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टॉयलेट में घंटों बैठता है बच्चा और फिर भी नहीं होती पॉटी? इन संकेतों को बिल्कुल न करें नजरअंदाज

फरीदाबाद: कई छोटे बच्चे पॉटी आने के बाद भी उसे रोककर रखते हैं. इसकी वजह से धीरे-धीरे कब्ज की समस्या बढ़ सकती है. कई बार बच्चे पॉटी करते समय दर्द या डर की वजह से टॉयलेट जाने से बचते हैं. ऐसे में माता-पिता के लिए यह समझना जरूरी है कि बच्चा पॉटी रोक रहा है या नहीं और इसके क्या संकेत हैं. अगर बच्चा बार-बार पॉटी रोकता है तो क्या आगे चलकर पुरानी कब्ज हो सकती है. घर पर कब तक इसे संभाल सकते हैं और कब डॉक्टर को दिखाना जरूरी है, जानिए डॉक्टर से.

स्कूल में बच्चे पॉटी रोककर रखते हैं अक्सर

Local18 से बातचीत में फरीदाबाद के अमृता हॉस्पिटल के बच्चों के पेट के डॉक्टर डॉ. अर्जुन मारिया बताते हैं कि कई बच्चे पॉटी आने के बाद भी उसे रोककर रखते हैं. बच्चे ऐसा क्यों करते हैं. इस पर डॉ. अर्जुन मारिया बताते हैं कि बच्चों की रेगुलर पॉटी की आदत नहीं होती, मतलब बच्चों का कोई फिक्स टाइम नहीं होता पॉटी जाने का. कई बार बच्चे बिना पॉटी किए स्कूल चले जाते हैं. जब स्कूल में पॉटी आती है तो उसको रोककर रखते हैं. बच्चों को डर लगता है कि स्कूल में बोलेंगे तो टीचर मना कर देंगी. जो और छोटे बच्चे होते हैं, जो प्ले स्कूल में होते हैं, बच्चे क्या करते हैं, पॉटी को रोक लेते हैं. जब बच्चा घर आता है तो फिर उसको एकदम से प्रेशर बनता है और बच्चे भागते हैं. कई बार बच्चे पॉटी इतनी रोककर रख देते हैं कि वह हार्ड हो जाती है. जब वह पॉटी करने के लिए बैठते हैं तो उनको दर्द होता है. फिर वह और रोककर रखते हैं.

पहले तो स्कूल में रोक ली, क्योंकि जाने का समय नहीं मिला. फिर घर आए और फिर रोक ली, जिससे पॉटी हार्ड हो गई क्योंकि उसे पास करने में प्रॉब्लम हो रही है. आजकल तो ऐसे भी आ रहा है कि बच्चे टीवी और मोबाइल देखने में इतने व्यस्त हो जाते हैं. उनको यह लगता है कि हम पॉटी करने जाएंगे तो वीडियो मिस हो जाएगा. इसके लिए भी पॉटी रोक लेते हैं. ऐसे बहुत कारण हैं, जिनकी वजह से बच्चे पॉटी को रोककर रखते हैं.

पेट दर्द और ज्यादा देर टॉयलेट कब्ज के संकेत

माता-पिता कैसे पहचानें कि बच्चा पॉटी रोक रहा है. इसके क्या संकेत होते हैं. इस पर डॉ. अर्जुन मारिया बताते हैं कि अगर बच्चे के पेट में दर्द हो रहा है, अगर वह नाभि के आसपास पकड़कर बोल रहा है कि पेट में दर्द है और वह दर्द पॉटी करने से ठीक हो जाता है, तो यह एक लक्षण हो सकता है कि उसको कब्ज है. उसके कारण उसको दर्द हो रहा है. अगर बच्चा एक या दो दिन तक पॉटी नहीं करता या घंटा-आधा घंटा वॉशरूम में बैठा हुआ है और बाहर नहीं निकल रहा, तो यह भी लक्षण है कि उसको कब्ज है. अगर उसकी पॉटी में खून आ रहा है या हार्ड और सख्त पॉटी आ रही है, तो यह भी लक्षण हो सकता है कि उसको कब्ज है.

हार्ड पॉटी से बच्चों को दर्द होता है

कई बच्चे पॉटी करते समय रोते हैं या टॉयलेट जाने से डरते हैं. ऐसे में माता-पिता को क्या करना चाहिए. इस पर डॉ. अर्जुन मारिया बताते हैं कि अगर पॉटी बहुत हार्ड हो जाती है तो जब वह निकलती है, तो पॉटी के रास्ते को छील सकती है. इसलिए बच्चों को दर्द होता है. इसलिए वह और रोककर रखते हैं. ऐसे में बच्चों को सबसे पहले माता-पिता को ट्रेंड करना है. सुबह उठते ही टाइम से उठें. स्कूल का जो टाइम है, उससे एक घंटा पहले उठें. बच्चे को पहले एक से दो गिलास पानी पिलाएं. आधा घंटा या 10 मिनट तक दौड़ाएं, ऐसा प्रेशर बने और उसके बाद पॉटी सीट पर बैठाएं. फिर लंच के बाद, दोपहर के खाने के बाद, फिर चाहे पॉटी आ रही हो या नहीं आ रही हो, 10 मिनट पॉटी सीट पर बैठाना है.

रात के खाने के बाद चाहे पॉटी आ रही हो या नहीं आ रही हो, 10 मिनट के लिए पॉटी सीट पर बैठाना है. मैदा और मिर्ची वाली चीजें बच्चों को रोकें. खाने में मैदा और मिर्ची रोक देना है. पिज्जा, चाऊमीन, बर्गर, पास्ता, कुरकुरे और चॉकलेट यह सब कुछ नहीं देना है. सेब, संतरा, गाजर, खीरा यह सब ज्यादा देना है खाने के लिए. खाने का बल बने. पानी खूब पिलाना है. करीबन 5 से 6 गिलास तो पिलाने ही हैं.

एक घंटा दौड़ाना है. चाहे वह स्किपिंग कर रहा है, साइकिलिंग कर रहा है, फील्ड में दौड़ रहा है या पार्क में दौड़ रहा है, इससे भी आंतें चलेंगी. अगर इससे भी ठीक नहीं होता है तो फिर हम दवाइयां देते हैं, ताकि पॉटी थोड़ी नरम हो जाए, थोड़ी सॉफ्ट हो जाए और आंतें तेज-तेज चलें. उसकी भी दवाइयां देते हैं, ताकि बच्चे को कब्ज न हो.

बार बार दर्द हो तो डॉक्टर को जरूर दिखाएं

बच्चे की कब्ज को घर पर कब तक संभाल सकते हैं. कौन-से संकेत दिखें तो तुरंत डॉक्टर को दिखाना चाहिए. इस पर डॉ. अर्जुन मारिया बताते हैं कि अगर मैंने जो चीजें बताई हैं, यदि उससे ठीक नहीं हो रही है तो फिर अस्पताल में बच्चों को लेकर जाएं. अगर बच्चे को बार-बार दर्द हो रहा है, पॉटी करते हुए दर्द हो रहा है तो वह और पॉटी रोककर रखेगा. पॉटी का रास्ता और चौड़ा होता जाएगा, फिर और पॉटी इकट्ठी होगी, फिर और दर्द होगा. अगर साइकिल में बच्चा फंस चुका है तो अस्पताल लाकर जब तक हम दवाइयां नहीं देंगे, तब तक बच्चा ठीक नहीं होगा. अगर पॉटी इतनी हार्ड हो गई है कि पॉटी के रास्ते को छील दिया है या मस्सा बन गया है, तो भी उसे अस्पताल में लाना पड़ेगा.

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