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Harmful Effects Of Artificial Food Colour Cancer ADHD Allergy Risks know Prevention Tips in hindi | जानलेवा है आर्टिफिशियल फूड कलर! कैंसर समेत कई रोगों के जोखिम को मिलता बढ़ावा, जानें इससे बचाव के तरीके

Last Updated:May 05, 2025, 16:36 IST

Harmful Effects Of Artificial Food Colour: आर्टिफिशियल फूड कलर से कैंसर, एडीएचडी और एलर्जी जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ता है. अपोलोमेडिक्स हॉस्पिटल की डाइटिशियन प्रीति पांडे के अनुसार, प्रोसेस्ड फूड से बचना और घर…और पढ़ेंजानलेवा है आर्टिफिशियल फूड कलर! कैंसर समेत कई रोगों के जोखिम को मिलता बढ़ावा

सेहत के लिए ठीक नहीं आर्टिफिशियल फूड कलर. (Canva)

हाइलाइट्स

आर्टिफिशियल फूड कलर से कैंसर, एडीएचडी और एलर्जी का खतरा बढ़ता है.प्रोसेस्ड फूड से बचें और घर का संतुलित आहार खाएं.पैकेज्ड फूड खरीदने से पहले लेबल पढ़ें और फूड कलर की जांच करें.

Harmful Effects Of Artificial Food Colour: आजकल इंसान की लाइफस्टाल पूरी तरह बिगड़ चुकी है. इसका कारण कई हद तक हमारी आदत भी है. दरअसल, हम सेहत की परवाह किए बिना कुछ भी चीजों का सेवन कर लेते हैं. खाते समय हम बिलकुल नहीं सोचते हैं कि क्या सही है और गलत. दरअसल, कई लोग डेली रुटीन में तमाम रंग-बिरंगे खाद्य पदार्थों का सेवन कर लेते हैं. इन फूड्स में इस्तेमाल आर्टिफिशियल कलर हमारे स्वास्थ्य के लिए हानिकारक साबित हो रहे हैं. अगर आप भी ऐसा करते हैं तो यकीन मानिए कि आप अपनी सेहत के लिए धोखा कर रहे हैं. अब सवाल है कि आखिर सिंथेटिक कलर सेहत के लिए नुकसानदायक कैसे? आर्टिफिशियल फूड कलर किन बीमारियों का बनता है कारण? सिंथेटिक कलर फूड से कैसे करें बचाव? इस बारे में को बता रही हैं अपोलोमेडिक्स हॉस्पिटल लखनऊ की डाइटिशियन प्रीति पांडे-

एक्सपर्ट के मुताबिक, सिंथेटिक फूड कलर को फूड डाई भी कहा जाता है. ये आर्टिफिशियल रंग प्रोसेस्ड फूड के रंग और स्वाद को बढ़ावा देते हैं. पिछले कुछ समय में फूड डाई का इस्तेमाल काफी तेजी से बढ़ा है. इसके चलते सेहत पर नुकसान भी देखे जा रहे हैं.

आर्टिफिशियल फूड कलर किन बीमारियों का कारण?

कैंसर: एक्सपर्ट के मुताबिक, आर्टिफिशियल फूड कैंसर का भी कारण बन सकते हैं. दरअसल, कई खाद्य पदार्थों वाले रंगों में बेंजीन होता है, जिसे सामान्यतौर पर कार्सिनोजेन के रूप में जाना जाता है. इसके अलावा भी फूड डाई में कई हानिकारक रासायनिक तत्व होते हैं. इसलिए ऐसे फूड डाई वाले पदार्थों के सेवन से कैंसर और ट्यूमर का जोखिम बढ़ता है.

एडीएचडी: सिंथेटिक फूड कलर के इस्तेमाल से अटेंशन डेफिसिट हाइपरएक्टिविटी डिसऑर्डर (एडीएचडी) की समस्या भी हो सकती है. फिलहाल अभी इसकी पूरी तरह से पुष्टि नहीं हो सकी है. अधिकांश अध्ययनों का कहना है कि सिंथेटिक खाद्य रंगों में ADHD होने की संभावना अधिक होती है.

एलर्जी: आर्टिफिशियल फूड कलर एलर्जी का भी कारण बन सकता है. उदाहरण के लिए, कई अध्ययन टार्ट्राज़िन, एक पीले रंग की डाई को अस्थमा और पित्ती का कारण साबित करते हैं.

सिंथेटिक फूड कलर से बचने के तरीके

फूड कलरिंग से बचने के लिए सबसे ज्यादा जरूरी है कि प्रोस्सेस्ड फूड से जितना संभव हो उतना बचा जाए. रंग बिरंगे फूड खाने से बचने का सबसे अच्छा तरीका यह है कि आप घर में संतुलित आहार का सेवन करें.

कई प्रकार के पेय पदार्थ और कैंडी में अलग अलग रंग का प्रयोग किया जाता है. इसके अलावा बाजार मे मिलने वाले केक में भी इसका जमकर इस्तेमाल होता है इसलिए जरूरी है कि अच्छी हेल्थ के लिए हेल्दी फूडा का चुनाव करें.

पैकेज्ड फूड खरीदने से पहले उस पर लगे लेबल को जरूर पढ़ें और जानें कि उसमें किस प्रकार के फूड कलर का प्रयोग किया गया है. सिंथेटिक फूड डाई का इस्तेमाल होने पर उन्हें न लें.

घर पर खाना बनाना सबसे अच्छा उपाय है सिंथेटिक फूड कलर से बचने का. अगर आप खुद से खाना तैयार करते हैं तो आप रंग के उपयोग को नियंत्रित कर सकते हैं या इसका उपयोग करने से भी रोक सकते हैं.

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जानलेवा है आर्टिफिशियल फूड कलर! कैंसर समेत कई रोगों के जोखिम को मिलता बढ़ावा

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