसलों से शिक्षक नाराज हैं, लेकिन शिक्षा में सुधार के लिए सख्त कदम जरूरी हैं. उन्होंने दावा किया कि राजस्थान शिक्षा के क्षेत्र में 14वें स्थान से चौथे स्थान पर पहुंच गया है और पहली बार सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों ने मेरिट में स्थान बनाया है

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'80 में 40 नंबर नहीं आए तो नपेंगे टीचर', शिक्षा मंत्री बोले- तबादला भी संभवZoomराजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता को लेकर दिया सख्त संदेश

टोंक. राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता को लेकर बड़ा बयान देते हुए शिक्षकों को स्पष्ट संदेश दिया है. उन्होंने कहा कि यदि किसी विद्यार्थी के 80 में से 40 से कम अंक आते हैं तो संबंधित शिक्षक से जवाब-तलब किया जा सकता है. जरूरत पड़ने पर उसकी वार्षिक वेतन वृद्धि (इन्क्रीमेंट) रोकी जा सकती है और दूरदराज के क्षेत्र में तबादला भी किया जा सकता है. उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य शिक्षकों पर दबाव बनाना नहीं, बल्कि सरकारी स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण और मूल्य आधारित शिक्षा सुनिश्चित करना है.

टोंक में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने कहा कि लंबे समय से केवल परीक्षा परिणाम के प्रतिशत को सफलता का पैमाना मान लिया गया था, जबकि वास्तविक गुणवत्ता पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया. उन्होंने कहा कि कई बार 80 में से सिर्फ 13 अंक लाने वाला विद्यार्थी भी पास दिखाकर शिक्षक 100 प्रतिशत रिजल्ट का दावा करते हैं और गर्व से अपनी उपलब्धि बताते हैं. जबकि 13 अंक पाने वाला विद्यार्थी वास्तव में सीखने के स्तर पर बेहद कमजोर होता है. ऐसे में केवल रिजल्ट प्रतिशत के बजाय विद्यार्थियों के वास्तविक प्रदर्शन पर ध्यान देना जरूरी है.

‘शिक्षक मुझसे नाराज हैं, लेकिन बदलाव जरूरी’

मदन दिलावर ने कहा कि उनके कई फैसलों से सरकारी शिक्षक नाराज हैं. उन्होंने कहा, “शिक्षक सोचते हैं कि मैं हर दिन कोई नया नियम लेकर आ जाता हूं. कभी स्कूल में मोबाइल पर रोक लगाई, कभी विद्यार्थियों के न्यूनतम अंक तय किए और कभी शराब या गुटखा खाकर स्कूल आने वालों की सूची बनवाने के निर्देश दिए.” उन्होंने कहा कि ये सभी कदम शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के उद्देश्य से उठाए गए हैं और भविष्य में भी विद्यार्थियों के हित में आवश्यक निर्णय लिए जाते रहेंगे.

राजस्थान शिक्षा के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ा है

शिक्षा मंत्री ने दावा किया कि पिछले तीन वर्षों में राजस्थान ने शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है. उन्होंने कहा कि पहले राज्य शिक्षा के स्तर पर देश में 14वें स्थान पर था, लेकिन अब चौथे स्थान तक पहुंच गया है. उन्होंने इसे सरकार की शिक्षा सुधार नीतियों और शिक्षकों की मेहनत का परिणाम बताया.

सरकारी स्कूलों ने निजी स्कूलों को दी चुनौती

मंत्री दिलावर ने कहा कि पहली बार राजस्थान के सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों ने मेरिट सूची में स्थान हासिल किया है. उन्होंने दावा किया कि लाखों रुपये फीस लेने वाले कई निजी स्कूल भी अब सरकारी स्कूलों से पीछे रह गए हैं. उन्होंने कहा कि सरकारी विद्यालयों में पढ़ाई का स्तर लगातार बेहतर हुआ है और वह इसकी पूरी जिम्मेदारी लेने को तैयार हैं. उन्होंने कहा कि अब वह दौर खत्म हो चुका है जब निजी स्कूलों को ही बेहतर शिक्षा का पर्याय माना जाता था. आज सरकारी स्कूल भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने में सक्षम हैं और सरकार का लक्ष्य विद्यार्थियों को ज्ञान के साथ-साथ संस्कार और मूल्य आधारित शिक्षा उपलब्ध कराना है.

About the Authordeep ranjan

दीप रंजन सिंह 2016 से मीडिया में जुड़े हुए हैं. हिंदुस्तान, दैनिक भास्कर, ईटीवी भारत और डेलीहंट में अपनी सेवाएं दे चुके हैं. 2022 से हिंदी में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. एजुकेशन, कृषि, राजनीति, खेल, लाइफस्ट…और पढ़ें

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