Luthra Brothers News in Hindi: Why Goa Nightclub Owners Deportation From Thailand Has Been Delayed? | गोवा अग्निकांड: न मिली जमानत और न हो पा रही घर वापसी, थाईलैंड में फंसे लूथरा ब्रदर्स, अभी भारत आने में क्यों लगेगा और वक्त?

Last Updated:December 12, 2025, 02:06 IST
Luthra Brothers News: गोवा अग्निकांड के आरोपी लूथरा ब्रदर्स को भारत लाने में अभी वक्त लगेगा. थाईलैंड में कानूनी प्रक्रिया और वीजा रद्द होने के चलते उनका डिपोर्टेशन फंसा है. इधर दिल्ली कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है. कोर्ट ने माना कि वे घटना के तुरंत बाद देश छोड़कर भागे थे. अब उन्हें डिटेंशन सेंटर भेजा जा सकता है.
Luthra Brothers: जानिए क्यों भारत नहीं आ पा रहे क्लब मालिक? लूथरा ब्रदर्स का खेल खत्म.
नई दिल्ली: गोवा के नाइट क्लब में हुए भीषण अग्निकांड के बाद फरार हुए लूथरा ब्रदर्स की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं. थाईलैंड में इमीग्रेशन अधिकारियों द्वारा हिरासत में लिए जाने के बावजूद उनकी भारत वापसी में देरी हो रही है. भारतीय सरकारी सूत्रों के मुताबिक वहां की कानूनी प्रक्रियाओं के कारण डिपोर्टेशन फंसा हुआ है. दूसरी ओर दिल्ली की एक कोर्ट ने गौरव और सौरभ लूथरा की ट्रांजिट अग्रिम जमानत याचिका को सिरे से खारिज कर दिया है. कोर्ट ने उनके आचरण और मामले की गंभीरता को देखते हुए राहत देने से साफ इनकार किया. जांच में सामने आया है कि क्लब में आग लगने की खबर मिलते ही दोनों भाइयों ने रातोंरात टिकट बुक किए और देश छोड़कर भाग निकले. थाईलैंड के अधिकारियों का कहना है कि उन्होंने विजिट के असली मकसद को छिपाया है. अब उन्हें वहां के डिटेंशन सेंटर में रखा जा सकता है.
आखिर क्यों लूथरा ब्रदर्स को भारत डिपोर्ट करने में हो रही है देरी?
थाईलैंड के इमीग्रेशन अधिकारियों द्वारा हिरासत में लिए जाने के एक दिन बाद भी लूथरा ब्रदर्स की वतन वापसी नहीं हो सकी है. शीर्ष भारतीय सरकारी सूत्रों ने इस देरी की मुख्य वजह थाई कानूनों के तहत जरूरी कानूनी प्रक्रिया को बताया है. लूथरा बंधुओं के पासपोर्ट रद्द कर दिए गए हैं. इसका मतलब है कि उन्हें थाईलैंड से बाहर निकालने के लिए एक इमरजेंसी ट्रेवल डाक्यूमेंट बनाना होगा.
भारतीय दूतावास यह दस्तावेज तत्काल तैयार कर सकता है. लेकिन इसमें अन्य कानूनी औपचारिकताएं भी शामिल हैं. थाईलैंड प्रशासन अब लूथरा बंधुओं के वीजा को रद्द करने की दिशा में बढ़ रहा है. इसका आधार यह है कि उन्होंने अपनी यात्रा के सही उद्देश्यों के बारे में इमीग्रेशन अफसरों को गुमराह किया था.
नियमों के मुताबिक टूरिस्ट वीजा केवल पर्यटन के लिए दिया जाता है. जबकि इंटरपोल का ब्लू नोटिस यह साबित करता है कि वे भारतीय कानून से भगोड़े थे. एक अधिकारी ने बताया कि वीजा रद्दीकरण के लिए थाई कोर्ट के आदेश की जरूरत हो सकती है. यह आदेश उन्हें अवैध रूप से थाईलैंड में रहने वाला घोषित करेगा. केवल यही प्रक्रिया डिपोर्टेशन का रास्ता साफ करेगी.


