किसानों के लिए बेहतर कमाई का जरिया बना मधुमक्खी पालन, सरकार भी कर रही मदद, ऐसे लें योजना का लाभ

Last Updated:October 31, 2025, 06:55 IST
Rajasthan Bee Keeping Scheme: भीलवाड़ा जिले में किसान अब पारंपरिक खेती छोड़ तकनीक आधारित खेती और वैकल्पिक आय के स्रोतों की ओर बढ़ रहे हैं. कृषि विभाग की पहल पर किसान मधुमक्खी पालन में दिलचस्पी दिखा रहे हैं, जिससे उन्हें अतिरिक्त आमदनी का मौका मिल रहा है. राजस्थान सरकार 40% अनुदान पर बी-बॉक्स, कॉलोनी और उपकरण उपलब्ध करा रही है. किसान “राज किसान साथी” पोर्टल के जरिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं.
भीलवाड़ा. किसान अब पारंपरिक खेती को छोड़कर तकनीक आधारित खेती को अपना रहे हैं. खेती के साथ आय के अन्य स्त्रोत भी तलाशते रहते हैं. किसानों के लिए खेती के साथ पशुपालन और मधुमक्खी पालन भी बेहतर आय का स्त्रोत हो रहा है. भीलवाड़ा जिले के किसान खेती के साथ मधुमक्खी पालन में दिलचस्पी ले रहे हैं. इससे किसानों को अतिरिक्त कमाई करने का अवसर मिल रहा है. कृषि विभाग भी मधुमक्खी पालन को बढ़ावा देने के लिए किसानों को प्रेरित करने में लगे हुए हैं.
किसानों की आय बढ़ाने और वैकल्पिक आजीविका को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से राजस्थान सरकार अब मधुमक्खी पालन को बढ़ावा दे रही है. इसके तहत मधुमक्खी पालक किसानों को 40 प्रतिशत अनुदान पर बी-बॉक्स , बी-कॉलोनी, बी-कीपिंग किट और बी-बॉक्स माइग्रेशन सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी. यह अनुदान कृषक कल्याण कोष से वहन किया जाएगा.
किसानों को लाभ के लिए करना होगा ऑनलाइन आवेदन
उद्यान विभाग के शाखा निर्देशक डॉ. शंकर सिंह राठौड़ ने कहा कि मधुमक्खी पालन के इच्छुक किसान राज किसान साथी पोर्टल के माध्यम से ई-मित्र केंद्र पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. आवेदन के लिए किसान के पास कम से कम 0.40 हेक्टेयर भूमि होना आवश्यक है. आवेदन के साथ छह माह से अधिक पुरानी नई जमाबंदी की नकल, उद्यान से पंजीकृत फर्म का कोटेशन तथा आवश्यकतानुसार प्रशिक्षण प्रमाणपत्र संलग्न करना होगा. अनुदान राशि 60:40 के अनुपात में दो वर्षों में दी जाएगी. इसकी मदद से किसान अतिरिक्त कमाई कर सकते हैं.
किसानों को दो किश्तों में दी जाएगी राशि
किसानों को पहले वर्ष 60 प्रतिशत राशि का भुगतान किया जाएगा, जबकि दूसरे वर्ष शेष 40 प्रतिशत राशि मधुमक्खियों की जीवितता के पुनः सत्यापन के बाद दी जाएगी. इस योजना के तहत लघु एवं सीमांत किसान, अनुसूचित जाति एवं जनजाति के किसान, महिला कृषक और मधुमक्खी पालन का प्रशिक्षण प्राप्त किसानों को प्राथमिकता दी जाएगी. प्रत्येक लाभार्थी को अधिकतम 50 बी-बॉक्स और 50 बी कॉलोनी तक का अनुदान दिया जाएगा. मधुमक्खी पालन से किसानों की आय में 30 से 40 प्रतिशत तक वृद्धि की संभावनाएं हैं. यह कृषि से जुड़ा एक टिकाऊ व्यवसाय है जो फसल परागण में भी सहायक की भूमिका निभाता है.
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दीप रंजन सिंह 2016 से मीडिया में जुड़े हुए हैं. हिंदुस्तान, दैनिक भास्कर, ईटीवी भारत और डेलीहंट में अपनी सेवाएं दे चुके हैं. 2022 से हिंदी में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. एजुकेशन, कृषि, राजनीति, खेल, लाइफस्ट…और पढ़ें
दीप रंजन सिंह 2016 से मीडिया में जुड़े हुए हैं. हिंदुस्तान, दैनिक भास्कर, ईटीवी भारत और डेलीहंट में अपनी सेवाएं दे चुके हैं. 2022 से हिंदी में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. एजुकेशन, कृषि, राजनीति, खेल, लाइफस्ट… और पढ़ें
Location :
Bhilwara,Rajasthan
First Published :
October 31, 2025, 06:55 IST
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खेती के साथ किसान करें ये काम, होगी डबल कमाई, सरकार भी दे रही मदद



