आखिर कब थमेगा ये सिलसिला, क्या है असली कारण… जयपुर में 17 साल की NEET छात्रा की फांसी से मौत!

Last Updated:November 05, 2025, 21:37 IST
Jaipur News : जयपुर के त्रिवेणीनगर में सिकंदरा निवासी कनिका जांगिड़ ने NEET-UG की तैयारी के दौरान हॉस्टल में आत्महत्या कर ली, जिससे छात्रों में बढ़ते तनाव पर सवाल उठे हैं.
जयपुर. शहर के त्रिवेणीनगर इलाके में उस वक्त हड़कंप मच गया जब एक 17 वर्षीय छात्रा ने प्राइवेट हॉस्टल में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. मृतका की पहचान सिकंदरा (दौसा) निवासी कनिका जांगिड़ के रूप में हुई है, जो जयपुर में रहकर NEET-UG की तैयारी कर रही थी. यह घटना शुक्रवार देर रात की बताई जा रही है. सुबह जब काफी देर तक कमरे का दरवाजा नहीं खुला तो अन्य छात्राओं ने हॉस्टल संचालक को जानकारी दी. दरवाजा तोड़ा गया तो कनिका फंदे से लटकी मिली. सूचना पर महेशनगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए अस्पताल भेजा.
पुलिस के अनुसार, कनिका त्रिवेणीनगर स्थित एक प्राइवेट हॉस्टल में रहकर मेडिकल एंट्रेंस एग्जाम NEET-UG की तैयारी कर रही थी. वह रोजाना की तरह गुरुवार शाम को हॉस्टल लौटी और अपने कमरे में चली गई थी. देर रात तक जब वह बाहर नहीं निकली तो साथियों ने आवाज लगाई, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला. सुबह दरवाजा तोड़ा गया तो सामने फंदे पर लटकी उसकी लाश थी. फिलहाल आत्महत्या के कारणों का पता नहीं चल पाया है. पुलिस ने मोबाइल और कमरे की तलाशी ली है. प्रारंभिक जांच में किसी प्रकार का सुसाइड नोट नहीं मिला है.
नीट छात्रों में बढ़ता आत्महत्या का संकट
राजस्थान खासकर जयपुर और कोटा जैसे शहर अब मेडिकल और इंजीनियरिंग की तैयारी के बड़े केंद्र बन चुके हैं. लेकिन इन कोचिंग सेंटर्स और हॉस्टल्स में पढ़ने वाले कई छात्रों की ज़िंदगी तनाव, अकेलेपन और असफलता के डर में घिर जाती है. पिछले कुछ वर्षों में कई ऐसे मामले सामने आए हैं, जब छात्रों ने एग्जाम प्रेशर, फैमिली एक्सपेक्टेशन और स्ट्रेस के चलते आत्महत्या जैसा कदम उठाया. कनिका की मौत ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या हम बच्चों को पढ़ाई के लिए तैयार कर रहे हैं या दबाव में धकेल रहे हैं.
सरकार और समाज को लेना होगा ठोस कदमविशेषज्ञों का कहना है कि सिर्फ पढ़ाई के माहौल को नहीं, बल्कि बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य को भी प्राथमिकता देने की जरूरत है. हर कोचिंग सेंटर और हॉस्टल में नियमित काउंसलिंग, मानसिक सहायता और इमोशनल हेल्पलाइन अनिवार्य की जानी चाहिए. सरकार को भी अब इस बढ़ती समस्या पर गंभीरता से विचार करना होगा, क्योंकि हर बार एक नए छात्र की मौत सिर्फ एक परिवार नहीं, पूरे समाज की असफलता बनकर सामने आती है.
Anand Pandey
नाम है आनंद पाण्डेय. सिद्धार्थनगर की मिट्टी में पले-बढ़े. पढ़ाई-लिखाई की नींव जवाहर नवोदय विद्यालय में रखी, फिर लखनऊ में आकर हिंदी और पॉलीटिकल साइंस में ग्रेजुएशन किया. लेकिन ज्ञान की भूख यहीं शांत नहीं हुई. कल…और पढ़ें
नाम है आनंद पाण्डेय. सिद्धार्थनगर की मिट्टी में पले-बढ़े. पढ़ाई-लिखाई की नींव जवाहर नवोदय विद्यालय में रखी, फिर लखनऊ में आकर हिंदी और पॉलीटिकल साइंस में ग्रेजुएशन किया. लेकिन ज्ञान की भूख यहीं शांत नहीं हुई. कल… और पढ़ें
Location :
Jaipur,Rajasthan
First Published :
November 05, 2025, 21:37 IST
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आखिर कब थमेगा ये सिलसिला, क्या है कारण…जयपुर में NEET छात्रा की फांसी से मौत



